दुनिया में कई ऐसी दुर्लभ चिकित्सीय स्थितियां हैं, जिन्हें पहली नजर में देखकर लोग रहस्य या चमत्कार समझ लेते हैं। डोमिनिकन रिपब्लिक के लास सालिनास (Las Salinas) इलाके से जुड़ी एक ऐसी ही घटना ने दशकों तक वैज्ञानिकों का ध्यान खींचा है। यहां कुछ बच्चे जन्म के समय बाहरी रूप से लड़कियों जैसे दिखाई देते हैं, लेकिन किशोरावस्था के दौरान उनके शरीर में पुरुषत्व से जुड़े बड़े बदलाव विकसित होने लगते हैं।
स्थानीय तौर पर ऐसे लोगों को “ग्वेवेदोसेस” (Guevedoces) कहा जाता है। यह नाम स्थानीय बोलचाल के एक शब्द से जुड़ा है, जिसका अर्थ लगभग “12 साल की उम्र में पुरुष जननांग का विकसित होना” बताया जाता है। हालांकि सोशल मीडिया पर इसे अक्सर “लड़कियां लड़का बन जाती हैं” जैसे सनसनीखेज अंदाज में पेश किया जाता है, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से मामला इससे काफी अलग और ज्यादा जटिल है।
आखिर ऐसा क्यों होता है?
वैज्ञानिकों के अनुसार, इन मामलों में बच्चे सामान्य अर्थों में जन्म के बाद अपना जैविक सेक्स “बदल” नहीं रहे होते। प्रभावित व्यक्ति आम तौर पर 46,XY क्रोमोसोम वाले जैविक पुरुष होते हैं, लेकिन जन्म के समय उनके बाहरी जननांग पूरी तरह पुरुषों जैसे विकसित नहीं हो पाते। इसलिए कई मामलों में उन्हें लड़की समझ लिया जाता है और उनका पालन-पोषण भी लड़की के रूप में किया जाता है।
इसके पीछे एक दुर्लभ आनुवंशिक स्थिति 5-alpha-reductase type 2 deficiency होती है। इसमें शरीर testosterone को dihydrotestosterone (DHT) में बदलने में पर्याप्त रूप से सक्षम नहीं होता। DHT पुरुष बाहरी जननांगों के सामान्य विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
किशोरावस्था में क्या होता है?
जब बच्चा किशोरावस्था में पहुंचता है, तो testosterone का स्तर बढ़ने लगता है। इसके परिणामस्वरूप शरीर में पुरुषत्व से जुड़े परिवर्तन दिखाई दे सकते हैं—जैसे आवाज का भारी होना, मांसपेशियों का बढ़ना, पुरुष जननांगों का विकसित होना और वृषणों का नीचे आना। इसी वजह से बाहर से देखने पर ऐसा लगता है जैसे कोई लड़की अचानक लड़के में बदल गई हो।
यही असाधारण स्थिति वैज्ञानिकों के लिए लंबे समय तक बेहद महत्वपूर्ण शोध का विषय रही। डोमिनिकन रिपब्लिक के प्रभावित परिवारों पर हुए अध्ययनों ने वैज्ञानिकों को testosterone और DHT की भूमिका समझने में भी मदद की।
क्या यह कोई श्राप है?
नहीं। इसे श्राप या अलौकिक घटना मानने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। यह एक दुर्लभ आनुवंशिक अवस्था है, जो SRD5A2 gene में बदलाव के कारण हो सकती है। ऐसी स्थिति केवल डोमिनिकन रिपब्लिक तक सीमित नहीं है; इसके मामले दुनिया के अन्य हिस्सों में भी पाए गए हैं।
इसलिए इस कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा किसी रहस्यमयी श्राप में नहीं, बल्कि मानव शरीर और आनुवंशिकी की उस जटिल प्रक्रिया में है जिसे वैज्ञानिकों ने दशकों की रिसर्च के बाद समझा।
नोट: मूल वायरल दावे में “12 साल की उम्र में हर लड़की लड़का बन जाती है” कहना सही नहीं है। यह केवल कुछ प्रभावित 46,XY व्यक्तियों में होने वाली दुर्लभ चिकित्सीय स्थिति है, और इसे सामान्य लड़कियों में होने वाला gender change समझना गलत होगा।
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