रात 7 से 8 बजे के बीच डिनर करना क्यों माना जाता है फायदेमंद? देर रात खाने की आदत से जुड़ी जरूरी बातें
रात का खाना किस समय खाना चाहिए, इसे लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है। कुछ लोग शाम होते ही खाना खा लेते हैं, जबकि कई लोग काम, मोबाइल या टीवी की वजह से रात 10 से 11 बजे तक डिनर करते रहते हैं। इसके बाद खाना खाते ही बिस्तर पर चले जाना भी आम आदत बन चुकी है।
हालांकि, हर व्यक्ति के लिए रात 7 या 8 बजे खाना ही अनिवार्य नियम नहीं है। डिनर का सही समय आपकी दिनचर्या, सोने के समय और स्वास्थ्य पर भी निर्भर करता है। लेकिन सामान्य तौर पर सोने से कुछ घंटे पहले भोजन खत्म करना पाचन और रात के आराम के लिए बेहतर हो सकता है।
सोने से ठीक पहले खाना क्यों परेशानी पैदा कर सकता है?
भोजन करने के तुरंत बाद लेटने से कुछ लोगों में एसिड रिफ्लक्स या सीने में जलन की समस्या बढ़ सकती है। खासकर अगर भोजन बहुत ज्यादा मात्रा में हो या उसमें तेल-मसाला और वसा अधिक हो।
इसीलिए जिन लोगों को रात में एसिडिटी या सीने में जलन की शिकायत रहती है, उनके लिए भोजन और सोने के बीच पर्याप्त अंतर रखना उपयोगी हो सकता है।
मिसाल के तौर पर अगर कोई व्यक्ति रात 10:30 या 11 बजे सोता है, तो वह अपना डिनर सोने से लगभग 2-3 घंटे पहले पूरा करने की कोशिश कर सकता है। ऐसे में 7:30 से 8:30 बजे के आसपास खाना उसके लिए सुविधाजनक हो सकता है।
जल्दी डिनर करने का एक फायदा यह भी
हमारी दिनचर्या में रात का खाना अक्सर दिन का सबसे भारी भोजन बन जाता है। दिनभर कम खाने के बाद रात में ज्यादा मात्रा में भोजन करना और उसके तुरंत बाद सो जाना कई लोगों के लिए असहज हो सकता है।
इसके बजाय रात के भोजन को संतुलित और अपेक्षाकृत हल्का रखना बेहतर विकल्प हो सकता है। सब्जियां, दाल, प्रोटीन का उचित स्रोत और जरूरत के अनुसार साबुत अनाज जैसे विकल्प भोजन को संतुलित बनाने में मदद कर सकते हैं।
क्या 7 बजे के बाद खाना बिल्कुल नहीं खाना चाहिए?
नहीं। यह एक आम गलतफहमी है कि शाम 7 बजे के बाद खाना हमेशा नुकसानदायक होता है।
अगर किसी व्यक्ति की नौकरी या दिनचर्या ऐसी है कि वह देर से सोता है, तो उसके लिए डिनर का समय भी उसी के अनुसार हो सकता है। ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि भोजन और सोने के बीच पर्याप्त समय हो और रात में बहुत भारी भोजन न किया जाए।
यानी 7-8 बजे का समय कोई जादुई समय नहीं है। असली बात है कि आप अपने सोने के समय के अनुसार डिनर का समय तय करें।
देर रात भूख लगे तो क्या करें?
अगर डिनर के बाद सच में भूख लगती है तो बहुत ज्यादा तला-भुना या मसालेदार भोजन लेने के बजाय हल्का विकल्प चुना जा सकता है। जरूरत के अनुसार फल, बिना ज्यादा चीनी वाला दही या अन्य हल्का भोजन लिया जा सकता है।
वहीं, अगर हर रात सोने से पहले बहुत तेज भूख लगती है तो पूरे दिन के भोजन की मात्रा और समय पर भी ध्यान देना चाहिए।
सिर्फ समय नहीं, खाने की गुणवत्ता भी जरूरी
सिर्फ रात 8 बजे खाना खाने से स्वास्थ्य अपने आप बेहतर नहीं हो जाएगा। भोजन में क्या और कितना खाया जा रहा है, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
रात में बहुत अधिक तला हुआ भोजन, मिठाइयां, ज्यादा वसा वाला भोजन या जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेना केवल इसलिए अच्छा विकल्प नहीं बन जाता क्योंकि उसे 8 बजे खाया गया है।
इसी तरह देर रात खाना खाने वाला व्यक्ति अगर संतुलित मात्रा में भोजन करता है और सोने से पर्याप्त अंतर रखता है, तो केवल घड़ी देखकर यह कहना सही नहीं होगा कि उसका भोजन निश्चित रूप से नुकसानदायक है।
एक आसान नियम याद रखें
अगर आपकी नींद का समय रात 10:30 से 11 बजे के आसपास है, तो डिनर को करीब 2-3 घंटे पहले पूरा करने की कोशिश करना एक व्यावहारिक आदत हो सकती है।
यानी सवाल सिर्फ यह नहीं है कि खाना 7 बजे खाया या 8 बजे। असली सवाल यह है कि खाना खाने और सोने के बीच कितना अंतर है, रात में आपने क्या खाया और कितनी मात्रा में खाया।
अगर आपको लगातार रात में एसिडिटी, सीने में जलन, पेट दर्द, अत्यधिक गैस या नींद में परेशानी होती है, तो केवल डिनर का समय बदलने के बजाय इसके कारणों पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
तो आज से एक बात जरूर आजमाइए—रात का खाना सोने से ठीक पहले खाने के बजाय कुछ घंटे पहले खत्म करें और देखें कि आपकी नींद और रात का आराम कैसा रहता है।
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