प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ा एक और मामला चर्चा में, 16 साल के अनुज को खोजते हुए धरने पर बैठा परिवार, बहन ने पूछा- हमारा भाई कहां है?

 

प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर धरने पर बैठा परिवार, 16 साल के अनुज की तलाश में उठाए सवाल; 10 साल के बच्चे को खोजती मां भी पहुंची वृंदावन

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से जुड़े श्रीराधा केली कुंज आश्रम को लेकर एक और मामला सामने आया है। हाथरस के सादाबाद क्षेत्र के रहने वाले एक परिवार ने अपने 16 वर्षीय बेटे अनुज चौधरी की तलाश में आश्रम के बाहर धरना दिया। परिवार का आरोप है कि अनुज करीब तीन महीने पहले प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटा। परिजन का कहना है कि आश्रम पहुंचने पर उन्हें बेटे से मिलने नहीं दिया गया।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब प्रेमानंद महाराज के एक शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत की जांच चल रही है। हालांकि, दोनों मामलों को अलग-अलग समझना जरूरी है। अनुज के परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

16 साल के अनुज की तलाश में आश्रम पहुंचा परिवार

परिवार के मुताबिक, अनुज चौधरी हाथरस जिले के सादाबाद क्षेत्र के गांव बरामनी का रहने वाला है। उसके पिता राजवीर चौधरी का कहना है कि अनुज ने 26 जून को प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। इसके बाद वह घर लौट आया था। फिर 3 जुलाई को वह प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने की बात कहकर घर से निकला, लेकिन वापस नहीं आया।

बेटे के घर न लौटने पर परिजन ने उसकी तलाश शुरू की। परिवार का कहना है कि वे अनुज को खोजते हुए श्रीराधा केली कुंज आश्रम पहुंचे, लेकिन वहां बेटे से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद 2 अक्टूबर को राजवीर चौधरी गांव के अन्य लोगों के साथ आश्रम पहुंचे। परिजन और ग्रामीण आश्रम के बाहर धरने पर बैठ गए।

परिवार की मांग है कि उन्हें अनुज से मिलवाया जाए और उसकी मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी जाए।

चार बहनों का इकलौता भाई है अनुज

अनुज की बहन शीतल के मुताबिक, अनुज चार बहनों का इकलौता भाई है। परिवार उसकी सुरक्षा को लेकर परेशान है। परिजनों का कहना है कि वे केवल यह जानना चाहते हैं कि अनुज कहां है और सुरक्षित है या नहीं।

परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि आश्रम पहुंचने के बावजूद उन्हें अनुज से मिलने का अवसर नहीं मिला। हालांकि, आश्रम प्रबंधन का विस्तृत पक्ष और इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आई है।

10 साल के बेटे को खोजती मां भी पहुंचीं

इसी दौरान दिल्ली के नजफगढ़ की रहने वाली अनिता चौधरी भी अपने 10 वर्षीय बेटे वंश की तलाश में केली कुंज पहुंचीं। अनिता के अनुसार, वह अगस्त में अपने बेटे के साथ आश्रम के पास एक ढाबे पर खाना बनाने के लिए आई थीं। उनका कहना है कि कुछ दिनों बाद वह दो दिन के लिए घर गई थीं। वापस लौटने पर उन्हें बेटा वहां नहीं मिला।

अनिता को आशंका है कि उनका बेटा केली कुंज में हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें आश्रम से जुड़े सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग नहीं दिखाई जा रही। उन्होंने पुलिस से शिकायत करने की बात भी कही है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी से यह पुष्टि नहीं होती कि वंश आश्रम में है या नहीं। उसकी तलाश और परिवार की शिकायत से जुड़ी जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत की जांच जारी

इससे पहले प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की 25 सितंबर को वृंदावन में मौत हो गई थी। खबरों के मुताबिक, वह गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से गिर गए थे और अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

इस मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। संबंधित लोगों और परिवार के बयान भी लिए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के आधार पर मौत के कारणों को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

अब परिवार को बेटे की जानकारी मिलने का इंतजार

अनुज के परिवार की मुख्य मांग है कि उन्हें अपने बेटे से मिलवाया जाए और उसकी सुरक्षा को लेकर स्पष्ट जानकारी दी जाए। वहीं, अनिता चौधरी भी अपने बेटे वंश की तलाश कर रही हैं।

इन मामलों में बच्चों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए पुलिस की जांच, परिवारों की शिकायतें और उपलब्ध सीसीटीवी रिकॉर्ड महत्वपूर्ण हो सकते हैं। साथ ही, आरोपों की पुष्टि होने से पहले किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना उचित नहीं है।

फिलहाल परिवार अपने बच्चों की जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। मामले में आश्रम प्रबंधन का विस्तृत पक्ष और पुलिस की जांच से जुड़ी पुष्ट जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

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