लिवर को बचाना है तो सिर्फ शराब से दूरी काफी नहीं, इन 5 चीजों पर भी रखना होगा ध्यान, नंबर 3 को लोग रोज खाते हैं

 लिवर हमारे शरीर का ऐसा अंग है जो लगातार बिना रुके काम करता रहता है। भोजन को प्रोसेस करने से लेकर शरीर में मौजूद कई पदार्थों को मेटाबोलाइज करने तक, इसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन अक्सर लोग लिवर की सेहत को लेकर सिर्फ शराब को ही सबसे बड़ा खतरा मानते हैं।

हकीकत यह है कि शराब के अलावा भी कुछ दवाएं, खान-पान की आदतें, अनियंत्रित वजन, कुछ सप्लीमेंट्स और वायरल संक्रमण लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

हालांकि यहां एक बात साफ समझना जरूरी है—इन चीजों को सीधे “शराब से भी ज्यादा जहरीला” कहना सही नहीं होगा। इनका नुकसान मात्रा, इस्तेमाल की अवधि, व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और अन्य जोखिम कारकों पर निर्भर करता है।

आइए जानते हैं ऐसी 5 चीजों के बारे में, जिन पर आपको जरूर ध्यान देना चाहिए।

1. जरूरत से ज्यादा पेनकिलर दवाएं

सिरदर्द, बुखार या शरीर में दर्द हुआ और तुरंत पैरासिटामोल जैसी दवा लेना आम बात है। सही मात्रा और निर्देश के अनुसार पैरासिटामोल आमतौर पर सुरक्षित और प्रभावी दवा है, लेकिन जरूरत से ज्यादा लेने पर यह गंभीर लिवर डैमेज और यहां तक कि लिवर फेलियर का कारण बन सकती है।

खतरा इसलिए भी बढ़ सकता है क्योंकि कई अलग-अलग दर्द, सर्दी-जुकाम और बुखार की दवाओं में एक ही सक्रिय घटक मौजूद हो सकता है। व्यक्ति अनजाने में एक से ज्यादा ऐसी दवाएं ले सकता है और कुल मात्रा जरूरत से ज्यादा हो सकती है।

ओवरडोज के बाद मतली, उल्टी, पेट दर्द और पीलिया जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं, लेकिन शुरुआत में कई लोगों में स्पष्ट लक्षण नहीं भी होते।

क्या करें?
दवा की पैकिंग पर मौजूद डोज निर्देश पढ़ें। एक साथ कई ऐसी दवाएं न लें जिनमें पैरासिटामोल/acetaminophen मौजूद हो सकता है और यदि लिवर की बीमारी है तो डॉक्टर से सलाह लेकर ही दवा लें।

2. बहुत ज्यादा चीनी और मीठे पेय

मीठा खाना सिर्फ वजन बढ़ाने तक सीमित समस्या नहीं है। लंबे समय तक अत्यधिक कैलोरी और खासकर मीठे पेय का सेवन वजन बढ़ने और मेटाबॉलिक समस्याओं से जुड़ सकता है, जो फैटी लिवर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

सॉफ्ट ड्रिंक, मीठे पैकेज्ड जूस, कैंडी, केक, मिठाइयां और अन्य ज्यादा शक्कर वाले खाद्य पदार्थों को रोजमर्रा की आदत बना लेना लिवर के लिए अच्छी रणनीति नहीं है।

इसलिए सिर्फ यह देखना काफी नहीं कि आप शराब पीते हैं या नहीं—आप रोज क्या खाते और पीते हैं, यह भी मायने रखता है।

3. प्रोसेस्ड और जंक फूड

अब आती है वह चीज जो वास्तव में बहुत से घरों में आसानी से मिल जाती है।

पैकेज्ड स्नैक्स, फास्ट फूड, फ्राइड फूड, मीठे बेकरी उत्पाद और अत्यधिक कैलोरी वाले प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ अगर बार-बार और ज्यादा मात्रा में खाए जाएं तो वजन, इंसुलिन रेजिस्टेंस और शरीर में अतिरिक्त वसा जैसी समस्याओं को बढ़ावा दे सकते हैं।

