अगर पहले पति की मौत के बाद औरत को मजबूरी में दूसरी शादी करनी पड़े पर उस शादी के बाद उसका पहला पति वापस आ गया तो उस औरत पे किसका अधिकार होगा?

 

कानूनी रूप से 7 वर्ष से पहले तलाक जैसी स्थिति संभव नहीं दिखती। हालांकि कानून में कुछ रास्ते है जो 2 वर्ष में भी कुछ आंशिक रूप से तलाक करके दूसरी शादी की स्थिति दे सकता है।

कानूनी व सामाजिक रूप से अगर संभव है तो सिर्फ लिव इन सहवास लगभग तुरंत संभव है। बहुत से ऐसे मामले आजकल देखे जा सकते है। कानूनी रूप से लिव इन कोई आपराधिक नहीं है। अगर पहला पति वापस आ भी जाता है, तो परिस्थिति के अनुसार दोनों में एक व्यक्ति का चयन किया जा सकता है। आपको कानूनी रूप से कोई सजा नहीं होगी।

ऐसी गतिविधि तब अधिक संभव है, जब पहले पति से कोई बच्चा न हो, या फिर आपके पास उतना धन आदि हो जो बच्चे की देख भाल हो सके।

बिना लिव इन कोई दूसरा रास्ता नहीं है। गैर कानूनी रूप से शादी करके रहने से न शादी मान्य होगी व न ही कोई दावा होगा। लिव इन में रहने से कम से कम आप नैतिक, कानूनी, सामाजिक रूप से गलत नहीं होंगे।

7 से 10 साल बाद विधिवत कानूनी प्रक्रिया करके लिव इन वाले व्यक्ति या अन्य किसी से विवाह कर सकते है। इसके अतिरिक कुछ मामलों में पति के जाने के 2 वर्ष बाद भी कानूनी रूप से विवाह के अनुमति मिल जाती है।

सामान्य रूप से पति के जाने के 7 वर्ष के भीतर पहले पति का अधिक अधिकार रहता है, अगर कोई न्यायालय का आदेश है तो ही 7 वर्ष से पूर्व पहले पति का अधिकार समाप्त होगा।

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