बिना रोके-बिना पूछे काट दिया चालान, दरोगा से भिड़ गया गांव का युवक; फिर पूछे ऐसे सवाल कि पुलिसकर्मी भी हो गए चुप


 बिहार में सड़क किनारे वाहन चेकिंग के दौरान एक दरोगा और स्थानीय युवक के बीच हुई बहस का वीडियो चर्चा में है। मामला तब गरमा गया जब युवक का आरोप था कि उसे बिना रोके और बिना बताए हेलमेट नहीं पहनने के नाम पर चालान काट दिया गया।

बताया जा रहा है कि गांव के किनारे दरोगा रजनीश कुमार चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक स्थानीय व्यक्ति मोटरसाइकिल से वहां से गुजरा। कुछ समय बाद उसे पता चला कि उसका चालान काट दिया गया है।

युवक ने पुलिसकर्मी से सवाल किया कि अगर उसने हेलमेट नहीं पहना था तो उसे मौके पर रोका क्यों नहीं गया?

उसका कहना था कि पुलिस उसे रोकती, बताती कि उसने हेलमेट नहीं लगाया है और इसी वजह से चालान किया जा रहा है, तो वह अपनी बात रख सकता था। लेकिन उसके मुताबिक, उसे एक बार भी नहीं रोका गया।

दरोगा बोले—“मैंने रोका था”

युवक के सवाल पर दरोगा की ओर से कहा गया कि उन्होंने उसे रोकने की कोशिश की थी, लेकिन वह रुका नहीं।

लेकिन युवक अपनी बात पर कायम रहा।

उसने कहा कि अगर उसे वास्तव में रोका गया था तो वह मौके पर क्यों नहीं रुका? उसका कहना था कि वह अपने घर के बेहद करीब था और पुलिस ने उसे रोककर कोई जानकारी भी नहीं दी।

इसके बाद बातचीत सिर्फ हेलमेट के चालान तक सीमित नहीं रही।

युवक ने उठाया नो-एंट्री का मुद्दा

युवक ने पुलिसकर्मी के सामने इलाके में कथित नो-एंट्री का मुद्दा भी उठा दिया।

उसका आरोप था कि जिस रास्ते पर स्थानीय लोगों के वाहनों की जांच की जा रही है, वहां से बड़े वाहन भी नियमित रूप से गुजरते हैं, जबकि उनके लिए नो-एंट्री होने की बात कही जा रही है।

युवक ने सवाल किया कि अगर नियम सबके लिए समान हैं तो बड़े वाहनों पर भी उसी तरह कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?

उसने आरोप लगाया कि बड़े वाहनों को कथित तौर पर पैसे लेकर आगे जाने दिया जाता है, जबकि गांव के स्थानीय लोगों को परेशान किया जाता है।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस वीडियो के आधार पर नहीं हुई है।

सवालों पर दरोगा रहे चुप

वीडियो में युवक लगातार अपनी बात रखता दिखाई देता है। वह पुलिसकर्मी से पूछता है कि अगर उसकी गलती थी तो उसे मौके पर रोककर कार्रवाई की प्रक्रिया क्यों नहीं बताई गई।

वहीं पुलिसकर्मी अपनी बात पर कायम दिखाई देते हैं कि युवक को रोकने की कोशिश की गई थी।

बहस के दौरान जब युवक ने बड़े वाहनों और कथित नो-एंट्री को लेकर सवाल उठाए तो पुलिसकर्मी की तरफ से कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया और अंत में उसे वहां से जाने के लिए कहा गया।

वीडियो के बाद उठ रहा है बड़ा सवाल

इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। कुछ लोग युवक के सवालों को जायज बता रहे हैं और कह रहे हैं कि कानून लागू करने की प्रक्रिया पारदर्शी और समान होनी चाहिए।

वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यदि किसी वाहन चालक ने हेलमेट नहीं पहना है तो चालान किया जाना यातायात नियमों के तहत कार्रवाई का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, इस मामले में युवक का मुख्य सवाल चालान से ज्यादा उसे मौके पर रोकने और कार्रवाई की जानकारी देने को लेकर है।

वीडियो में लगाए गए बड़े वाहनों से जुड़े आरोपों की पुष्टि संबंधित विभाग की आधिकारिक जांच के बिना नहीं की जा सकती।

लेकिन इस घटना ने एक अहम सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—

अगर नियम तोड़ने पर चालान हो सकता है, तो क्या वही नियम सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति और हर वाहन पर बराबरी से लागू नहीं होना चाहिए?

यही वजह है कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है और लोग अपने-अपने तरीके से युवक और पुलिसकर्मी की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।

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