एक शख्स ने करीब दो साल पहले Airtel का नया SIM कार्ड लिया था। उसे शायद अंदाजा भी नहीं था कि नया नंबर लेने के बाद उसे किसी और के बैंक कर्ज से जुड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। SIM एक्टिवेट होने के कुछ समय बाद उसके पास HDFC Bank की ओर से लगातार फोन आने शुरू हो गए।
फोन करने वाले उस शख्स से किसी ‘युवराज’ नाम के पुराने ग्राहक के क्रेडिट कार्ड की बकाया रकम को लेकर बात कर रहे थे। शख्स ने कई बार बैंक को समझाने की कोशिश की कि वह युवराज नहीं है और उसे यह मोबाइल नंबर Airtel की ओर से नया मिला है।
बताया जा रहा है कि उसने बैंक के कर्मचारियों और यहां तक कि सुपरवाइजर से भी बात की। हर बार उसने यही स्पष्ट किया कि उसका उस पुराने ग्राहक से कोई संबंध नहीं है और बैंक को उसके नंबर से जुड़े रिकॉर्ड को ठीक करना चाहिए। इसके बावजूद कथित तौर पर कॉल आने का सिलसिला पूरी तरह बंद नहीं हुआ।
परेशान होकर शख्स ने बैंक को लिखित शिकायत भेजी। उसने बैंक से साफ तौर पर कहा कि उसके मोबाइल नंबर को पुराने ग्राहक की प्रोफाइल से हटाया जाए और इस संबंध में उसे लिखित जवाब दिया जाए।
लेकिन उसके मुताबिक, बैंक की ओर से उसे केवल एक सामान्य जवाब मिला और उसकी मुख्य शिकायत का स्पष्ट समाधान नहीं हुआ।
इसके बाद मामला और आगे बढ़ गया। शख्स ने बैंक के नोडल अधिकारी तक शिकायत पहुंचाई और कथित तौर पर मांग की कि उसके नंबर पर आने वाले ऐसे कॉल तुरंत बंद किए जाएं। साथ ही, लंबे समय से हो रही परेशानी के लिए उसने हरजाने की मांग भी रखी।
मामले में एक और दिलचस्प बात तब सामने आई जब बैंक की ओर से शख्स को अपना PAN कार्ड भेजने के लिए कहा गया। बैंक का कहना था कि दस्तावेज मिलने के बाद खाते की समीक्षा की जा सकती है।
इस पर शख्स ने कथित तौर पर PAN कार्ड देने से इनकार कर दिया। उसका तर्क था कि जब वह संबंधित ग्राहक है ही नहीं और मोबाइल नंबर उसे नया आवंटित हुआ है, तो पुराने ग्राहक के बैंक रिकॉर्ड की गलती ठीक कराने के लिए उसे अपने निजी दस्तावेज क्यों देने चाहिए।
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर किसी पुराने ग्राहक का मोबाइल नंबर बाद में किसी दूसरे व्यक्ति को आवंटित हो गया है, तो बैंक के रिकॉर्ड में उसे अपडेट करने की जिम्मेदारी किसकी है?
फिलहाल यह मामला बैंक और संबंधित ग्राहक के बीच शिकायत प्रक्रिया तक पहुंच चुका है। हालांकि, इस घटना से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसे संबंधित व्यक्ति द्वारा बताए गए घटनाक्रम के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
कहानी का सबसे परेशान करने वाला पहलू यही है—कर्ज किसी और का, बैंक रिकॉर्ड में नाम किसी और का और रिकवरी कॉल झेल रहा तीसरा व्यक्ति।
Post a Comment