प्यार के लिए परिवार छोड़कर की शादी, दो बच्चों की मां बनी महिला को पति ने दिया धोखा, 4 साल के अफेयर का खुलासा होने पर मांगी सलाह
कभी-कभी इंसान किसी रिश्ते को पाने के लिए अपने परिवार, अपनों और समाज की नाराजगी तक झेल लेता है। उसे लगता है कि जिस व्यक्ति के लिए उसने इतनी कुर्बानियां दी हैं, वह जिंदगी भर उसका साथ निभाएगा। लेकिन जब उसी रिश्ते में भरोसा टूटता है, तो बीते फैसलों और भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हो जाते हैं। ऐसी ही कहानी एक महिला ने साझा की है, जिसने प्रेम विवाह के लिए अपना परिवार छोड़ दिया था। आज वह दो बच्चों की मां है, लेकिन पति के कथित प्रेम संबंध का पता चलने के बाद खुद को असहाय महसूस कर रही है।
महिला ने अपनी पहचान उजागर किए बिना अपनी कहानी साझा की और लोगों से पूछा कि क्या उसे अपने पति को एक और मौका देना चाहिए या फिर इस रिश्ते को लेकर कोई दूसरा फैसला करना चाहिए।
आठवीं तक पढ़ा था प्रेमी, फिर भी उससे कर लिया प्यार
महिला के मुताबिक, कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसे एक लड़के से प्यार हो गया था। वह लड़का आठवीं कक्षा तक पढ़ा था और अपने भाई-भाभी की दुकान पर काम करता था। दूसरी ओर, महिला स्नातक के पहले वर्ष में पढ़ रही थी और अपनी बड़ी बहन के घर रहकर पढ़ाई करती थी।
दोनों के घर आसपास थे। महिला का कहना है कि लड़के की सादगी और उसके व्यवहार ने उसका दिल जीत लिया था। दोनों के बीच बातचीत इतनी बढ़ गई कि वे एक-दूसरे से दूर रहने की कल्पना भी नहीं कर पाते थे। हालांकि, उन्हें अंदाजा था कि परिवार इस रिश्ते को आसानी से स्वीकार नहीं करेगा।
कुछ समय बाद लड़के ने उससे शादी करने की बात कही। उसने आशंका जताई कि परिवार उनकी शादी के लिए राजी नहीं होगा और दोनों को खुद ही फैसला लेना पड़ेगा। काफी सोच-विचार के बाद महिला ने उससे शादी करने का निर्णय लिया।
शादी के बाद भी परिवार से छिपाकर रखी बात
महिला के अनुसार, दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। इसके बाद वे अपने-अपने घर लौट गए और पहले की तरह संपर्क में रहने लगे। करीब एक महीने बाद जब महिला के लिए दूसरा रिश्ता आया, तो उसने अपने परिवार को प्रेम संबंध के बारे में बता दिया। हालांकि, उसने अपनी शादी की बात उस समय छिपाए रखी।
रिश्ते की जानकारी मिलते ही परिवार में विवाद शुरू हो गया। महिला का आरोप है कि उसकी मां, बहन और जीजा ने उसे कमरे में बंद कर पीटा। उस पर प्रेमी से संबंध तोड़ने का दबाव बनाया गया और धार्मिक ग्रंथ पर हाथ रखकर दोबारा संपर्क नहीं करने की कसम खिलाई गई।
महिला के मुताबिक, परिवार के सदस्य उसका फोन और सिम कार्ड भी अपने साथ ले गए। इसके बावजूद उसने अपनी छोटी बहन के फोन से पति को पूरी बात बताई। बाद में पति ने उसे एक साधारण बटन वाला फोन दिया, जिससे दोनों छिपकर संपर्क करते रहे।
आखिरकार परिवार छोड़कर पति के साथ चली गई
महिला बताती है कि शुरुआत में वह घर से भागने के पक्ष में नहीं थी। लेकिन पति के बार-बार समझाने और परिवार से शादी स्वीकार किए जाने की उम्मीद कम होने के कारण उसने घर छोड़ने का फैसला कर लिया।
