कौआ मक्खन की थैली उठा ले गया तो गाड़ीवान बोला ‘नाश हो गया’, तभी बूढ़ी औरत ने सुनाई अपनी जिंदगी की ऐसी कहानी कि उसकी आंखें खुल गईं

पुराने जमाने में बैलगाड़ियां होतीं थीं वही यातायात का साधन भी थीं। चलते चलते गाड़ियों के पहिए जाम हो जाते थे जिससे बैलों की ताकत ज्यादा लगती और सफर की गति कम हो जाती। इसी तरह एक गाड़ीवान जा रहा था अचानक उसके पहिया जाम हो ग‌ए , तो उसने सोचा क्यों न पहियों को दुरूस्त कर दूं।

बैलगाड़ियों के जमाने में ग्रीस नहीं होता था तो पटसन के पुंजों पर मक्खन लगाकर धुर्रे और पहिए के बीच भरा जाता था तो उसने पहिए खोलकर मक्खन की थैली की तरफ देखा लेकिन एक कौआ उसे उठाकर ले गया था, गाड़ीवान घबरा गया कि बीच रास्ते अब क्या करूंगा अब तो पहिए पहले जैसे भी नहीं चढ़ा सकता, अनायास ही उसके मुंह से निकला कि नाश हो गया।

तभी वहां से एक बुजुर्ग महिला निकली उसने गाड़ीवान को रोते हुए परेशान देखा तो बोली कि बेटा मैं एक अच्छे परिवार की लड़की थी जवान हुई तो अच्छे परिवार में ही शादी हुई, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था शादी के कुछ दिनों बाद ही मेरे पति की मौत हो गई।

उसके बाद मेरे देवर से मेरा विवाह करवाया गया लेकिन कुछ दिनों में ही घर में दरिद्रता आ गई, तंगी इतनी थी कि मेरा देवर घर छोड़कर चला गया, मैंने कुछ दिन उसका इंतजार किया लेकिन जब वह नहीं आया तो मैं भुखे पेट कबतक घर पड़ी रहती। एक दिन घर से निकली तो एक बुजुर्ग मिले उन्हें अपनी आपबीती सुनाई।

बुजुर्ग ने कहा कि बेटी भगवान ने चाहा तो सब ठीक हो जाएगा, मेरा सारा परिवार बीमारी में खत्म हो गया मैं अकेला बचा हूं, घर में किसी चीज की कमी नहीं तुम ऐसा करो कि मेरे घर चलो इससे तुम्हारा भी गुजर बसर हो जाएगा और मुझे भी रोटियां मिल जाएंगी।

मुझे वहां रहते दो साल बीत गए तो एक दिन मुझे मेरा वही देवर जो घर छोड़कर भाग गया था गली से जाता हुआ दिखाई दिया, मैं बड़ी गौर से उसकी तरफ देख रही थी। तभी बुजुर्ग ने कहा कि बेटी एक से बढ़कर एक छैल गाभरू यहां आते हैं मगर तूने कभी आंख उठाकर भी नहीं देखा मगर तू इस भिखारी को इतने गौर से क्यों देख रही है?

मैंने बुजुर्ग से कहा कि पिताजी ये मेरा वही देवर है जिसका मैंने जिक्र किया था। बुजुर्ग ने तभी आवाज देकर मेरे देवर को बुलवाया और उसे न‌ए कपड़े दिए, उसके बड़े बड़े बाल और दाढ़ी कटवाई, नहलाया। उसके बाद उसने मेरे देवर को दो बैल एक गाड़ी दी, साथ ही बहुत सारा अनाज और खर्च का पैसा देकर कहा कि जाओ और दोबारा गृहस्थी शुरू करो।

बुजुर्ग के कहने से मैं अपने देवर के साथ वापस अपने घर लौट आई और उसके बाद हमारे बच्चे हुए, अब देखो मेरे पोते दो को कंधे उठाया है कुछ आगे चल रहे हैं। बेटा हमारे साथ इतना सब गुजर गया तब भी हमारा नाश नहीं हुआ। तो महज कौआ मक्खन उठा ले गया इसीसे तेरा नाश हो गया?

बुढ़िया ने अपने टोकरे से मक्खन निकालकर गाड़ीवान को दिया और अपने रास्ते चली गई।

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