किसान के खेत में खरबूजे देखकर गीदड़ के मुंह में आया पानी, लेकिन रखवाली की बात सुनते ही बोला—“तू खेती कर रहा है या रो रहा है?”

एक किसान अपने खेत में हल चला रहा था। मौसम अच्छा था और वह बड़े मन से खेत तैयार करने में लगा हुआ था। थोड़ी देर बाद उसने अपनी बीजों की थैली खोली और बाजरे के बीज खेत में डालने लगा।

तभी उधर से एक गीदड़ निकला। उसकी नजर किसान पर पड़ी तो वह वहीं रुक गया और बड़ी मासूमियत से पूछ बैठा—

“अरे किसान भाई, आज क्या बो रहे हो?”

किसान ने कहा, “बाजरा बो रहा हूं।”

गीदड़ ने तुरंत अगला सवाल दाग दिया—

“अच्छा! लेकिन बाजरे के बीच कुछ खरबूजे भी लगाओगे या नहीं?”

किसान बोला, “क्यों नहीं भाई! हर साल की तरह इस बार भी खेत के बीचों-बीच खरबूजे लगाऊंगा।”

यह सुनते ही गीदड़ के मन में लड्डू फूटने लगे। लेकिन उसने अपनी खुशी चेहरे पर नहीं आने दी। थोड़ा सोचने के बाद बोला—

“अच्छा किसान भाई, खेत के चारों तरफ बाड़ भी करोगे?”

किसान ने कहा, “नहीं भाई, बाड़ नहीं करूंगा। बच्चे खरबूजे लेने आएंगे तो कांटों में उलझ जाएंगे और उन्हें चोट लग सकती है।”

गीदड़ के मन में खुशी और बढ़ गई।

उसने फिर पूछा, “तो फिर खरबूजों की रखवाली के लिए किसी को रखोगे?”

किसान बोला, “हां, मेरी मां रखवाली करेगी। उन्हें कम दिखाई देता है, लेकिन वह कहती हैं कि तुम दूसरे खेतों का काम निपटाओ, मैं यहीं बैठकर रखवाली कर लूंगी।”

अब तो गीदड़ मन ही मन नाचने लगा।

उसने सोचा—“वाह! इससे बढ़िया मौका तो हो ही नहीं सकता। बूढ़ी अम्मा को दिखाई भी कम देता है। रात में आराम से खेत में घुसूंगा और खरबूजे खाकर निकल जाऊंगा।”

लेकिन गीदड़ पूरी तरह निश्चिंत होना चाहता था। इसलिए उसने आखिरी सवाल किया—

“अच्छा किसान भाई, ताई अकेली आएंगी या कोई और भी उनके साथ रहेगा?”

किसान ने बड़ी सहजता से जवाब दिया—

“हां, भाई! हमारे साथ झबरू कुत्ता भी आएगा।”

इतना सुनते ही गीदड़ के चेहरे की सारी खुशी गायब हो गई।

उसने मन ही मन कहा—

“अरे! किसान ने तो सारी योजना ही चौपट कर दी। अम्मा को दिखाई कम देता है, लेकिन झबरू तो मुझे खेत में घुसने भी नहीं देगा। और अगर गलती से अंदर घुस गया तो पूंछ पकड़कर बाहर खींच लाएगा!”

गीदड़ ने बिना देर किए वहां से खिसकना ही बेहतर समझा।

जाते-जाते किसान की ओर देखकर बोला—

“तू खेती कर रहा है या रो रहा है?”

किसान उसकी बात समझकर मुस्कुराने लगा। गीदड़ अपनी अधूरी योजना लेकर वहां से चलता बना।

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