रैपिडो राइडर को ₹500 का लालच देकर बोला- “भैया कोर्ट मैरिज में गवाह बन जाना”, जवाब सुनते ही लड़का-लड़की की बोलती बंद!


सोशल मीडिया पर आए दिन ऐसे किस्से वायरल होते रहते हैं, जिन्हें पढ़कर एक पल के लिए लगता है कि आखिर लोग भी कमाल के जुगाड़ू होते जा रहे हैं। ऐसा ही एक मजेदार किस्सा रैपिडो राइड और कोर्ट मैरिज से जुड़ा है, जिसे पढ़कर शायद आप भी अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे।

कहानी कुछ यूं है कि एक लड़के ने रैपिडो बाइक बुक की। राइडर वहां पहुंचा तो उसने देखा कि लड़के के साथ एक लड़की भी बैठी है। राइडर ने दोनों को देखकर राइड देने से मना कर दिया।

लड़के ने राइडर को मनाने की कोशिश की और कहा कि वह किराए के ऊपर 500 रुपये एक्स्ट्रा दे देगा। अतिरिक्त पैसे का ऑफर सुनकर राइडर आखिरकार उन्हें छोड़ने के लिए तैयार हो गया।

लेकिन असली ट्विस्ट तो इसके बाद आया।

रास्ते में लड़के ने राइडर से कहा कि वह उसकी कोर्ट मैरिज में गवाह बन जाए। बदले में उसे 500 रुपये और देने की बात कही गई।

राइडर ने हेलमेट उतारा और बड़े आराम से जवाब दिया—

“भैया, लट्ठ खाने का चार्ज तो फ्री है, लेकिन कोर्ट में झूठी गवाही और किसी अनजान मामले में फंसने का खर्चा बहुत महंगा पड़ सकता है। ₹500 छोड़ो, 5,000 भी दोगे तो मैं किसी अनजान की कोर्ट मैरिज में गवाह बनकर साइन नहीं करूंगा!”

राइडर ने इतना कहा, बाइक स्टार्ट की और वहां से निकल गया। लड़का और लड़की पीछे से आवाज लगाते रहे—“भैया रुकिए… सुनिए तो सही!” लेकिन राइडर ने पीछे मुड़कर तक नहीं देखा।

हालांकि यह किस्सा मजेदार अंदाज में पेश किया गया है, लेकिन इसके पीछे एक जरूरी बात भी है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी कानूनी दस्तावेज पर गवाह के तौर पर हस्ताक्षर करना जोखिम भरा हो सकता है। सिर्फ कुछ सौ या हजार रुपये के लिए अपनी पहचान और हस्ताक्षर किसी ऐसी प्रक्रिया में इस्तेमाल करना समझदारी नहीं है, जिसकी पूरी जानकारी आपको न हो।

आजकल लोग ऑनलाइन सुविधा और ऐप आधारित सेवाओं का इस्तेमाल भी तरह-तरह के जुगाड़ के लिए करने लगे हैं। कोई डिलीवरी ऐप से सामान के बजाय अपना पालतू जानवर भेजने की कोशिश करता है, तो कोई बाइक टैक्सी वाले को अपनी निजी समस्या का समाधान करने वाला समझ लेता है।

कई बार लोग थोड़े पैसे बचाने के चक्कर में डिलीवरी या राइड पार्टनर्स से ऐसी चीजें करवाने लगते हैं, जो उनके काम का हिस्सा ही नहीं होतीं।

राइडर और डिलीवरी पार्टनर धूप, गर्मी, बारिश और ट्रैफिक के बीच मेहनत करके लोगों तक उनकी राइड और सामान पहुंचाते हैं। इसलिए उनकी सेवा का इस्तेमाल उसी उद्देश्य के लिए करना ज्यादा उचित है, जिसके लिए ऐप बनाई गई है।

अब सवाल यह है कि ऐसी स्थिति में राइडर ने जो किया, उसे आप क्या मानते हैं?

क्या यह सिर्फ मजेदार देसी जुगाड़ था या फिर किसी अनजान व्यक्ति को कोर्ट मैरिज जैसे कानूनी मामले में गवाह बनने के लिए मनाना बिल्कुल गलत तरीका है?

आपकी राय क्या है? कमेंट में जरूर बताइए।

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