Healthy Rotis For Weight Loss : भारत में शायद ही कोई ऐसा घर हो जहाँ बिना रोटी के खाना पूरा माना जाता हो. हम में से ज्यादातर लोग रोज गेहूं की ही रोटी खाते हैं, क्योंकि सालों से हमारे घरों में यही बनती आ रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोजाना सिर्फ गेहूं की रोटी खाना आपकी सेहत के लिए उतना फायदेमंद नहीं है जितना आप सोचते हैं? हद से ज्यादा गेहूं की रोटी खाने से वजन बढ़ सकता है और ब्लड शुगर लेवल भी ट्रिगर हो सकता है खासकर उनके लिए जिनकी लाइफस्टाइल ज्यादा एक्टिव नहीं है.
25 से भी ज्यादा सालों का अनुभव रखने वाले जाने-माने आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. सलीम जैदी के अनुसार, अगर आप अपनी डाइट में गेहूं के अलावा दूसरी रोटियों को शामिल करते हैं, तो इससे आपका पाचन बेहतर होगा, इम्यूनिटी मजबूत होगी और शरीर को दिनभर एनर्जी मिलेगी.
आइए जानते हैं गेहूं से अलग इन 7 रोटियों के जादुई फायदे:
बाजरा रोटी (Bajra Roti): आयरन और मैग्नीशियम से भरपूर बाजरा ठंड के दिनों में शरीर को अंदर से गर्म रखता है. यह खून की कमी (एनीमिया) दूर करने और ब्लड शुगर कंट्रोल करने में बेहद मददगार है.
ज्वार रोटी (Jowar Roti): कैल्शियम और पोटेशियम से भरपूर ज्वार पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है. इसमें फाइबर ज्यादा होता है, जिससे एसिडिटी, कब्ज और दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है.
रागी रोटी (Ragi Roti): अगर आप हड्डियां मजबूत करना चाहते हैं, तो रागी की रोटी बेस्ट है. इसमें भरपूर कैल्शियम और आयरन होता है. लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स होने के कारण यह डायबिटीज मरीजों के लिए वरदान है.
मक्की की रोटी (Makki Roti): सर्दियों में पसंद की जाने वाली मक्की की रोटी में विटामिन-ए होता है, जो स्टेमिना बढ़ाता है. हालांकि, इसे पचाना थोड़ा भारी होता है, इसलिए इसे सरसों के साग या छाछ के साथ सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए.
चावल के आटे की रोटी (Rice Flour Roti): पेट खराब हो या पाचन कमजोर हो, तो चावल के आटे की हल्की और ग्लूटेन-फ्री रोटी सबसे बेहतरीन ऑप्शन है. यह ब्लड प्रेशर को भी मेंटेन रखती है.
बेसन की रोटी (Besan Roti): प्रोटीन और फाइबर का पावरहाउस मानी जाने वाली बेसन की रोटी से पेट लंबे समय तक भरा रहता है. वजन घटाने और शुगर लेवल कंट्रोल करने में यह काफी असरदार है.
ओट्स रोटी (Oats Roti): ओट्स में बीटा-ग्लूकन (घुलनशील फाइबर) होता है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाकर दिल की रक्षा करता है. यह आंतों के स्वास्थ्य (Gut Health) के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है.
एक्सपर्ट की खास सलाह: डॉ. ज़ैदी का सुझाव है कि सिर्फ एक तरह के आटे पर निर्भर रहने के बजाय 2-3 आटों को मिलाकर (मल्टीग्रेन) रोटी बनाएं. इससे न सिर्फ रोटी का स्वाद बढ़ेगा, बल्कि आपके शरीर को हर तरह के जरूरी न्यूट्रिएंट्स भी मिल जाएंगे.
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