सुल्तानपुर का खौफनाक मामला: ससुर-बहू के 5 साल पुराने अफेयर में आड़े आया बेटा, ससुर ने बहू संग मिलकर बेटे की कर दी हत्या, शव को नदी में बहाया


उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। यहां एक 60 वर्षीय ससुर और उसकी 30 वर्षीय बहू के बीच 5 साल से चल रहे अवैध संबंध ने एक निर्दोष की जान ले ली। जब बेटे (पति) को इस रिश्ते के बारे में पता चला और उसने विरोध किया, तो ससुर ने अपनी बहू के साथ मिलकर अपने ही बेटे की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को नदी में बहा दिया, ताकि किसी को कुछ पता न चले।


क्या है पूरा मामला?

सुल्तानपुर के लंभुआ थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले रामदीन (60) का बेटा अजय (35) शहर में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था और हफ्ते में एक-दो दिन ही घर आता था। अजय की शादी 6 साल पहले कविता (30) से हुई थी। रामदीन की पत्नी की मौत 10 साल पहले हो चुकी थी, इसलिए वह अकेला ही गांव में रहता था।


पिछले 5 सालों से रामदीन और कविता के बीच गुप्त संबंध चल रहे थे। अजय के शहर में रहने के दौरान रामदीन और कविता अक्सर मिलते थे। रामदीन कविता को महंगे कपड़े, मोबाइल और नकदी देता था, ताकि वह उससे दूरी न बनाए। कविता ने भी अपने पति अजय को कभी कुछ नहीं बताया, क्योंकि उसे ससुर से मिलने वाले पैसों और सुविधाओं की आदत पड़ गई थी।


कैसे खुला राज?

पिछले महीने अजय को कंपनी से छुट्टी मिली और वह बिना बताए घर आ गया। रात करीब 11 बजे जब वह घर पहुंचा, तो उसने अपने पिता रामदीन और पत्नी कविता को आपत्तिजनक हालत में देख लिया। यह देखकर अजय सन्न रह गया। उसने तुरंत अपने पिता से पूछताछ की, लेकिन रामदीन ने सफाई देते हुए कहा कि यह सब कविता की शरारत है और वह उसे ब्लैकमेल कर रही है।


जब अजय ने कविता को इस बारे में पूछा, तो उसने बिना शर्माए कहा, "मैं रामदीन से प्यार करती हूं। वह मुझसे शादी करने का वादा कर चुके हैं। तू इसमें दखल न दे।"


परिवार में बवाल

अजय ने जब यह बात अपने चाचा और अन्य परिजनों को बताई, तो घर में जमकर हंगामा हुआ। चाचा ने रामदीन को बहुत डांटा और कहा कि वह इस रिश्ते को तुरंत खत्म करे। लेकिन रामदीन ने साफ इनकार कर दिया और कहा कि वह कविता को नहीं छोड़ेगा।


इसके बाद अजय ने पंचायत बुलाने की धमकी दी और कहा कि वह कविता को तलाक देकर घर से निकाल देगा। यह सुनकर रामदीन और कविता ने अजय को रास्ते से हटाने की साजिश रची।


बेटे की हत्या

10 सितंबर की रात, जब अजय अपने दोस्त के घर गया हुआ था, तो रामदीन और कविता ने उसे फोन करके घर बुलाया। जैसे ही अजय घर पहुंचा, दोनों ने मिलकर उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद उन्होंने अजय के शव को एक बोरे में भरकर अपनी बाइक से गोमती नदी में ले जाकर बहा दिया, ताकि किसी को कुछ पता न चले।


कैसे खुला राज?

अगले दिन जब अजय घर नहीं लौटा और उसका मोबाइल भी बंद आ रहा था, तो उसके चाचा ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जांच शुरू की और रामदीन और कविता से पूछताछ की। दोनों के बयानों में विरोधाभास मिला और उनके मोबाइल की लोकेशन भी संदिग्ध पाई गई।


पुलिस ने नदी किनारे तलाशी अभियान चलाया और अजय का शव बरामद कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से मौत की पुष्टि हुई। पुलिस ने रामदीन और कविता को गिरफ्तार कर लिया और दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।


पुलिस की कार्रवाई

सुल्तानपुर पुलिस ने रामदीन और कविता के खिलाफ हत्या, सबूत मिटाने और अवैध संबंध का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच की जा रही है।


परिवार में कोहराम

इस घटना के बाद अजय के चाचा ने रोते हुए कहा, "मैंने अपने भाई को कभी कुछ नहीं कहा, लेकिन उसने अपने ही बेटे को मार डाला। यह किसी पिता के लिए शर्म की बात है।" वहीं, गांव के लोगों ने कहा, "रामदीन ने अपनी बहू के चक्कर में अपने बेटे की जान ले ली। यह कलंक कभी नहीं मिटेगा।"


गांव में सनसनी

इस घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। लोग ससुर-बहू के इस रिश्ते को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कुछ लोग इसे 'कलंक' तो कुछ 'जुनून' बता रहे हैं, लेकिन हर किसी की जुबान पर यही सवाल है—"क्या एक पिता अपने ही बेटे को मार सकता है?"


आखिरी हालत

फिलहाल, रामदीन और कविता जेल में बंद हैं और उनका मुकदमा कोर्ट में चल रहा है। अजय के चाचा और अन्य परिजन मानसिक परामर्श ले रहे हैं। पूरा परिवार इस घटना से उबरने की कोशिश कर रहा है, लेकिन यह घाव इतना गहरा है कि शायद कभी नहीं भरेगा।

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