शौच करते समय तेज दर्द और चमकीला लाल खून आए तो इसे सिर्फ बवासीर न समझें, फिशर और फिस्टुला में छिपा हो सकता है असली कारण


शौच के समय तेज चुभने वाला दर्द, जलन या टॉयलेट पेपर पर चमकीला लाल खून देखकर बहुत से लोग इसे सीधे बवासीर मान लेते हैं। लेकिन हर बार इसका कारण बवासीर ही हो, यह जरूरी नहीं है। Anal fissure (फिशर) और Anal fistula (फिस्टुला/भगंदर) भी ऐसी परेशानियां पैदा कर सकते हैं, लेकिन दोनों की समस्या अलग होती है और उनका इलाज भी एक जैसा नहीं होता।

फिशर और फिस्टुला में क्या अंतर है?

Anal fissure गुदा के आसपास की त्वचा में होने वाली एक छोटी दरार या कट जैसी समस्या है। इसमें खासकर शौच करते समय तेज दर्द, चुभन या जलन हो सकती है। कई लोगों में शौच के बाद भी कुछ समय तक दर्द बना रहता है और टॉयलेट पेपर पर चमकीले लाल रंग का खून दिखाई दे सकता है।

वहीं Anal fistula में गुदा के पास एक असामान्य रास्ता या ट्रैक बन सकता है। इसमें लगातार या बार-बार दर्द, सूजन, गांठ और गुदा के आसपास से पस या रक्त जैसा रिसाव जैसी समस्या हो सकती है।

इसलिए सिर्फ लक्षण देखकर खुद ही यह तय करना सही नहीं है कि समस्या फिशर है, फिस्टुला है या बवासीर।

शुरुआत में घर पर किन बातों का ध्यान रखें?

अगर कब्ज या कठोर मल की वजह से परेशानी बढ़ रही है, तो कुछ सामान्य सावधानियां मददगार हो सकती हैं।

फाइबर बढ़ाएं:
अपने भोजन में फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज जैसे फाइबर वाले खाद्य पदार्थ शामिल करें। इसका उद्देश्य मल को नरम रखने में मदद करना है।

पर्याप्त पानी पिएं:
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की आदत रखें, खासकर अगर आपको कब्ज की समस्या रहती है।

गुनगुने पानी में बैठें:
कुछ लोगों को Sitz bath यानी गुनगुने पानी में कुछ देर बैठने से दर्द और जलन में आराम मिल सकता है।

शौच के समय ज्यादा जोर न लगाएं:
जोर लगाने से गुदा के आसपास की समस्या बढ़ सकती है। शौच की इच्छा को लंबे समय तक रोककर रखना भी ठीक नहीं है।

फिस्टुला को हल्के में न लें

फिशर कई मामलों में कब्ज को नियंत्रित करने और उचित देखभाल से ठीक हो सकता है। लेकिन Anal fistula आमतौर पर अपने आप ठीक नहीं होता और कई मामलों में डॉक्टर द्वारा की जाने वाली प्रक्रिया या सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

इसी वजह से अगर गुदा के आसपास बार-बार सूजन या गांठ बनती है, पस निकलती है या लगातार रिसाव होता है, तो घरेलू उपायों के भरोसे लंबे समय तक इंतजार नहीं करना चाहिए।

डॉक्टर को कब दिखाना जरूरी है?

अगर खून बार-बार या लगातार आ रहा है, दर्द बहुत तेज है या बढ़ता जा रहा है, गुदा के आसपास सूजन/गांठ है, पस या किसी तरह का रिसाव हो रहा है, बुखार आता है या समस्या बार-बार वापस आती है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

याद रखें—हर गुदा संबंधी दर्द या ब्लीडिंग को बवासीर मान लेना सही नहीं है। सही कारण की पहचान के बाद ही उचित इलाज तय किया जा सकता है।

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