इंदौर में रहने वाले 34 वर्षीय अंकित की शादी पायल से पांच साल पहले हुई थी। दोनों का जीवन सामान्य चल रहा था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से अंकित को लग रहा था कि पायल उससे कोई बात छिपा रही है।
एक रात करीब साढ़े ग्यारह बजे अंकित पानी लेने के लिए उठा। जैसे ही वह पायल के कमरे के पास पहुंचा, अंदर से किसी पुरुष की धीमी आवाज सुनाई दी।
अंकित कुछ सेकंड दरवाजे के बाहर खड़ा रहा।
उसने अचानक दरवाजा खोल दिया।
कमरे में पायल अकेली थी।
अंकित ने पूछा, “किससे बात कर रही थी?”
पायल ने कहा कि वह फोन पर किसी से बात नहीं कर रही थी।
अंकित को यकीन नहीं हुआ।
उसने कमरे की तलाशी ली, लेकिन वहां कोई नहीं था। तभी उसकी नजर बिस्तर के नीचे पड़े एक कागज पर गई।
वह रेलवे का टिकट था।
टिकट भोपाल से जयपुर का था।
अंकित ने पूछा कि पायल जयपुर कब गई थी।
पायल ने साफ कहा कि वह पिछले छह महीनों में जयपुर गई ही नहीं।
अंकित ने टिकट की तारीख देखी।
वह तारीख सिर्फ दो दिन बाद की थी।
अब शक और गहरा गया।
अगले दिन अंकित ने पायल के फोन में कुछ पुराने संदेश देखे। एक नंबर से सिर्फ एक लाइन बार-बार भेजी गई थी—
“इस बार तुम अकेली नहीं आओगी।”
अंकित ने नंबर पर कॉल किया।
फोन बंद था।
उसने पायल से फिर सवाल किया तो उसने आखिरकार बताया कि उसका कॉलेज का पुराना दोस्त समीर कुछ महीने पहले दोबारा उसके संपर्क में आया था।
समीर ने उससे मिलने की कोशिश की थी, लेकिन पायल ने मना कर दिया था।
अंकित ने पूछा कि फिर जयपुर का टिकट किसका है।
पायल के पास कोई जवाब नहीं था।
दो दिन बाद टिकट पर लिखी ट्रेन के समय से कुछ घंटे पहले पायल अचानक घर से गायब हो गई।
अंकित ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने स्टेशन के कैमरों की जांच की। फुटेज में पायल दिखाई दी, लेकिन उसके साथ कोई युवक नहीं था।
वह अकेली प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी।
कुछ देर बाद एक बुजुर्ग व्यक्ति उसके पास आया और उसे एक लिफाफा देकर चला गया।
पुलिस ने उस व्यक्ति को तलाश लिया।
उसने बताया कि उसे यह लिफाफा एक अनजान व्यक्ति ने पायल तक पहुंचाने के लिए दिया था।
लिफाफे के अंदर एक पुरानी फोटो थी।
फोटो में पायल, समीर और एक तीसरा व्यक्ति दिखाई दे रहे थे।
पीछे एक तारीख लिखी थी—आठ साल पुरानी।
जांच में सामने आया कि आठ साल पहले जयपुर में एक सड़क दुर्घटना हुई थी, जिसमें समीर के परिवार का एक सदस्य गंभीर रूप से घायल हुआ था। उस घटना के बाद परिवार के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था।
पायल उस घटना की गवाह थी।
समीर अब चाहता था कि वह पुरानी घटना के असली दस्तावेज पुलिस को दे।
लेकिन जिस व्यक्ति ने पायल को जयपुर बुलाया था, उसका मकसद कुछ और था।
पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि किसी ने पुराने मामले से जुड़े दस्तावेज हासिल करने के लिए पायल को डराना शुरू किया था।
अंकित को लगा था कि उसकी पत्नी उससे अपना पुराना प्रेम छिपाकर जयपुर जा रही है।
लेकिन असल में वह आठ साल पुराने एक रहस्य की गवाह थी, और कोई व्यक्ति उस रहस्य को हमेशा के लिए दबाना चाहता था।
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