जर्मनी में रहने वाले 17 साल के लासे स्टॉली (Lasse Stolley) खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं. वजह थोड़ी अजीब है लेकिन जिंदगी को अपनी शर्तों पर जीने वाले लोगों को ये दिलचस्प लगेगी. बीते एक साल से स्टॉली अपना जीवन ट्रेन में बिता (Man Living in Train) रहे हैं. रोजमर्रा के सभी काम जैसे खाना, सोना, कपड़े धोने जैसी तमाम चीजें सबकुछ वो ट्रेन में ही करते हैं.
भला ट्रेन में कोई कैसे रह सकता है?
सवाल लाजमी है. लेकिन बता दें कि स्टॉली ने ट्रेन में जीवनयापन के लिए $10,000 हजार डॉलर (लगभग 8.3 लाख रुपये) खर्च किए हैं. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ये पैसे देने के बाद वो एक साल तक अनलिमिटेड टिकट खरीद कर ट्रैवल कर सकते हैं. ट्रेन में रहने के लिए स्टॉली पूरी प्लानिंग करते हैं. जर्मनी से यूरोप के आसपास रोज लगभग 600 किलोमीटर की यात्रा वो भी फर्स्ट क्लास AC में. इसके लिए पहले तो वो ऐप की मदद से ट्रेन का रूट देखते हैं. फिर ये तय करते हैं कि कौन सी ट्रेन पकड़नी है. दिन में वो अक्सर कम्यूटर ट्रेनें लेते हैं. और रात में वो ट्रेन जो सुबह तक डेस्टिनेशन तक पहुंचा दे.
ट्रेन वाली लाइफस्टाइल कैसी होगी?
अब समझते हैं लासे स्टॉली की लाइफस्टाइल को. सुबह की शुरुआत डाइनिंग कार में नाश्ते के साथ, रही बात नहाने की तो वो रास्ते में किसी कम्यूनिटी सेंटर या पब्लिक स्विमिंग पूल में हो जाता है. सिंक में कपड़े धोते हैं. पेशे से सॉफ्टवेयर कोडर स्टॉली दिनभर यात्रियों के बीच लैपटॉप पर काम करते हैं. रात होते ही वहीं सीट पर कंबल और तकिए के साथ नॉयजलेस हेडफोन लगाकर सो जाते हैं. लासे स्टॉली ने ये यात्रा एक साल पहले शुरू की थी. इस दौरान उन्होंने कई ऐतिहासिक स्मारक, नेशनल गार्डन और स्कैंडिनेविया में उत्तरी रोशनी को भी देखा.
ये है ट्रेन में रहने की वजह
स्टॉली ने 2022 में 16 साल की उम्र में अपना घर छोड़ दिया था. वो उत्तरी जर्मनी के फॉकबेक में रहते थे. उन्होंने बिजनेस इनसाइडर को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि इस फैसले के लिए माता पिता को समझाना आसान नहीं था. लासे स्टॉली सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं. इंस्टाग्राम पर पोस्ट में उन्होंने लिखा,
"ट्रेन में जीना मुझे ये चुनने की आजादी देता है कि मैं किसी भी समय कहां जाना चाहता हूं. सुबह बाल्टिक सागर के किनारे नाश्ता और शाम को आल्प्स में सनसेट का आनंद लेना. संभावनाएं अनंत हैं!"
स्टॉली के पास 4 टी शर्ट और दो जोड़ी पैन्ट हैं. उनका मानना है कि ट्रेन ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी उन्हें बाद में नौकरी दिला सकती है. स्टॉली ने बताया कि मुझे ऑटोमोबाइल कंपनी जैसे डॉयचे बान या ट्रेन निर्माताओं को फीडबैक देने का काम करना है. जिसके बदले पेमेंट मिले.
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