वह पति के साथ चली गई और दोनों कुछ समय के लिए उसके रिश्तेदार के घर रहे। बाद में जब वह पति के घर पहुंची, तो वहां की आर्थिक स्थिति देखकर उसे बड़ा झटका लगा। परिवार के पास रहने के लिए अच्छा घर तक नहीं था। फिर भी उसने अपने फैसले को स्वीकार करते हुए नई जिंदगी शुरू की।
कुछ समय बाद पति काम की तलाश में ढाका चला गया। धीरे-धीरे दोनों का वैवाहिक जीवन आगे बढ़ा और उनके दो बच्चे हुए। महिला के मुताबिक, वह इतने वर्षों तक यही मानती रही कि उसका पति उससे पहले की तरह प्यार करता है और दोनों का रिश्ता भरोसे पर टिका है।
चार साल से दूसरी लड़की से संबंध रखने का आरोप
महिला का कहना है कि हाल ही में उसे पति के व्यवहार में बदलाव महसूस हुआ। जब उसने इसकी वजह जानने की कोशिश की, तो उसे कथित तौर पर पता चला कि उसका पति पिछले चार साल से दूसरी लड़की के संपर्क में था और दोनों के बीच प्रेम संबंध था।
महिला के अनुसार, उसने उस लड़की से भी बात की। लड़की ने कथित तौर पर बताया कि उसे पति की शादी के बारे में जानकारी नहीं थी और वह उसे अविवाहित समझती थी। महिला का कहना है कि दोनों की कभी आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई थी और वे केवल फोन पर बात करते थे।
मामला सामने आने के बाद पति ने महिला से माफी मांगी। लेकिन इतने वर्षों के रिश्ते और दो बच्चों के साथ जुड़ी जिम्मेदारियों के बीच महिला के लिए यह तय करना आसान नहीं है कि वह पति पर दोबारा भरोसा कर पाएगी या नहीं।
अब क्या पति को एक और मौका देना चाहिए?
महिला के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उसे पति की माफी स्वीकार करके रिश्ते को एक और मौका देना चाहिए। एक ओर उसके साथ बिताए वर्षों की यादें और दो बच्चों का भविष्य है, तो दूसरी ओर विश्वास टूटने का दर्द और भविष्य में दोबारा ऐसा होने की आशंका।
ऐसी स्थिति में किसी भी फैसले के लिए जल्दबाजी करना जरूरी नहीं है। माफी मांगना और वास्तव में अपनी गलती की जिम्मेदारी लेना अलग-अलग बातें हैं। महिला चाहे तो पति से स्पष्ट बातचीत करके यह समझने की कोशिश कर सकती है कि क्या वह अपने व्यवहार में बदलाव लाने और रिश्ते में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तैयार है।
बच्चों का भविष्य महत्वपूर्ण है, लेकिन केवल बच्चों की खातिर किसी को अपमान या लगातार मानसिक तनाव सहते रहने के लिए मजबूर भी नहीं किया जाना चाहिए। महिला को अपने भावनात्मक और आर्थिक हालात पर विचार करने, किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करने और जरूरत पड़ने पर पेशेवर परामर्श लेने का समय मिलना चाहिए।
फिलहाल महिला ने अपनी कहानी साझा करते हुए लोगों से सलाह मांगी है। उसकी दुविधा यही है कि जिस व्यक्ति के लिए उसने अपने परिवार से दूरी बना ली थी, क्या उसे अपनी शादी बचाने के लिए एक और मौका देना चाहिए या टूटे हुए भरोसे को देखते हुए कोई दूसरा रास्ता चुनना चाहिए।
यह कहानी महिला के साझा किए गए अनुभव पर आधारित है। इसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
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