फर्स्ट AC में 75 लीटर शराब लेकर जा रही थी 25 साल की युवती, समस्तीपुर स्टेशन पर खुला ऐसा राज कि पुलिस भी रह गई हैरान


बिहार के समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर शराब तस्करी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रेलवे पुलिस से लेकर आम यात्रियों तक को हैरान कर दिया। फर्स्ट AC के कूपे में सफर कर रही 25 वर्षीय युवती के सामान से करीब 75 लीटर ब्रांडेड विदेशी शराब बरामद होने का दावा किया गया है। पुलिस ने युवती और उसके साथ मौजूद एक रिश्तेदार को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच अब कथित शराब सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मामला समस्तीपुर जंक्शन का है। नई दिल्ली से जयनगर जा रही स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस (12562) जब समस्तीपुर पहुंची, तब RPF और Crime Intelligence Bureau (CIB) की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर ट्रेन के H-1 कोच में तलाशी अभियान चलाया। टीम कूपे नंबर 7 तक पहुंची, जिसका दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा खुलने के बाद अंदर मौजूद युवती और उसके साथ आए युवक से पूछताछ की गई।

दो सूटकेस खोले तो सामने आई शराब की बड़ी खेप

तलाशी के दौरान पुलिस ने दो सूटकेस खोले। इनके अंदर अलग-अलग ब्रांड की विदेशी शराब की बोतलें मिलीं। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद शराब की कुल मात्रा करीब 75 लीटर थी और इसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹1.5 लाख बताई गई।

मामले में पकड़ी गई युवती की पहचान नेहा झा के रूप में बताई गई है। उसके साथ मौजूद व्यक्ति की पहचान ईशान कुमार के रूप में हुई है। रिपोर्टों के अनुसार दोनों के पास यात्रा के लिए वैध टिकट नहीं था। पुलिस ने पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को GRP के हवाले कर दिया। बाद में दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस के सवाल पर बोली- शादी के लिए ले जा रही हूं शराब

पूछताछ के दौरान नेहा ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसने यह शराब हरियाणा से खरीदी थी और घर में होने वाली शादी के लिए बिहार लेकर जा रही थी।

हालांकि पुलिस इस दावे को अंतिम सत्य नहीं मान रही है और इसकी जांच की जा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब वास्तव में शादी के लिए लाई जा रही थी या इसके पीछे कोई और मकसद था। अधिकारियों ने दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन और संपर्कों की जांच शुरू की है।

मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव बनकर शराब सप्लाई करने के आरोप की जांच

मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब जांच एजेंसियों ने कथित तौर पर यह एंगल भी सामने रखा कि नेहा मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की पहचान का इस्तेमाल करके दरभंगा में डॉक्टरों और अन्य प्रभावशाली लोगों तक शराब पहुंचाने वाले नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है।

रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस उसके मोबाइल फोन में मौजूद संपर्कों और WhatsApp बातचीत की जांच कर रही है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि फोन में दरभंगा के डॉक्टरों और कारोबारियों के नंबर मिले हैं। हालांकि, इन लोगों का शराब खरीदने या किसी अवैध गतिविधि में शामिल होना अभी साबित नहीं हुआ है और जांच जारी है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT गठित कर नेहा की ट्रैवल हिस्ट्री और कथित सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू की है। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब कहां से लाई गई, किसे पहुंचाई जानी थी और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।

परिवार के पुराने मामलों की भी जांच

जांच के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर नेहा के परिवार से जुड़े पुराने शराब मामलों की जानकारी भी सामने रखी है। रिपोर्टों के अनुसार, उसके पिता पहले शराब तस्करी से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं और उसकी बड़ी बहन भी नवंबर 2025 में विदेशी शराब के एक मामले में गिरफ्तार हुई थी। इन पुराने मामलों और मौजूदा गिरफ्तारी के बीच किसी आपराधिक नेटवर्क का संबंध है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

बिहार में शराबबंदी के बीच ट्रेन बनी जांच का केंद्र

बिहार में अप्रैल 2016 से शराबबंदी लागू है। ऐसे में दूसरे राज्यों से शराब लाकर बिहार में उसकी कथित सप्लाई को लेकर पुलिस लगातार कार्रवाई करती रही है। इस मामले में भी जांच एजेंसियां सिर्फ बरामद 75 लीटर शराब तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि यह पता लगाने में जुटी हैं कि इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था या नहीं।

सबसे बड़ा सवाल फिलहाल यही है कि ₹1.5 लाख की शराब की यह खेप वास्तव में किसके लिए थी? क्या यह सचमुच किसी शादी के लिए खरीदी गई थी या पुलिस जिस कथित सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है, उससे इसका कोई संबंध है?

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। इसलिए डॉक्टरों, कारोबारियों या किसी अन्य व्यक्ति के नाम को केवल पुलिस की जांच में सामने आए संभावित संपर्क के आधार पर दोषी मानना उचित नहीं होगा।

यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस के हवाले से सामने आई जानकारी पर आधारित है; मामले में आरोप अभी जांच के अधीन हैं।

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