सड़क किनारे लगे एक मोमोज के ठेले पर उस दिन बाकी दिनों से कुछ अलग ही माहौल था। दुकानदार अपने तीखे और मसालेदार मोमोज के लिए मशहूर था और सामने खड़े ग्राहकों को लगातार चैलेंज दे रहा था। तभी एक युवक वहां पहुंचा और दुकानदार की चुनौती सुनकर खुद को रोक नहीं पाया।
दुकानदार ने युवक से कहा कि अगर उसमें हिम्मत है तो वह उसके खास स्पाइसी मोमोज चैलेंज को पूरा करके दिखाए। शर्त थी कि युवक को दिए गए तीखे मोमोज एक मिनट के अंदर खत्म करने होंगे। लेकिन सिर्फ मोमोज खा लेना ही काफी नहीं था।
चैलेंज का दूसरा हिस्सा ज्यादा मुश्किल था।
मोमोज खत्म करने के बाद युवक को पूरे एक मिनट तक पानी की एक बूंद भी नहीं पीनी थी।
अगर उसने दोनों शर्तें पूरी कर लीं, तो दुकानदार उसे मौके पर ही ₹500 नकद इनाम देने वाला था।
युवक ने पहले तो चुनौती सुनकर कहा कि सिर्फ ₹500 के लिए इतना मुश्किल चैलेंज कौन करेगा। लेकिन दुकानदार ने भी उसकी बात सुनकर उसे ललकार दिया।
बस फिर क्या था।
युवक की ईगो जाग गई और उसने तुरंत कहा—
“ठीक है, कर के दिखाता हूं!”
दुकानदार ने सामने तीखे मोमोज रखे और काउंटडाउन शुरू कर दिया—
“थ्री… टू… वन… शुरू!”
युवक ने बिना देर किए मोमोज खाना शुरू कर दिया।
शुरुआत के कुछ सेकंड तक तो सब बिल्कुल सामान्य रहा। युवक तेजी से एक के बाद एक मोमोज खाता गया। उसे देखकर लग रहा था कि शायद वह आसानी से चैलेंज पूरा कर लेगा।
लेकिन करीब 10-15 सेकंड बाद उन तीखे मोमोज का असली असर शुरू हुआ।
मिर्च का तीखापन बढ़ने लगा।
युवक का चेहरा लाल हो गया। आंखों से आंसू आने लगे और वह बार-बार मुंह खोलकर सांस लेने लगा। ऐसा लग रहा था जैसे उसके मुंह के अंदर सचमुच आग लगी हो।
लेकिन सामने ₹500 का इनाम था और पीछे दुकानदार की चुनौती।
दुकानदार भी लगातार टाइम बताकर उसका हौसला और बढ़ा रहा था—
“45 सेकंड हो गए… सिर्फ 15 सेकंड बाकी हैं!”
युवक ने पूरी ताकत लगा दी।
आखिरी कुछ सेकंड में उसने बचे हुए मोमोज तेजी से खत्म किए और किसी तरह निर्धारित समय के भीतर चैलेंज पूरा कर दिया।
उसे लगा कि अब काम खत्म हो गया।
लेकिन असली परीक्षा तो अभी बाकी थी।
मोमोज खत्म हुए, अब शुरू हुआ पानी वाला चैलेंज
जैसे ही युवक ने सारे मोमोज खत्म किए, दुकानदार ने टाइमर फिर से चालू कर दिया।
अब युवक को एक मिनट तक पानी नहीं पीना था।
यही वह समय था जब तीखे मोमोज का असर और ज्यादा महसूस होने लगा।
युवक बार-बार पानी की तरफ देख रहा था।
गला सूख रहा था।
आंखों से पानी निकल रहा था और चेहरे से साफ नजर आ रहा था कि उसके लिए एक-एक सेकंड भारी पड़ रहा है।
वह शायद मन ही मन सोच रहा था—
“₹500 के चक्कर में कहां फंस गया!”
लेकिन अब पीछे हटने का सवाल ही नहीं था।
दुकानदार लगातार समय गिनता रहा।
“30 सेकंड…”
युवक बेचैनी से इधर-उधर देखने लगा।
“45 सेकंड…”
अब उसकी नजर सिर्फ पानी के जग पर थी।
“50… 55… 58… 59…”
और आखिरकार—
“एक मिनट पूरा!”
इतना सुनते ही युवक ने पानी का जग उठाया और राहत के साथ पानी पी लिया।
उसके चेहरे से साफ लग रहा था कि उसे पानी पीने के बाद कितनी राहत मिली।
कुछ देर बाद उसने खुद को संभाला और दुकानदार की तरफ देखते हुए कहा—
“चलो भाई, अब ₹500 निकालो!”
दुकानदार ने मुस्कुराते हुए अपनी जेब से ₹500 का नोट निकाला और युवक के हाथ में थमा दिया।
युवक ने राहत की सांस ली।
उसे लगा कि उसने ₹500 कमा लिए और चैलेंज भी पूरा कर लिया।
लेकिन तभी दुकानदार ने ऐसी बात कह दी कि युवक के चेहरे की खुशी कुछ पल के लिए गायब हो गई।
दुकानदार ने मुस्कुराते हुए कहा—
“पैसे तो मिल गए भाई… लेकिन असली असर का पता तो कल सुबह चलेगा।”
युवक ने हैरानी से पूछा—
“कल सुबह क्या होगा?”
दुकानदार ने मुस्कुराकर जवाब दिया—
“वो तो सुबह वॉशरूम में पता चलेगा!”
दुकानदार की यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग हंसने लगे और युवक भी कुछ पल के लिए चुप रह गया।
अब ₹500 उसकी जेब में थे, लेकिन उसके दिमाग में दुकानदार की आखिरी बात घूम रही थी।
रात में बिस्तर पर लेटे हुए भी शायद उसके मन में यही सवाल था कि उसने ₹500 तो जीत लिए, लेकिन सुबह इस तीखे चैलेंज का अगला अध्याय क्या होगा?
हालांकि, यह किस्सा मजेदार अंदाज में बताया गया है और इसे एक हास्यपूर्ण/वायरल कहानी के रूप में ही देखना चाहिए। असल जिंदगी में अत्यधिक तीखा खाना हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं होता। बहुत ज्यादा मिर्च खाने से पेट में जलन, उल्टी, तेज पेट दर्द या दूसरी तकलीफ हो सकती है, इसलिए सिर्फ किसी इनाम या चैलेंज के लिए अपनी क्षमता से ज्यादा तीखा खाना उचित नहीं है।
आप बताइए—अगर आपको ₹500 के लिए ऐसा चैलेंज दिया जाए तो क्या आप इसे पूरा करने की हिम्मत करेंगे?
Post a Comment