अस्पताल में बच्चे की किलकारी के कुछ घंटे बाद मां की मौत, तेज DJ को लेकर परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई और इलाज के लिए मेरठ ले जाते समय उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने महिला की हालत बिगड़ने के पीछे अस्पताल के बाहर से गुजर रही यात्रा में बज रहे तेज डीजे की आवाज को जिम्मेदार बताया है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में डीजे की आवाज और महिला की मौत के बीच चिकित्सकीय संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्टों के मुताबिक मृतका की पहचान 24 वर्षीय यासमीन के रूप में हुई है। वह अपने पति शाहवेज के साथ सरधना के किला क्षेत्र में रहती थीं। प्रसव पीड़ा के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया, जिसके बाद नवजात सुरक्षित बताया गया। शुरुआत में परिवार के मुताबिक मां और बच्चे की हालत ठीक थी।
बताया गया कि प्रसव के करीब कुछ घंटे बाद अस्पताल के बाहर से गणेश विसर्जन यात्रा गुजरी। यात्रा में तेज आवाज में डीजे बज रहा था। परिवार का आरोप है कि डीजे की तेज धमक के दौरान महिला की हालत अचानक बिगड़ गई और उसका रक्तचाप बढ़ गया। इसके बाद उसकी स्थिति गंभीर हो गई और डॉक्टरों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया। परिवार महिला को लेकर मेरठ जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
महिला की मौत के बाद परिवार ने डीजे की तेज आवाज को लेकर सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग करने की बात कही।
अस्पताल ने बताई अलग वजह
इस मामले में अस्पताल संचालिका की ओर से परिवार के दावे से अलग जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल संचालिका ने बताया कि महिला अस्पताल आने के समय ही उच्च रक्तचाप से जूझ रही थी। उपचार के बाद ऑपरेशन किया गया, लेकिन करीब तीन घंटे बाद उसका रक्तचाप फिर बढ़ गया और उसे दौरे पड़ने लगे। अस्पताल की ओर से डीजे की आवाज को रक्तचाप बढ़ने का कारण मानने से इनकार किया गया।
यही वजह है कि फिलहाल महिला की मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण जांच का विषय है। केवल परिजनों के आरोप के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि डीजे की आवाज के कारण ही महिला की मौत हुई।
इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक आयोजनों में तेज ध्वनि और अस्पतालों के आसपास ध्वनि नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, इस मामले में अंतिम निष्कर्ष चिकित्सकीय जांच और उपलब्ध आधिकारिक साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आ सकेगा।
एक तरफ परिवार नवजात के जन्म की खुशी मनाने की तैयारी कर रहा था, दूसरी तरफ कुछ ही घंटों में मां की मौत ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। नवजात के सुरक्षित होने की खबर के बीच सबसे बड़ा दुख यही है कि बच्चे को जन्म देने वाली मां अब उसके साथ नहीं है।
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