बचपन की दोस्ती बदली प्यार में, फिर एक ने कराया जेंडर ट्रांजिशन और मंदिर में रचा ली शादी, जमुई की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल

 

प्यार के लिए जेंडर ट्रांजिशन से लेकर मंदिर में शादी तक, जमुई की BPSC शिक्षिका की कहानी क्यों बनी चर्चा का विषय?

बिहार के जमुई जिले के लक्ष्मीपुर क्षेत्र से सामने आई एक शादी की कहानी इन दिनों चर्चा में है। मामला एक BPSC से चयनित शिक्षिका और उनकी करीबी रिश्तेदार के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंध से जुड़ा बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शादी से पहले शिक्षिका की साथी ने जेंडर ट्रांजिशन कराया और इसके बाद नए नाम और पुरुष पहचान के साथ दोनों ने मंदिर में विवाह किया।

रिपोर्टों के अनुसार, लक्ष्मीपुर क्षेत्र की रहने वाली नयनश्री कुमारी और उनकी रिश्ते की बहन राखी कुमारी बचपन से एक-दूसरे को जानती थीं। दोनों ने साथ पढ़ाई की और बाद में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान भी साथ रहीं। स्थानीय लोगों और परिजनों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उनका रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया।

BPSC शिक्षक भर्ती में हुआ चयन

रिपोर्टों के मुताबिक, नयनश्री का चयन वर्ष 2025 में BPSC शिक्षक भर्ती के तहत हुआ और वह प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। इसके बाद दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने और साथ रहने का फैसला किया।

जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया

मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि राखी कुमारी ने जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया कराई और बाद में अपना नाम राहुल रखा। कुछ रिपोर्टों में इस प्रक्रिया पर लगभग 8 लाख रुपये खर्च होने तथा उसके लिए लोन लिए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इस आर्थिक विवरण की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सभी स्रोतों में समान रूप से उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसे रिपोर्टों में किया गया दावा ही माना जाना चाहिए।

कुछ रिपोर्टों में दिल्ली के अस्पताल में प्रक्रिया कराए जाने की बात कही गई है, जबकि अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में नाम और अन्य विवरणों में अंतर भी दिखाई देता है। इसलिए इस मामले में आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध होने तक हर विवरण को अंतिम तथ्य मानना उचित नहीं होगा।

मंदिर में हुई शादी

रिपोर्टों के अनुसार, दोनों ने 31 मई 2026 को लक्ष्मीपुर स्थित पटेश्वरनाथ मंदिर में विवाह किया। शादी के दौरान वरमाला, सिंदूरदान और सात फेरों सहित हिंदू रीति-रिवाजों की रस्में निभाए जाने की बात सामने आई है। शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया।

परिवार को बाद में मिली जानकारी

कुछ मीडिया रिपोर्टों में राखी/राहुल के परिवार के सदस्यों के हवाले से कहा गया है कि उन्हें शादी की पहले से जानकारी नहीं थी। रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार को बाद में दोनों के विवाह के बारे में पता चला, जिसके बाद मामला इलाके में चर्चा का विषय बन गया।

बाद की एक रिपोर्ट में राहुल और नयनश्री की ओर से यह कहा गया कि यह उनका निजी फैसला है और लोगों को बिना पूरी जानकारी के उनके बारे में निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें प्रेम संबंध, जेंडर ट्रांजिशन और पारिवारिक रिश्ते—तीनों पहलू एक साथ जुड़े हुए हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर कई तरह के दावे और टिप्पणियां की जा रही हैं, लेकिन व्यक्तिगत जीवन से जुड़े मामलों में संबंधित लोगों की निजता का सम्मान करना जरूरी है।

इस कहानी को लेकर अलग-अलग लोगों की अलग राय हो सकती है, लेकिन किसी व्यक्ति की लैंगिक पहचान या निजी रिश्ते को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करने के बजाय उपलब्ध तथ्यों और संबंधित लोगों के अपने बयानों को ही आधार बनाना उचित होगा।

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