उठने-बैठने और सीढ़ियां चढ़ने में घुटने दे रहे हैं जवाब? जानिए कारण, राहत के तरीके और किन नुस्खों से रहें सावधान
अगर कुर्सी से उठते समय घुटनों में दर्द होता है, सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी होती है या कुछ देर बैठने के बाद घुटने अकड़े हुए महसूस होते हैं, तो इसे केवल बढ़ती उम्र या कैल्शियम की कमी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। घुटने का दर्द कई कारणों से हो सकता है और उनमें ऑस्टियोआर्थराइटिस भी एक आम कारण है। इसमें दर्द, अकड़न, सूजन और जोड़ को हिलाने में परेशानी हो सकती है।
सोशल मीडिया और घरेलू स्वास्थ्य सामग्री में घुटनों के दर्द के लिए मेथी दाना, हरसिंगार, तेल की मालिश और खाने वाले चूने जैसे कई नुस्खे बताए जाते हैं। इनमें से कुछ चीजें पारंपरिक चिकित्सा में इस्तेमाल होती रही हैं, लेकिन किसी एक घरेलू उपाय को हर तरह के घुटने के दर्द का इलाज या बीमारी को “जड़ से खत्म” करने वाला उपाय कहना सही नहीं है।
घुटनों में दर्द आखिर क्यों होता है?
ऑस्टियोआर्थराइटिस में जोड़ के भीतर मौजूद ऊतकों और उपास्थि में समय के साथ बदलाव हो सकते हैं। इसके कारण दर्द, अकड़न, सूजन और चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है। अधिक वजन, पहले लगी चोट, बार-बार जोड़ पर पड़ने वाला दबाव और उम्र बढ़ने के साथ इसका जोखिम बढ़ सकता है।
हालांकि हर घुटने का दर्द ऑस्टियोआर्थराइटिस नहीं होता। गठिया के दूसरे प्रकार, चोट, मांसपेशियों की कमजोरी या अन्य समस्याएं भी इसका कारण हो सकती हैं। इसलिए लंबे समय से परेशानी रहने पर केवल घरेलू नुस्खे के आधार पर बीमारी तय करना उचित नहीं है।
मेथी दाने का क्या?
मेथी का इस्तेमाल भोजन और पारंपरिक चिकित्सा में लंबे समय से किया जाता है। लेकिन रातभर भिगोई मेथी खाने से घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस का इलाज निश्चित रूप से हो जाएगा, ऐसा मजबूत चिकित्सकीय प्रमाण नहीं है।
इसलिए इसे भोजन का हिस्सा मान सकते हैं, लेकिन घुटने की बीमारी का मुख्य उपचार समझकर डॉक्टर की जांच या व्यायाम-आधारित उपचार को टालना उचित नहीं है।
हरसिंगार और दूसरे घरेलू नुस्खे
हरसिंगार या पारिजात के पत्तों से बना काढ़ा भी जोड़ों के दर्द के लिए इंटरनेट पर बताया जाता है। लेकिन “यह गठिया को ठीक कर देता है” जैसे दावों को प्रमाणित चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
इसी तरह किसी तेल से मालिश करने पर कुछ लोगों को गर्माहट या अस्थायी आराम महसूस हो सकता है, लेकिन इससे जोड़ के अंदर हुए संरचनात्मक बदलाव ठीक हो जाएंगे, यह कहना अलग दावा है।
खाने वाला चूना लेने से पहले सावधान
घुटने के दर्द के लिए पान में इस्तेमाल होने वाले खाने योग्य चूने को दही या अन्य चीजों में मिलाकर खाने की सलाह भी इंटरनेट पर मिलती है। इसे अपनी तरफ से कैल्शियम की दवा समझकर लेना उचित नहीं है।
कैल्शियम की जरूरत व्यक्ति की उम्र, भोजन, स्वास्थ्य और चिकित्सकीय स्थिति पर निर्भर करती है। अत्यधिक कैल्शियम, विशेष रूप से कुछ परिस्थितियों में पूरक के रूप में अधिक मात्रा लेना, गुर्दे की पथरी जैसे जोखिमों से जुड़ सकता है।
इसलिए कैल्शियम की कमी का संदेह हो तो डॉक्टर से जांच और उचित मात्रा की सलाह लेना बेहतर है।
घुटनों के लिए वास्तव में क्या मदद कर सकता है?
ऑस्टियोआर्थराइटिस में नियमित और उचित शारीरिक गतिविधि उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम और सामान्य फिटनेस बढ़ाने वाली गतिविधियां दर्द और चलने-फिरने की क्षमता में सुधार कर सकती हैं।
अगर वजन अधिक है तो वजन कम करने से घुटनों पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है और दर्द तथा चलने-फिरने में सुधार हो सकता है।
लेकिन व्यायाम का मतलब यह नहीं कि दर्द के बावजूद जबरदस्ती भारी कसरत की जाए। सही व्यायाम का चुनाव व्यक्ति की स्थिति के अनुसार फिजियोथेरेपिस्ट या डॉक्टर की सलाह से करना बेहतर है।
दर्द अधिक होने पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवाएं या कुछ मामलों में लगाने वाली दर्द-निवारक दवाएं भी इस्तेमाल की जा सकती हैं।
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
अगर घुटनों का दर्द लगातार बना हुआ है, सूजन बढ़ रही है, चलने में परेशानी हो रही है, घुटना बार-बार जवाब दे रहा है या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगे हैं तो जांच कराना बेहतर है।
खासकर अगर दर्द अचानक बहुत तेज हो, चोट के बाद शुरू हुआ हो, जोड़ बहुत गर्म और लाल हो या व्यक्ति पैर पर वजन ही न डाल पा रहा हो, तो चिकित्सकीय मूल्यांकन में देरी नहीं करनी चाहिए।
निष्कर्ष: घुटनों के दर्द को केवल “वात” या कैल्शियम की कमी मानना सही नहीं है। मेथी, हरसिंगार या किसी घरेलू नुस्खे से कुछ लोगों को आराम महसूस हो सकता है, लेकिन घुटने की बीमारी का कारण जानना और प्रमाणित उपचार अपनाना ज्यादा महत्वपूर्ण है। नियमित उचित व्यायाम, स्वस्थ वजन और समय पर चिकित्सकीय जांच घुटनों को लंबे समय तक बेहतर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Post a Comment