मध्य प्रदेश के उज्जैन में 38 वर्षीय मनोज अपनी पत्नी रेखा और छोटे भाई आकाश के साथ रहता था। आकाश की शादी अभी नहीं हुई थी और वह अक्सर काम के सिलसिले में घर से बाहर रहता था। परिवार में मनोज की छोटी बहन पूजा भी कुछ महीनों से अपने मायके में रह रही थी, क्योंकि वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी।
शुरुआत में सब कुछ सामान्य था। लेकिन रेखा ने धीरे-धीरे देखा कि पूजा और आकाश के बीच काफी बातचीत होने लगी है। दोनों घर के दूसरे लोगों से अलग बैठकर किसी बात पर चर्चा करते और कई बार बातचीत रुकते ही एक-दूसरे का फोन देखने लगते।
रेखा ने एक दिन पूजा से मजाक में पूछा, “तुम दोनों के बीच आखिर चल क्या रहा है?”
पूजा मुस्कुराकर बात टाल गई।
कुछ दिनों बाद मनोज काम के सिलसिले में दूसरे शहर चला गया। उसी रात रेखा ने देखा कि पूजा और आकाश छत पर काफी देर तक बात कर रहे थे। रेखा को शक हुआ और उसने अगले दिन मनोज को फोन पर सारी बात बता दी।
मनोज ने घर लौटकर आकाश से सवाल किया। आकाश ने कहा कि बात वैसी नहीं है जैसी परिवार सोच रहा है।
लेकिन इसके बाद अचानक पूजा अपने कमरे से एक पुराना बैग लेकर निकली और बोली कि अब वह इस घर में नहीं रहेगी।
इस बात ने परिवार को और चौंका दिया।
मनोज ने बैग रोककर पूछा कि आखिर मामला क्या है। तब पूजा ने जो बताया, उससे पूरी कहानी बदल गई।
दरअसल, आकाश और पूजा किसी प्रेम संबंध की वजह से नहीं, बल्कि परिवार के पुराने मकान से जुड़े एक दस्तावेज को लेकर परेशान थे। कई साल पहले उनके पिता ने शहर के बाहरी इलाके में एक जमीन खरीदी थी। पिता की मृत्यु के बाद उस जमीन के कागज गायब हो गए थे।
कुछ दिन पहले पूजा को एक पुराने संदूक में उन कागजात की फोटो कॉपी मिली थी। लेकिन उसमें जमीन का मालिकाना हक परिवार के नाम पर नहीं, बल्कि किसी दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज था।
पूजा को शक था कि परिवार के किसी करीबी ने वर्षों पहले कागज बदलवाए थे।
आकाश उसकी मदद कर रहा था और दोनों चुपचाप पुराने रिकॉर्ड खोज रहे थे ताकि घर में विवाद न हो।
सबसे बड़ा झटका तब लगा जब जांच के दौरान पता चला कि जमीन के पुराने कागजों में मनोज के हस्ताक्षर जैसे दिखने वाले दस्तखत मौजूद थे।
मनोज ने तुरंत कहा कि उसने कभी ऐसे दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए।
मामला पुलिस तक पहुंचा। जांच में सामने आया कि किसी तीसरे व्यक्ति ने पुराने दस्तावेजों में हेरफेर करके जमीन अपने नाम कराने की कोशिश की थी। परिवार के सदस्यों के बीच शक पैदा करने के लिए पूजा और आकाश की मुलाकातों को भी गलत तरीके से पेश किया गया था।
आखिरकार परिवार को समझ आया कि जिसे वे एक छिपे रिश्ते का मामला समझ रहे थे, उसके पीछे असल में पुरानी जमीन, नकली दस्तावेज और परिवार को आपस में लड़ाने की साजिश थी।
रेखा को अपनी गलतफहमी पर अफसोस हुआ, जबकि पूजा ने कहा कि अगर परिवार ने शुरुआत में उसकी बात सुनी होती तो मामला इतना नहीं बढ़ता।
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