जयपुर के करधनी इलाके में सितंबर 2026 में सामने आया एक हत्याकांड पूरे शहर को झकझोर देने वाला है। एक ही परिवार की चार महिलाओं—एक मां और उसकी तीन बेटियों—की हत्या के आरोप में 45 वर्षीय राहुल झा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी जयपुर से फरार हो गया था और उसे दो दिन बाद सीकर जिले के रींगस से पकड़ा गया।
मृतकों की पहचान राहुल की पत्नी गीता झा (40) और उनकी बेटियों नंदिनी, राधिका और गौरी के रूप में हुई है। रिपोर्टों में बेटियों की उम्र अलग-अलग दी गई है, लेकिन कम से कम दो बेटियां नाबालिग थीं। परिवार जयपुर के करधनी थाना क्षेत्र स्थित गोविंद वाटिका में रहता था।
सुबह तक घर में छिपा था खौफनाक राज
पुलिस के मुताबिक, वारदात का पता शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे चला। चारों के शव घर के अलग-अलग कमरों में मिले। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई कि महिलाओं पर उस समय हमला किया गया जब वे सो रही थीं। घटनास्थल से एक भारी सीमेंट ब्लॉक भी बरामद किया गया था।
लेकिन इस मामले का सबसे परेशान करने वाला पहलू वारदात के बाद की घटनाओं से जुड़ा है।
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हत्या के बाद राहुल ने सुबह अपने बुजुर्ग पिता के लिए चाय बनाई और उन्हें चाय पिलाई। इसके बाद वह घर से निकल गया। उसके पिता को शुरुआत में यह अंदाजा नहीं था कि घर के दूसरे हिस्से में इतनी बड़ी त्रासदी हो चुकी है। बाद में पड़ोसी को इसकी जानकारी मिली और पुलिस को सूचना दी गई।
मोबाइल बंद किया और जयपुर से हो गया फरार
घटना के बाद राहुल ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और CCTV फुटेज समेत दूसरे सुरागों के आधार पर उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया। जांच में सामने आया कि वह जयपुर से निकलकर खाटू श्यामजी पहुंचा था। बाद में वह रींगस की ओर गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, उसने खाटू श्यामजी के आसपास एक होटल में भी ठहरने की कोशिश की। बाद में पैसे की कमी के चलते उसने अपनी अंगूठी तक बेचने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। आखिरकार 13 सितंबर को पुलिस टीम ने उसे रींगस के एक होटल के बाहर से पकड़ लिया।
हत्या की वजह को लेकर कई पहलुओं की जांच
शुरुआत में पुलिस ने आर्थिक परेशानी, कर्ज और पारिवारिक तनाव जैसे पहलुओं की जांच की। रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कुछ दिन पहले पैसे उधार लिए थे। हालांकि, इसे अकेला और अंतिम कारण मानना अभी जल्दबाजी होगी।
बाद की पुलिस पूछताछ में एक और बेहद गंभीर पहलू सामने आया। पुलिस के अनुसार, राहुल अपनी बड़ी बेटी को लेकर शक करता था और उसकी गतिविधियों पर नजर रखता था। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि पहले उसके मन में बड़ी बेटी को मारने का विचार आया और बाद में उसने पत्नी तथा दूसरी बेटियों को भी निशाना बनाया। पुलिस ने इस सोच को बेहद विकृत तर्क बताया है। इस हिस्से की जांच अभी जारी है।
चार जिंदगियां खत्म, पीछे रह गए कई सवाल
इस घटना ने सिर्फ एक परिवार को नहीं तोड़ा, बल्कि कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
आखिर परिवार के भीतर तनाव किस स्तर तक पहुंच गया था? आर्थिक परेशानी और कर्ज ने आरोपी की सोच को कितना प्रभावित किया? और सबसे बड़ा सवाल—क्या किसी स्तर पर ऐसे संकेत मौजूद थे जिन्हें समय रहते पहचाना जा सकता था?
इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया में सामने आएंगे।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि एक घर, जिसमें एक मां और उसकी तीन बेटियां रहती थीं, कुछ ही घंटों में मातम में बदल गया।
और सबसे भयावह बात यह है कि जिस घर में चार लोगों की जान चली गई, उसी घर में घटना के बाद आरोपी ने अपने बुजुर्ग पिता के लिए चाय बनाई और फिर वहां से निकल गया।
राहुल झा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की जांच जारी है। इसलिए हत्या के पीछे की पूरी वजह और घटनाक्रम को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाना चाहिए।
Post a Comment