पीरियड्स यानी मासिक धर्म के दौरान सेक्स को लेकर समाज में आज भी कई तरह की धारणाएं और मिथक मौजूद हैं। कई लोगों को लगता है कि इस दौरान संबंध बनाना पूरी तरह असुरक्षित है, जबकि कुछ लोग यह मान लेते हैं कि पीरियड्स के दौरान गर्भधारण का कोई खतरा नहीं होता। दोनों ही बातों को बिना संदर्भ के सही मानना ठीक नहीं है।
चिकित्सकीय दृष्टि से, यदि दोनों पार्टनर की स्पष्ट सहमति हो, महिला को कोई ऐसी स्वास्थ्य समस्या न हो और उचित सुरक्षा का इस्तेमाल किया जाए, तो पीरियड्स के दौरान सेक्स सामान्यतः किया जा सकता है। हालांकि, इस दौरान कुछ विशेष सावधानियां रखना जरूरी है।
सबसे पहले जरूरी है दोनों की सहमति
पीरियड्स के दौरान हर महिला का अनुभव अलग होता है। किसी को इस समय ज्यादा दर्द, कमजोरी या असहजता हो सकती है, जबकि कुछ महिलाओं को ऐसी कोई परेशानी नहीं होती।
इसलिए संबंध बनाने का फैसला दोनों पार्टनर की स्वैच्छिक और स्पष्ट सहमति से होना चाहिए। अगर महिला दर्द में है, असहज महसूस कर रही है या उसकी इच्छा नहीं है, तो उस पर किसी भी तरह का दबाव नहीं होना चाहिए।
क्या पीरियड्स में गर्भधारण हो सकता है?
यह एक बहुत आम मिथक है कि पीरियड्स के दौरान गर्भधारण नहीं हो सकता।
वास्तव में गर्भधारण की संभावना आमतौर पर कम हो सकती है, लेकिन यह पूरी तरह खत्म नहीं होती। खासकर जिन महिलाओं का मासिक चक्र छोटा होता है या जिनमें ओव्यूलेशन जल्दी हो सकता है, उनमें पीरियड्स के आसपास संबंध बनने से गर्भधारण की संभावना बनी रह सकती है।
इसलिए यदि गर्भधारण नहीं करना चाहते हैं तो पीरियड्स के दौरान भी गर्भनिरोधक का इस्तेमाल जरूरी है।
कंडोम का इस्तेमाल क्यों जरूरी है?
पीरियड्स के दौरान भी कंडोम का इस्तेमाल महत्वपूर्ण है। यह गर्भधारण के जोखिम को कम करने के साथ-साथ यौन संचारित संक्रमण यानी STIs से बचाव में भी मदद करता है।
खासकर अगर दोनों पार्टनर का STI स्टेटस स्पष्ट नहीं है या संक्रमण का कोई जोखिम है, तो कंडोम का इस्तेमाल करना अधिक सुरक्षित विकल्प है।
ध्यान रखें कि कंडोम गर्भावस्था और STI के जोखिम को कम करता है, लेकिन किसी भी सुरक्षा उपाय को 100 प्रतिशत प्रभावी नहीं माना जा सकता।
संक्रमण का भी रखें ध्यान
मासिक धर्म के दौरान रक्त मौजूद होने के कारण कुछ संक्रमणों के फैलने का जोखिम बढ़ सकता है, खासकर यदि किसी पार्टनर को STI हो।
इसलिए व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है। संबंध बनाने से पहले और बाद में हाथ साफ करें और बाहरी जननांग क्षेत्र को साफ रखें।
अगर पहले से खुजली, जलन, दुर्गंध, असामान्य डिस्चार्ज या संक्रमण के अन्य लक्षण मौजूद हैं, तो पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
साफ तौलिया या चादर का इस्तेमाल कर सकते हैं
पीरियड्स के दौरान सेक्स करने पर रक्तस्राव की वजह से बेडशीट गंदी हो सकती है। इसलिए चाहें तो पहले से साफ तौलिया या अतिरिक्त चादर बिछा सकते हैं।
संबंध के बाद इस्तेमाल किए गए तौलिये या चादर को साफ कर लें और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें।
क्या पीरियड्स के दर्द में राहत मिल सकती है?
कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान ऑर्गेज्म के बाद होने वाले मांसपेशियों के संकुचन के कारण ऐंठन या दर्द में अस्थायी राहत महसूस हो सकती है।
कुछ महिलाओं को इससे तनाव कम महसूस हो सकता है और मूड बेहतर लग सकता है।
लेकिन यह अनुभव हर महिला में अलग-अलग होता है। अगर संबंध बनाने से दर्द बढ़ रहा है या असहजता हो रही है, तो इसे जारी रखने की जरूरत नहीं है।
कब संबंध बनाने से बचना बेहतर है?
अगर पीरियड्स के दौरान महिला को बहुत ज्यादा दर्द हो रहा हो, अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा हो या कोई असामान्य समस्या महसूस हो रही हो, तो संबंध बनाने से बचना बेहतर है।
इसी तरह, यदि पहले से कोई वैजाइनल संक्रमण मौजूद है तो पहले उसका उपचार कराना चाहिए।
संबंध बनाने के बाद किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?
अगर संबंध बनाने के बाद इनमें से कोई समस्या दिखाई दे तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है:
- बहुत ज्यादा या असामान्य दर्द
- असामान्य अथवा लंबे समय तक रक्तस्राव
- तेज दुर्गंध वाला डिस्चार्ज
- खुजली या जलन
- बुखार
- संक्रमण जैसे अन्य लक्षण
इन लक्षणों को केवल पीरियड्स का सामान्य हिस्सा मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
UTI से बचाव के लिए क्या करें?
संबंध बनाने के बाद पेशाब करना कुछ महिलाओं में मूत्र मार्ग संक्रमण यानी UTI के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। इसके साथ पर्याप्त पानी पीना और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना भी उपयोगी है।
हालांकि, अगर बार-बार UTI होता है या पेशाब करते समय जलन, दर्द या बार-बार पेशाब आने जैसी समस्या हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
सबसे जरूरी बात
पीरियड्स के दौरान संबंध बनाना अपने आप में सभी महिलाओं के लिए खतरनाक नहीं है। लेकिन इसे सुरक्षित रखने के लिए सहमति, कंडोम/उचित गर्भनिरोधक, स्वच्छता और शरीर के संकेतों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
और सबसे महत्वपूर्ण मिथक याद रखें—पीरियड्स गर्भधारण से पूरी तरह सुरक्षा नहीं देते।
अगर महिला को दर्द, असामान्य रक्तस्राव या संक्रमण के लक्षण हैं, तो संबंध बनाने के बजाय पहले स्वास्थ्य समस्या का कारण जानना और जरूरत पड़ने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
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