गुरुग्राम में रहने वाले 36 वर्षीय रोहित की शादी नेहा से छह साल पहले हुई थी। दोनों की जिंदगी सामान्य चल रही थी। नेहा एक निजी कंपनी में काम करती थी और पिछले कुछ महीनों से ऑफिस में उसकी जिम्मेदारियां बढ़ गई थीं।
एक शुक्रवार शाम नेहा ने रोहित से कहा कि कंपनी में पार्टी है और उसे देर हो सकती है।
रात करीब 12 बजे रोहित के फोन पर नेहा की एक तस्वीर आई। तस्वीर उसके ऑफिस के किसी सहकर्मी ने सोशल मीडिया पर डाली थी। तस्वीर में नेहा के साथ एक युवक खड़ा था।
रोहित उस युवक को पहचानता नहीं था।
उसने नेहा को फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठा।
करीब एक घंटे बाद नेहा घर लौटी। रोहित ने तस्वीर दिखाकर पूछा कि युवक कौन है।
नेहा ने बताया कि उसका नाम अमन है और वह कंपनी में कुछ महीने पहले आया है।
रोहित ने ज्यादा सवाल नहीं किए, लेकिन अगले दिन सुबह करीब 7 बजे दरवाजे की घंटी बजी।
बाहर वही अमन खड़ा था।
रोहित हैरान रह गया।
अमन ने कहा, “मुझे आपसे अकेले में बात करनी है।”
उसने जेब से एक लिफाफा निकाला और कहा—
“नेहा ने आपको सिर्फ आधी बात बताई है।”
रोहित ने लिफाफा खोलना चाहा, लेकिन अमन ने उसे रोक दिया।
उसने बताया कि नेहा और वह पिछले कुछ महीनों से एक पुराने मामले की जांच कर रहे थे। कंपनी में काम करने वाले एक पूर्व कर्मचारी ने लाखों रुपये के फर्जी लेनदेन किए थे और उसके कुछ दस्तावेज नेहा के पास पहुंच गए थे।
रोहित को यह सुनकर विश्वास नहीं हुआ।
उसने पूछा कि फिर पार्टी की तस्वीर में दोनों साथ क्यों थे?
अमन ने बताया कि वह नेहा से उसी मामले पर बात कर रहा था।
लेकिन कहानी तब बदल गई जब लिफाफे के अंदर से एक पुरानी तस्वीर निकली।
तस्वीर में नेहा और अमन नहीं, बल्कि नेहा के पिता और कंपनी के पूर्व कर्मचारी दिखाई दे रहे थे।
पीछे तारीख लिखी थी—आठ साल पुरानी।
रोहित ने नेहा से पूरी सच्चाई पूछी।
नेहा ने बताया कि उसके पिता जिस कंपनी में काम करते थे, वहां कई साल पहले वित्तीय गड़बड़ी हुई थी। मामला दब गया था, लेकिन हाल ही में पुराने दस्तावेज सामने आने लगे थे।
अमन उसी मामले की जांच कर रहा था।
पुलिस को सूचना दी गई।
जांच में पता चला कि कंपनी से गायब हुए दस्तावेजों में करोड़ों रुपये के लेनदेन का रिकॉर्ड था। किसी ने पुराने दस्तावेजों को नष्ट करने की कोशिश की थी।
सबसे बड़ा झटका तब लगा जब जांचकर्ताओं को पता चला कि जिस व्यक्ति पर वर्षों पहले शक हुआ था, वह अब उसी शहर में दूसरे नाम से कारोबार कर रहा था।
रोहित को लगा था कि उसकी पत्नी किसी दूसरे युवक से छिपकर रिश्ता चला रही है।
लेकिन असली कहानी में पुराना प्रेम नहीं, बल्कि परिवार और करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले से जुड़ा राज सामने आया।
और अमन के पास मौजूद आखिरी दस्तावेज ने पुलिस को सीधे उस व्यक्ति तक पहुंचा दिया, जो आठ साल से अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।
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