शादी के 9 साल बाद पत्नी हर महीने बैंक जाती थी, पति ने एक दिन पीछा किया तो लॉकर से निकला ऐसा सामान जिसने पूरे परिवार को चौंका दिया


 वाराणसी में रहने वाले 39 वर्षीय दीपक की शादी को नौ साल हो चुके थे। पत्नी सुनीता पिछले करीब एक साल से हर महीने की 20 तारीख को बैंक जाती थी। वह हमेशा अकेली जाती और लौटने के बाद पति के सवालों को टाल देती।

दीपक ने कई बार पूछा कि आखिर हर महीने एक ही दिन बैंक जाने की क्या वजह है। सुनीता का जवाब होता, “जरूरी कागजात का काम है।”

एक दिन दीपक ने उसका पीछा करने का फैसला किया।

सुनीता सीधे बैंक पहुंची और कुछ औपचारिकताओं के बाद लॉकर रूम की तरफ चली गई। दीपक बाहर बैठा रहा। करीब 40 मिनट बाद सुनीता बाहर आई और उसके हाथ में एक छोटा सा पुराना कपड़े का बैग था।

घर लौटने के बाद दीपक ने आखिरकार उससे सवाल कर दिया।

सुनीता ने पहले बात टालने की कोशिश की, लेकिन दीपक के बार-बार पूछने पर उसने बैग खोल दिया।

अंदर कुछ पुराने कागजात, एक छोटी डायरी, कई तस्वीरें और एक पुरानी चाबी थी।

दीपक ने तस्वीरें देखीं तो उनमें उसकी पत्नी के साथ एक बुजुर्ग महिला दिखाई दे रही थी।

उसने पूछा, “ये कौन हैं?”

सुनीता ने बताया कि वह उसकी मां की बचपन की करीबी सहेली थीं। करीब 12 साल पहले उनकी मौत हो गई थी।

दीपक ने पूछा, “फिर उनकी तस्वीरें और ये चाबी तुम्हारे लॉकर में क्यों हैं?”

सुनीता ने जो कहानी बताई, उसने पूरे मामले को बदल दिया।

उस बुजुर्ग महिला ने अपनी मौत से पहले सुनीता को कुछ दस्तावेज सुरक्षित रखने के लिए दिए थे। उनमें उनके परिवार की जमीन और एक पुराने बैंक खाते से जुड़े कागजात थे।

लेकिन सबसे अहम बात यह थी कि उन दस्तावेजों में एक ऐसी संपत्ति का उल्लेख था, जिसे वर्षों पहले किसी और के नाम कर दिया गया था।

सुनीता को कुछ महीने पहले पता चला था कि उस संपत्ति का असली मालिकाना हक अभी भी उसके परिवार से जुड़ा हुआ था। इसलिए वह हर महीने बैंक जाकर दस्तावेजों को सुरक्षित रखती थी और मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही थी।

लेकिन डायरी के आखिरी पन्ने पर लिखा एक नाम देखकर दीपक चौंक गया।

वह नाम सुनीता के अपने मामा का था।

डायरी में लिखा था कि वर्षों पहले संपत्ति के कागजात बदलने की कोशिश की गई थी और परिवार के ही एक सदस्य को इसकी जानकारी थी।

दीपक को अब समझ आया कि पत्नी हर महीने बैंक क्यों जाती थी।

वह किसी से छिपकर मिलने नहीं जाती थी, बल्कि अपने परिवार की वर्षों पुरानी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखने और सच्चाई सामने लाने की कोशिश कर रही थी।

मामला बाद में कानूनी जांच तक पहुंचा और पुराने दस्तावेजों की जांच शुरू हुई।

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