मोमोज खाने के शौकीनों के लिए 50 रुपये में एक प्लेट मिल जाए तो आमतौर पर कोई ज्यादा सवाल नहीं करता। लेकिन अगर वही मोमोज बैठकर खाने पर 50 रुपये महंगे पड़ जाएं, तो मामला थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है।
सोशल मीडिया पर इसी तरह का एक मामला चर्चा में है। बताया जा रहा है कि एक युवक मोमोज के ठेले पर पहुंचा और उसने 50 रुपये की एक प्लेट मोमोज खरीदी। प्लेट की कीमत उसे पहले से पता थी और उसने आराम से मोमोज लेकर वहीं बैठकर खाना शुरू कर दिया।
मोमोज खत्म करने के बाद जब युवक पेमेंट करने पहुंचा तो दुकानदार ने उससे 100 रुपये मांगे।
युवक ने हैरानी से पूछा कि जब मोमोज की कीमत 50 रुपये बताई गई थी तो 100 रुपये क्यों लिए जा रहे हैं?
इस पर दुकानदार की तरफ से कथित तौर पर जो जवाब मिला, उसने युवक को और भी हैरान कर दिया। दुकानदार ने कहा कि 50 रुपये मोमोज के हैं और दुकान पर बैठकर खाने के लिए 50 रुपये अलग से लगते हैं।
यानी मोमोज वही, प्लेट वही और खाना भी वही… बस अंतर इतना कि ग्राहक ने उन्हें खड़े होकर खाने के बजाय बैठकर खाने की गलती कर दी!
अगर इस दावे को सही मानें तो हिसाब भी बड़ा मजेदार है—मोमोज ₹50 और कुर्सी पर बैठने की फीस ₹50। मतलब पेट भरने से पहले जेब जरूर आधी खाली हो गई।
इस तरह का चार्ज सुनकर सोशल मीडिया यूजर्स भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कोई इसे “कुर्सी का किराया” बता रहा है तो कोई मजाक में कह रहा है कि अगली बार दुकानदार शायद टेबल पर कोहनी रखने, पानी पीने और प्लेट में चटनी लेने के भी अलग-अलग चार्ज लगा दे!
हालांकि, वायरल पोस्ट में दुकान की सही जगह, दुकानदार की पहचान और यह चार्ज वास्तव में किस नियम या वजह से लिया गया, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल वायरल दावा मानकर ही देखा जाना चाहिए।
वैसे अगर किसी दुकान पर बैठकर खाने का अलग शुल्क है, तो ग्राहक को ऑर्डर देने से पहले इसकी जानकारी देना सबसे उचित तरीका होगा। वरना ₹50 की मोमोज प्लेट खाने के बाद ₹100 का बिल देखकर ग्राहक का चेहरा भी मोमोज से ज्यादा “गरम” हो सकता है!
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