फतेहपुर, उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ही परिवार के चाचा और भतीजी ने प्रेम प्रसंग का विरोध होने पर साथ में जहर खाकर आत्महत्या कर ली। दोनों ने सुसाइड नोट में लिखा कि वे एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते और परिवार वालों को उनकी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया।
क्या है पूरा मामला?
फतेहपुर के बिंदकी थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव में रहने वाले रामस्वरूप (60) के बेटे सुरेंद्र (40) की पत्नी की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। सुरेंद्र का 20 साल का बेटा रवि और 18 साल की बेटी सोनी थी। रवि की अपनी चाची (सुरेंद्र की भाभी) से नहीं, बल्कि सोनी (भतीजी) और उसके चाचा सुरेंद्र के बीच ही यह अवैध संबंध था।
दरअसल, पत्नी की मौत के बाद सुरेंद्र अकेला पड़ गया था। उसकी अपनी बेटी सोनी से नजदीकियां बढ़ गईं और धीरे-धीरे यह रिश्ता शारीरिक संबंधों तक पहुंच गया। पिछले 1 साल से दोनों के बीच यह गुप्त संबंध चल रहा था, जिसके बारे में परिवार के किसी और सदस्य को पता नहीं था।
कैसे खुला राज?
कुछ दिनों पहले सुरेंद्र के बड़े भाई रामकुमार (रवि और सोनी के ताऊ) को गांव के कुछ लोगों ने संदेह जताया कि सुरेंद्र और सोनी के बीच कुछ गड़बड़ है। रामकुमार ने मामले की जांच शुरू की और एक दिन उन्होंने सुरेंद्र के मोबाइल में अश्लील फोटो और चैट देख ली। इसके बाद उन्होंने पूरे परिवार को इकट्ठा किया और दोनों को घेर लिया।
परिवार में हंगामा
जब परिवार के अन्य सदस्यों को इस रिश्ते के बारे में पता चला, तो घर में जमकर बवाल हुआ। रवि (सोनी का भाई) ने अपने पिता सुरेंद्र को बेइज्जत करते हुए कहा, "तुमने हमारा सिर कलंक से भर दिया। अब हमारा कोई चेहरा नहीं रहेगा गांव में।" सभी ने सुरेंद्र और सोनी को अलग-अलग कमरों में बंद कर दिया और सुबह पंचायत बुलाने का फैसला किया।
जहर खाकर दी जान
ताऊ रामकुमार ने पुलिस को बताया कि रात करीब 2 बजे जब सभी सो रहे थे, तो सुरेंद्र और सोनी किसी तरह कमरे से निकले और घर में रखे कीटनाशक (जहर) को साथ में पी लिया। सुबह जब परिवार के सदस्यों ने उन्हें बेहोश पाया, तो तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
सुसाइड नोट का खुलासा
मृतकों के पास से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखा था:
"हम दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं। हम इस दुनिया में साथ नहीं रह सकते, लेकिन मौत में ज़रूर साथ रहेंगे। हमारी मौत के लिए पूरा परिवार जिम्मेदार है, जिन्होंने हमारे प्यार को समझने से इनकार कर दिया। किसी और को इसका दोषी न ठहराया जाए।"
पुलिस की कार्रवाई
फतेहपुर पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है, लेकिन परिजनों द्वारा किसी तरह के उत्पीड़न की शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, किसी भी परिजन के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया गया है।
गांव में मातम
इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। लोग सुरेंद्र और सोनी के इस कदम को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कुछ लोग इसे 'मजबूरी' तो कुछ 'गलत फैसला' बता रहे हैं, लेकिन हर किसी की जुबान पर यही सवाल है—"क्या प्यार के लिए जान देना सही है?"
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