और यही परिस्थितियां फैटी लिवर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

इसलिए कभी-कभार जंक फूड खाना और उसे रोज की डाइट का हिस्सा बना लेना—इन दोनों को एक जैसा नहीं समझना चाहिए।

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए पूरी डाइट का संतुलन ज्यादा महत्वपूर्ण है।

4. बिना सोचे-समझे हर्बल दवाएं और सप्लीमेंट्स

“नेचुरल है, इसलिए नुकसान नहीं करेगा”—यह सोच हमेशा सही नहीं होती।

कुछ हर्बल उत्पाद, बॉडीबिल्डिंग सप्लीमेंट्स और अनियमित या संदिग्ध स्रोतों से मिलने वाले उत्पाद लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए किसी भी सप्लीमेंट को सिर्फ इसलिए सुरक्षित नहीं मान लेना चाहिए क्योंकि उसके पैकेट पर “हर्बल” या “नेचुरल” लिखा है।

CDC भी हेपेटाइटिस B वाले लोगों को दवाएं, OTC medicines और nutritional या herbal supplements लेने से पहले स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेने की बात कहता है, क्योंकि कुछ उत्पाद लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

क्या करें?
बिना जरूरत या बिना भरोसेमंद चिकित्सकीय सलाह के सप्लीमेंट न लें। खासकर अगर पहले से लिवर की बीमारी है, तो डॉक्टर को अपनी सभी दवाओं और सप्लीमेंट्स की जानकारी दें।

5. हेपेटाइटिस B और C जैसे संक्रमण को नजरअंदाज करना

लिवर को नुकसान सिर्फ खान-पान या दवाओं से ही नहीं होता। वायरल हेपेटाइटिस भी लिवर के लिए गंभीर खतरा हो सकता है।

खासकर क्रॉनिक हेपेटाइटिस B लंबे समय में लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है और कुछ लोगों में सिरोसिस तथा लिवर कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। समस्या यह भी है कि क्रॉनिक हेपेटाइटिस B वाले कई लोगों में शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते।

हेपेटाइटिस B से बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध है और संक्रमित व्यक्ति की स्थिति के अनुसार नियमित जांच तथा उपचार की जरूरत पड़ सकती है।

इसलिए अगर किसी व्यक्ति में संक्रमण का जोखिम रहा है या डॉक्टर ने जांच की सलाह दी है, तो उसे टालना नहीं चाहिए।

लिवर को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए किसी एक “डिटॉक्स ड्रिंक” या घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है।

इसके बजाय कुछ बुनियादी आदतों पर ध्यान दें:

  • संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।
  • बहुत ज्यादा मीठे पेय और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड को सीमित करें।
  • नियमित शारीरिक गतिविधि करें और स्वस्थ वजन बनाए रखने की कोशिश करें।
  • दवाओं को निर्धारित मात्रा से ज्यादा न लें।
  • एक से ज्यादा दवाएं लेते समय उनके ingredients जरूर देखें।
  • बिना जरूरत हर्बल या बॉडीबिल्डिंग सप्लीमेंट्स न लें।
  • हेपेटाइटिस B के टीकाकरण और जरूरी जांच के बारे में डॉक्टर से बात करें।
  • अगर पहले से लिवर की बीमारी है तो कोई भी दवा या सप्लीमेंट शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लें।

सबसे जरूरी बात

लिवर को नुकसान पहुंचाने वाली चीज हमेशा बोतल में ही नहीं होती। कभी-कभी गलत मात्रा में ली गई दवा, रोज की खराब डाइट या बिना जांच के लिया गया सप्लीमेंट भी समस्या पैदा कर सकता है।

इसलिए डरने के बजाय अपनी रोजमर्रा की आदतों पर नजर डालना ज्यादा जरूरी है।

और अगर पीलिया, गहरे रंग का पेशाब, लगातार मतली-उल्टी, असामान्य थकान, पेट में दर्द या अन्य चिंताजनक लक्षण दिखाई दें, तो खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से जांच कराएं। 

0/Post a Comment/Comments