बरेली का खौफनाक मामला: मौसा और भांजी के अवैध संबंध में आड़े आई मौसी, मौसा ने पत्नी को उतारा मौत के घाट, शव को जंगल में फेंका


बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। यहां एक 50 वर्षीय मौसा और उसकी 28 वर्षीय भांजी के बीच 4 साल से चल रहे अवैध संबंध ने एक निर्दोष की जान ले ली। जब मौसा की पत्नी (मौसी) को इस रिश्ते के बारे में पता चला और उसने विरोध किया, तो मौसा ने अपनी ही पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को जंगल में फेंक दिया।


क्या है पूरा मामला?

बरेली के आंवला थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले रामनाथ (50) की शादी गीता (45) से हुई थी। रामनाथ की कोई संतान नहीं थी। गीता की बहन सरोज (40) की बेटी नेहा (28) (जो रामनाथ की भांजी लगती थी) अक्सर अपनी मौसी गीता के घर आती-जाती रहती थी। नेहा का अपना घर पास के गांव में था, लेकिन वह पढ़ाई के सिलसिले में अक्सर बरेली आती थी और मौसी के घर ही रुकती थी।


पिछले 4 सालों से रामनाथ और नेहा के बीच गुप्त संबंध चल रहे थे। रामनाथ नेहा को महंगे कपड़े, मोबाइल और नकदी देता था, ताकि वह उससे दूरी न बनाए। गीता को इस बात की भनक तक नहीं लगी, क्योंकि वह अपनी बहन की बेटी को अपनी बेटी जैसा मानती थी।


कैसे खुला राज?

पिछले महीने गीता ने अचानक अपने पति रामनाथ के मोबाइल में नेहा के साथ अश्लील चैट और फोटो देख लीं। यह देखकर गीता सन्न रह गई। उसने तुरंत रामनाथ से पूछताछ की, लेकिन रामनाथ ने सफाई देते हुए कहा कि यह सब नेहा की शरारत है और वह उसे ब्लैकमेल कर रही है।


जब गीता ने नेहा को इस बारे में पूछा, तो उसने बिना शर्माए कहा, "मैं रामनाथ से प्यार करती हूं। वह मुझसे शादी करने का वादा कर चुके हैं। तू इसमें दखल न दे।"


परिवार में बवाल

गीता ने जब यह बात अपनी बहन सरोज को बताई, तो घर में जमकर हंगामा हुआ। सरोज ने रामनाथ को बहुत डांटा और कहा कि वह इस रिश्ते को तुरंत खत्म करे। लेकिन रामनाथ ने साफ इनकार कर दिया और कहा कि वह नेहा को नहीं छोड़ेगा।


इसके बाद गीता ने अपने भाई को फोन करके सारी बात बताई और कहा कि वह घर छोड़कर मायके जा रही है। यह सुनकर रामनाथ को गुस्सा आ गया और उसने गीता को रास्ते से हटाने की साजिश रची।


पत्नी की हत्या

7 सितंबर की रात, जब गीता अपने मायके जाने की तैयारी कर रही थी, तो रामनाथ ने उसे अकेले में बुलाया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने गीता के शव को एक बोरे में भरकर अपनी बाइक से जंगल में ले गया और वहां फेंक दिया।


कैसे खुला राज?

सुबह जब गीता की बहन सरोज उससे मिलने आई, तो घर पर ताला लगा था और गीता नहीं मिली। सरोज ने आसपास पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जांच शुरू की और रामनाथ से पूछताछ की। रामनाथ ने पहले तो इनकार किया, लेकिन जब पुलिस ने उसके मोबाइल की लोकेशन और कॉल डिटेल खंगाली, तो उसकी हत्या की पुष्टि हो गई।


पुलिस ने जंगल में तलाशी अभियान चलाया और गीता का शव बरामद कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से मौत की पुष्टि हुई। पुलिस ने रामनाथ को गिरफ्तार कर लिया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने नेहा को भी हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ में बताया कि रामनाथ ने उसे शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया था।


पुलिस की कार्रवाई

बरेली पुलिस ने रामनाथ के खिलाफ हत्या, सबूत मिटाने और अवैध संबंध का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच की जा रही है। नेहा को भी पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है, लेकिन उसकी भूमिका की जांच जारी है।


परिवार में कोहराम

इस घटना के बाद सरोज ने रोते हुए कहा, "मैंने अपनी बहन को कभी कुछ नहीं कहा, लेकिन उसके पति ने उसे ही मार डाला। यह किसी इंसान के लिए शर्म की बात है।" वहीं, गीता के भाई ने कहा, "मैं अपनी बहन की हत्या के लिए रामनाथ को फांसी की सजा दिलाऊंगा।"


गांव में सनसनी

इस घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। लोग मौसा-भांजी के इस रिश्ते को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कुछ लोग इसे 'कलंक' तो कुछ 'जुनून' बता रहे हैं, लेकिन हर किसी की जुबान पर यही सवाल है—"क्या एक पति अपनी ही पत्नी को मार सकता है?"


आखिरी हालत

फिलहाल, रामनाथ जेल में बंद है और उसका मुकदमा कोर्ट में चल रहा है। सरोज अपने परिवार के साथ रह रही है और उसे मानसिक परामर्श दिया जा रहा है। पूरा परिवार इस घटना से उबरने की कोशिश कर रहा है, लेकिन यह घाव इतना गहरा है कि शायद कभी नहीं भरेगा।

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