पति को लगा पत्नी किसी पुराने प्रेमी से मिल रही है, रात में पीछा करते-करते खेत तक पहुंचा तो वहां अपने ही पिता को देखकर उड़ गए होश


 उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर से लगे एक गांव में 32 वर्षीय दीपक अपनी पत्नी रानी और दो बच्चों के साथ रहता था। दीपक एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करता था और उसके पिता महेंद्र गांव में ही खेती संभालते थे। परिवार बाहर से बिल्कुल सामान्य था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से दीपक को अपनी पत्नी के व्यवहार में बदलाव नजर आने लगा था।

रानी अक्सर रात में फोन पर किसी से धीमी आवाज में बात करती थी। दीपक कमरे में पहुंचता तो वह तुरंत फोन काट देती। कई बार रात के समय उसे किसी अनजान नंबर से कॉल आता और वह घर के बाहर जाकर बात करती। दीपक ने कई बार पूछने की कोशिश की, लेकिन रानी हर बार यही कहती कि वह किसी महिला रिश्तेदार से बात कर रही थी।

दीपक का शक तब और बढ़ गया जब उसने देखा कि रानी के फोन पर एक ही नंबर से लगातार कॉल आ रहे थे। उसने नंबर के बारे में पूछा तो रानी ने कहा कि उसे नहीं पता कि वह कौन है।

एक रात करीब साढ़े दस बजे रानी ने घर से निकलने की तैयारी की। उसने दीपक को बताया कि पड़ोस में रहने वाली एक महिला की तबीयत खराब है और वह थोड़ी देर के लिए वहां जा रही है। दीपक ने उसे जाने दिया, लेकिन कुछ मिनट बाद वह भी चुपचाप उसके पीछे निकल गया।

रानी गली से होते हुए मुख्य सड़क पर पहुंची। वहां कुछ देर बाद एक बाइक आई। बाइक पर बैठे व्यक्ति ने उसे बैठने का इशारा किया। दीपक दूर से यह सब देख रहा था। उसे लगा कि उसका शक सही था और रानी किसी पुराने प्रेमी से मिलने जा रही है।

बाइक गांव से बाहर निकलकर खेतों की तरफ चली गई। दीपक भी दूसरी बाइक से उनका पीछा करने लगा। कुछ देर बाद बाइक एक सुनसान खेत के किनारे जाकर रुक गई।

दीपक ने बाइक रोकी और अंधेरे में आगे बढ़ा। तभी उसने देखा कि रानी जिस आदमी से मिलने आई थी, वह कोई अनजान युवक नहीं बल्कि उसका अपना पिता महेंद्र था।

दीपक के पैरों तले जमीन खिसक गई।

उसने दोनों से पूछा कि वे इतनी रात को यहां क्यों आए हैं। रानी घबरा गई, जबकि महेंद्र कुछ देर तक चुप खड़े रहे। दीपक को लगा कि उसके परिवार में उससे बहुत बड़ा धोखा हो रहा है।

लेकिन कुछ ही मिनटों में सामने आई कहानी ने पूरा मामला बदल दिया।

महेंद्र ने बताया कि खेत के पीछे बने पुराने कमरे में कुछ जरूरी कागज रखे थे। पिछले कई दिनों से उन्हें शक था कि कोई व्यक्ति वहां से दस्तावेज निकालने की कोशिश कर रहा है। रानी को भी इस बात की जानकारी थी और दोनों चुपचाप उस व्यक्ति पर नजर रख रहे थे।

दीपक को फिर भी विश्वास नहीं हुआ। उसने पूछा कि रानी ने उससे यह बात क्यों छिपाई।

रानी ने बताया कि कुछ दिन पहले उसे एक अनजान नंबर से धमकी मिली थी। फोन करने वाले ने कहा था कि अगर उसने जमीन के पुराने कागजों के बारे में किसी को बताया तो उसके बच्चों को नुकसान पहुंचाया जाएगा। डर के कारण उसने यह बात पति से भी छिपा ली थी।

महेंद्र ने आगे बताया कि करीब आठ साल पहले परिवार की जमीन का एक हिस्सा बेचा गया था। उस समय कुछ रकम और दस्तावेजों को लेकर विवाद हुआ था। बाद में मामला शांत हो गया, लेकिन हाल ही में किसी ने पुराने रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया था।

दीपक को अब समझ आया कि उसकी पत्नी का रात में फोन पर बात करना किसी प्रेम संबंध की वजह से नहीं था।

लेकिन असली रहस्य अभी बाकी था।

अगली रात महेंद्र ने पुलिस को जानकारी दी और खेत के आसपास निगरानी रखी गई। देर रात एक कार वहां आकर रुकी। उसमें से दो लोग उतरे और पुराने कमरे की तरफ बढ़े। पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया।

पूछताछ में पता चला कि वे लोग जमीन के पुराने कागज हासिल करना चाहते थे। उनमें से एक व्यक्ति महेंद्र के पुराने कारोबारी साथी का रिश्तेदार था। उसे पता था कि उस जमीन की कीमत कई गुना बढ़ चुकी है और अगर पुराने दस्तावेज हाथ लग जाएं तो परिवार पर दबाव बनाकर बड़ा सौदा किया जा सकता है।

पुलिस को आरोपियों के पास कुछ पुराने कागज और नकली दस्तावेज भी मिले। इससे साफ हो गया कि पिछले कई दिनों से परिवार पर नजर रखी जा रही थी।

दीपक के लिए सबसे मुश्किल बात यह थी कि उसने अपनी पत्नी पर शक किया था। उसे लगा था कि रानी किसी पुराने प्रेमी से मिल रही है, लेकिन सच्चाई बिल्कुल अलग थी। रानी और महेंद्र उससे कोई प्रेम संबंध नहीं बल्कि जमीन से जुड़े खतरे की बात छिपा रहे थे।

बाद में रानी ने दीपक से कहा कि वह उससे सच बताना चाहती थी, लेकिन धमकी के कारण डर गई थी। दीपक ने भी माना कि उसे पहले पत्नी पर आरोप लगाने के बजाय उसकी बात सुननी चाहिए थी।

मामले की जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने पुराने जमीन विवाद से जुड़े दस्तावेज भी खंगालने शुरू कर दिए। एक छोटी सी गलतफहमी से शुरू हुआ शक आखिरकार जमीन के करोड़ों रुपये के संभावित विवाद तक पहुंच गया।

दीपक को उस रात का दृश्य लंबे समय तक याद रहा। वह अपनी पत्नी का पीछा यह सोचकर कर रहा था कि शायद वह किसी प्रेमी से मिलने जा रही है, लेकिन खेत में उसका इंतजार उसका अपना पिता कर रहा था—और उनके बीच छिपा था परिवार की जमीन से जुड़ा एक ऐसा राज, जिसकी भनक उसे बिल्कुल नहीं थी।

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