उत्तराखंड के देहरादून शहर में 30 वर्षीय आरती अपने पति मनोज और पांच साल की बेटी के साथ रहती थी। आरती की छोटी बहन नेहा 26 साल की थी और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए कुछ महीनों से अपनी बहन के घर रह रही थी। दोनों बहनों के बीच काफी अच्छा रिश्ता था। मनोज भी नेहा को अपनी छोटी बहन की तरह ही मानता था।
शुरुआत में सब कुछ ठीक चलता रहा, लेकिन कुछ समय बाद आरती ने महसूस किया कि मनोज और नेहा दोनों एक-दूसरे से कुछ बातें छिपाने लगे हैं। मनोज घर में मौजूद रहता तो नेहा अक्सर दूसरे कमरे में चली जाती और दोनों के बीच फोन पर भी बातचीत होती रहती। आरती ने एक-दो बार पूछा तो दोनों ने कहा कि वे परीक्षा और नौकरी से जुड़ी बात कर रहे थे।
आरती ने उस समय ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
एक रात मनोज जल्दी सो गया। आधी रात को आरती की आंख खुली तो उसने देखा कि मनोज बिस्तर पर नहीं था। वह कमरे से बाहर आई तो मनोज बालकनी में खड़ा फोन पर बात कर रहा था। आरती को देखते ही उसने फोन काट दिया।
“इतनी रात को किससे बात कर रहे थे?” आरती ने पूछा।
मनोज ने कहा, “ऑफिस का काम था।”
आरती वापस कमरे में आ गई, लेकिन इस बार उसके मन में शक पैदा हो चुका था।
अगले दिन मनोज ऑफिस चला गया। उसका एक पुराना मोबाइल अलमारी में पड़ा था। आरती ने उसे चार्जिंग पर लगाया तो फोन चालू हो गया। फोन में कोई लॉक नहीं था।
आरती ने जैसे ही मैसेज खोले, उसके हाथ कांपने लगे।
कई महीनों से मनोज और नेहा के बीच बातचीत चल रही थी। कुछ मैसेज बेहद निजी थे और उन्हें पढ़कर आरती को लगा कि दोनों के बीच सामान्य जीजा-साली का रिश्ता नहीं रह गया था।
लेकिन तभी एक चैट में ऐसा संदेश मिला जिसने पूरी कहानी पलट दी।
नेहा ने लिखा था—“अगर आपने आज सच नहीं बताया तो मैं खुद पुलिस के पास चली जाऊंगी।”
मनोज का जवाब था—“अभी किसी को कुछ मत बताओ। पहले वो कागज मेरे हाथ लगने दो।”
आरती को समझ नहीं आया कि आखिर कौन-सा कागज दोनों छिपा रहे थे।
उसने नेहा से पूछने का फैसला किया। नेहा पहले तो घबरा गई और बोली कि उसे कुछ नहीं पता। लेकिन जब आरती ने फोन की चैट उसके सामने रखी तो उसकी आंखों में आंसू आ गए।
नेहा ने बताया कि कुछ महीने पहले उसे अपने पिता की पुरानी फाइल में एक दस्तावेज मिला था। उसमें उनकी पैतृक जमीन से जुड़े लेन-देन की जानकारी थी। उसे शक था कि शादी के बाद परिवार के एक रिश्तेदार ने जमीन के कागजों में गड़बड़ी की थी।
मनोज को इस बात की जानकारी पहले से थी।
लेकिन सवाल था कि मनोज ने यह बात आरती से क्यों छिपाई?
नेहा ने बताया कि मनोज ने उससे कहा था कि वह पुराने दस्तावेजों की जांच करने में उसकी मदद करेगा। इसी वजह से दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही। लेकिन बाद में मनोज ने दस्तावेज अपने पास रखने शुरू कर दिए और नेहा को डर लगने लगा कि कहीं वह उनका गलत इस्तेमाल न कर दे।
आरती को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा था।
उसी रात उसने मनोज से सीधे सवाल किया। मनोज ने पहले कहा कि आरती गलत समझ रही है, लेकिन जब उसने पुराने फोन की चैट उसके सामने रखी तो वह चुप हो गया।
मनोज ने स्वीकार किया कि उसने नेहा से कई बातें छिपाई थीं। उसने बताया कि उसके पिता की मृत्यु से पहले एक जमीन का सौदा हुआ था, जिसमें काफी पैसा लगा था। उसे शक था कि उस सौदे में धोखा हुआ है और कुछ असली दस्तावेज नेहा के परिवार के पास हैं।
मनोज उन कागजों की तलाश कर रहा था।
आरती ने पूछा, “तो तुम मेरी बहन से इतनी बातें क्यों करते थे?”
मनोज ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
यही बात आरती को सबसे ज्यादा परेशान कर रही थी।
अगली सुबह नेहा अचानक घर से गायब हो गई। उसका फोन बंद था। उसके कमरे में एक छोटा बैग भी नहीं था। आरती ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने नेहा के फोन की आखिरी लोकेशन निकाली तो वह शहर के बाहरी इलाके में एक पुराने गोदाम के पास मिली।
पुलिस वहां पहुंची तो नेहा अकेली थी। उसके पास एक फाइल थी जिसमें जमीन से जुड़े पुराने कागज रखे थे।
नेहा ने पुलिस को बताया कि उसे मनोज ने फोन करके वहां बुलाया था। वह उससे उन दस्तावेजों के बारे में बात करना चाहता था। लेकिन वहां पहुंचने के बाद नेहा को लगा कि मामला सिर्फ जमीन के कागजों का नहीं है।
पुलिस ने मनोज को भी बुलाकर पूछताछ की।
जांच में पता चला कि मनोज ने नेहा से दस्तावेज हासिल करने के लिए कई महीनों तक उस पर दबाव बनाया था। वह खुद भी एक पुराने संपत्ति विवाद में फंसा हुआ था और उसे डर था कि दस्तावेज सामने आने पर उसका नाम भी मामले में आ सकता है।
लेकिन पुलिस को जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात पता चली।
नेहा और मनोज के बीच जिस चैट को आरती ने प्रेम संबंध समझा था, उसमें वास्तव में कई बातें जमीन और पुराने दस्तावेजों को लेकर थीं। हालांकि दोनों की बातचीत की भाषा ने आरती के मन में शक जरूर पैदा किया था और मनोज ने भी कई बातें अपनी पत्नी से छिपाई थीं।
पुलिस ने दस्तावेज जब्त कर लिए और पुराने जमीन सौदे की जांच शुरू कर दी।
पूरे मामले के बाद आरती के लिए सबसे मुश्किल बात यह थी कि उसने अपनी छोटी बहन और पति दोनों पर भरोसा किया था। उसे लगा था कि शायद उसके घर में ऐसा रिश्ता चल रहा है जिसके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं, लेकिन असली कहानी में जमीन, पुराने दस्तावेज और परिवार से छिपाए गए कई राज शामिल थे।
नेहा ने अपनी बहन से माफी मांगी और कहा कि उसे शुरू में ही पूरी बात बता देनी चाहिए थी। मनोज ने भी माना कि उसने सच छिपाकर बड़ी गलती की।
एक दूसरे फोन में मिली कुछ चैट ने पूरे परिवार के बीच शक की ऐसी दीवार खड़ी कर दी थी कि रिश्ते टूटने की नौबत आ गई थी। लेकिन पुलिस की जांच के बाद सामने आया कि उन संदेशों के पीछे सिर्फ एक संदिग्ध रिश्ता नहीं बल्कि पुरानी जमीन और करोड़ों के संभावित विवाद का राज भी छिपा था।
Post a Comment