पत्नी को डिनर के बहाने कार में बैठाया, प्रेमिका पहले से थी अंदर, फिर सामने आया लखनऊ के अंजली हत्याकांड का खौफनाक राज

 


लखनऊ के रहीमाबाद इलाके में विवाहिता अंजली सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, अंजली की हत्या के आरोप में उसके पति उमेंद्र प्रताप सिंह और उसकी कथित प्रेमिका आरती वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। जांच में वारदात में इस्तेमाल कार, मोबाइल फोन और मृतका के लाखों रुपये के जेवर बरामद किए जाने की बात सामने आई है।

पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अंजली और उमेंद्र की शादी 16 नवंबर 2016 को हुई थी। उमेंद्र लखनऊ में ओला की कार चलाता था। करीब सात महीने पहले एक सवारी के दौरान उसकी मुलाकात कॉल सेंटर में काम करने वाली आरती वर्मा से हुई। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और पुलिस के मुताबिक बाद में उनके बीच प्रेम संबंध बन गए।

अंजली को जब पति और आरती के बीच चल रही बातचीत की जानकारी हुई तो उसने इसका विरोध किया था। रिपोर्टों के अनुसार, अंजली ने पति के मोबाइल में आरती के साथ तस्वीरें और चैट देखी थीं। परिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि इसी रिश्ते को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा था।

30 जुलाई की रात क्या हुआ?

पुलिस के मुताबिक, 30 जुलाई 2026 की देर रात उमेंद्र अपनी पत्नी अंजली को कार में लेकर निकला। रिपोर्टों में बताया गया है कि आरती पहले से ही कार में मौजूद थी। आरोप है कि रास्ते में दोनों ने मिलकर अंजली की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, आरती ने अंजली के हाथ पकड़े और उमेंद्र ने उसका गला दबाया।

इसके बाद शव को कार से ले जाकर इटौंजा इलाके में गोमती नदी के पास ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, शव को नदी में फेंकने के लिए उसके कपड़ों में पत्थर बांधा गया था। हालांकि शव नदी में दूर बहने के बजाय किनारे के पास ही रह गया और 31 जुलाई को बरामद हो गया।

हत्या के बाद खुद दर्ज कराई गुमशुदगी

मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह बताया जा रहा है कि अंजली की मौत के बाद उमेंद्र ने ही 31 जुलाई को रहीमाबाद थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में कथित तौर पर बताया गया कि अंजली जेवर लेकर घर से चली गई है।

उसी दिन गोमती नदी से एक महिला का शव मिलने के बाद उसकी पहचान अंजली के रूप में हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, उमेंद्र ने शव की पहचान भी की थी। बाद की पुलिस जांच में उस पर संदेह गहराता गया।

मोबाइल और सीसीटीवी जांच से खुलती गई परतें

अंजली के भाई पुष्पेंद्र प्रताप की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों को खंगाला। जांच के दौरान उमेंद्र और आरती के बीच संपर्क तथा कथित घटनाक्रम से जुड़े सुराग मिलने के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, आरती के पास से अंजली के करीब 10 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर बरामद किए गए। इनमें हार, कंगन, झुमकी और नथुनी समेत कई आभूषण शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस ने उमेंद्र और आरती को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पुलिस के अनुसार, जिस रिश्ते को लेकर अंजली ने पति से सवाल किए थे, वही विवाद आगे चलकर उसकी हत्या के आरोप तक पहुंच गया। हालांकि हत्या की पूरी परिस्थितियों और अन्य आरोपियों की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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