शादी के 6 साल बाद पत्नी के पुराने दोस्त ने रात में घर के बाहर छोड़ा एक लिफाफा, पति ने खोला तो अंदर मिली ऐसी तस्वीर कि अगले ही दिन पूरे परिवार में मच गया हड़कंप

 राजस्थान के काल्पनिक शहर कोटा में रहने वाले 34 वर्षीय निखिल की शादी को छह साल हो चुके थे। पत्नी कविता और निखिल का परिवार बाहर से बिल्कुल सामान्य दिखाई देता था। दोनों की एक छोटी बेटी भी थी और


निखिल एक निजी कंपनी में काम करता था। पिछले कुछ महीनों से निखिल को महसूस हो रहा था कि कविता किसी बात को लेकर लगातार परेशान रहती है। वह कई बार रात में फोन आने पर दूसरे कमरे में चली जाती और वापस आने के बाद बातचीत का विषय बदल देती।

निखिल ने कई बार पूछा, लेकिन कविता हर बार यही कहती कि ऑफिस और मायके से जुड़ी कुछ परेशानियां चल रही हैं। निखिल ने ज्यादा सवाल नहीं किए।

एक रात करीब साढ़े दस बजे घर की घंटी बजी। निखिल बाहर आया तो दरवाजे के पास कोई नहीं था। नीचे एक भूरे रंग का लिफाफा पड़ा था। उस पर सिर्फ कविता का नाम लिखा था। निखिल ने आवाज लगाकर कविता को बुलाया, लेकिन वह लिफाफा देखते ही कुछ सेकंड के लिए बिल्कुल शांत हो गई।

कविता ने कहा कि उसे नहीं पता यह किसने भेजा है।

निखिल ने लिफाफा खोल दिया। अंदर एक पुरानी तस्वीर थी, जिसमें कविता करीब दस साल पहले अपने एक कॉलेज मित्र अरविंद के साथ दिखाई दे रही थी। तस्वीर के पीछे सिर्फ एक लाइन लिखी थी— “अगर सच नहीं बताया तो अगली तस्वीर पुलिस के पास जाएगी।”

निखिल के होश उड़ गए।

उसने तुरंत कविता से अरविंद के बारे में पूछा। कविता ने पहले बात टालने की कोशिश की, लेकिन आखिरकार बताया कि अरविंद उसका पुराना दोस्त था और कई साल पहले दोनों की बातचीत बंद हो गई थी।

मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। अगले दिन निखिल को उसी नंबर से एक और संदेश मिला। इस बार तस्वीर के साथ कुछ पुराने बैंक दस्तावेजों की तस्वीरें थीं। दस्तावेजों में निखिल के पिता के नाम से जुड़ी जमीन का विवरण था।

अब निखिल को समझ आया कि मामला सिर्फ कविता के पुराने दोस्त का नहीं था।

उसने कविता के साथ मिलकर पुराने कागज तलाशने शुरू किए। तभी पता चला कि शादी से पहले कविता के पिता ने एक जमीन के सौदे में बड़ी रकम लगाई थी। उस सौदे में अरविंद के परिवार का भी नाम सामने आया था और वर्षों से उस जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।

निखिल ने पुलिस को पूरी जानकारी दी। जांच में सामने आया कि कोई व्यक्ति कविता और अरविंद की पुरानी तस्वीरों का इस्तेमाल करके परिवार को डराने की कोशिश कर रहा था, ताकि जमीन से जुड़े पुराने दस्तावेज हासिल किए जा सकें।

सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस ने लिफाफा पहुंचाने वाले व्यक्ति की पहचान की। वह अरविंद नहीं, बल्कि जमीन के पुराने सौदे से जुड़ा एक बिचौलिया निकला, जिसे डर था कि पुराने दस्तावेज सामने आने पर उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

जिस रिश्ते को लेकर निखिल को अपनी पत्नी पर शक होने लगा था, उसके पीछे असल में वर्षों पुराना जमीन विवाद और दस्तावेजों का खेल छिपा था।

पुलिस ने मामले में पूछताछ शुरू की और परिवार के पुराने कागजात सुरक्षित कराए। कविता और निखिल के बीच भी गलतफहमी दूर हुई, लेकिन इस घटना ने दोनों को यह जरूर सिखा दिया कि अधूरी जानकारी के आधार पर किसी रिश्ते पर शक करना कितना खतरनाक हो सकता है।

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