औरंगाबाद : बिहार के औरंगाबाद जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। यहां एक मामा (मां के भाई) और उसकी भांजी (बहन की बेटी) के बीच 2 साल से चल रहे अवैध संबंध ने एक निर्दोष की जान ले ली। जब इस रिश्ते में मामी का भाई (साला) रोड़ा बना, तो भांजे ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
क्या है पूरा मामला?
औरंगाबाद के देव थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली सुमन देवी (40) की शादी रामप्रकाश (45) से हुई थी। सुमन के भाई मनोज (28) की शादी नहीं हुई थी और वह अक्सर अपनी बहन के घर आता-जाता रहता था।
सुमन की बड़ी बहन की बेटी नीतू (22) (जो सुमन की भांजी है) भी पढ़ाई के सिलसिले में सुमन के घर पर ही रहती थी। पिछले 2 सालों से मनोमोज और नीतू के बीच गुप्त संबंध चल रहे थे। दोनों अक्सर देर रात तक फोन पर बातें करते थे और एक-दूसरे से मिलने के लिए तरसते थे।
कैसे खुला राज?
कुछ महीने पहले नीतू की मां (सुमन की बहन) को अपनी बेटी के मोबाइल में कुछ संदिग्ध एसएमएस और फोटो मिले। उसने मामले की गंभीरता को समझा और अपनी बहन सुमन को इस बारे में बताया। सुमन ने अपने पति रामप्रकाश और भाई मनोज को बुलाकर पूछताछ की, लेकिन दोनों ने सफाई देते हुए सब कुछ नकार दिया।
हालांकि, सुमन के साले (पति का साला) संतोष (35) को यह बात बहुत बुरी लगी। उसने नीतू को डांटा और कहा कि अगर उसने मनोज से संबंध नहीं तोड़े, तो वह पूरे गांव में इस बात का ढिंढोरा पीटेगा।
हत्या की साजिश
मनोज को जब यह पता चला कि उसकी भांजी के साथ उसके रिश्ते में संतोष सबसे बड़ी बाधा है, तो उसने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक प्लान बनाया। 10 सितंबर की रात, जब संतोष अपने खेत की रखवाली कर रहा था, तो मनोज और उसके साथियों ने वहां पहुंचकर उसे गोली मार दी।
हत्या के बाद
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को वहीं छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। सुबह जब ग्रामीणों ने संतोष का शव खेत में पड़ा देखा, तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए।
कैसे खुला राज?
पुलिस जांच में पता चला कि संतोष की हत्या से ठीक एक दिन पहले उसका अपने साले मनोज से झगड़ा हुआ था। पुलिस ने मनोज को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर हत्या करना कबूल कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
परिवार में मचा हड़कंप
इस घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया। सुमन देवी ने अपने भाई मनोज पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "हमने उसे भाई मानकर पाला-पोसा, लेकिन उसने हमारी बेटी (नीतू) को बहकाया और फिर मेरे साले की हत्या कर दी।" वहीं, नीतू की मां ने रोते हुए कहा, "मेरी बेटी मासूम है, मनोज ने उसे अपने जाल में फंसाया।"
पुलिस की कार्रवाई
औरंगाबाद पुलिस ने मनोज और उसके दो साथियों के खिलाफ हत्या और षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले की आगे की जांच की जा रही है। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
गांव में सनसनी
इस घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। लोग मामा-भांजी के इस रिश्ते को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कुछ लोग इसे 'कलंक' तो कुछ 'जुनून' बता रहे हैं, लेकिन हर किसी की जुबान पर यही सवाल है—"क्या प्यार के लिए हत्या करना सही है?"
आखिरी हालत
फिलहाल, नीतू को उसके नाना के घर भेज दिया गया है और उसे मानसिक परामर्श के लिए भेजा गया है। मनोज और उसके साथी जेल में बंद हैं और उनका मुकदमा कोर्ट में चल रहा है। परिवार के सदस्य इस घटना से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह घाव इतना गहरा है कि शायद कभी नहीं भरेगा।
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