धन के अधिपति भगवान कुबेर जब अपनी तिजोरी खोलते हैं, तो रंक भी राजा बन जाता है। वहीं नक्षत्रों के राजा पुष्य नक्षत्र का बल जब मंगल और शुभ ग्रहों से जुड़ता है, तो भारी से भारी कर्ज और ऋण का चक्रव्यूह समाप्त होने लगता है। आकाशीय मंडल में बना यह दुर्लभ संयोग संकेत दे रहा है कि 4 प्रमुख राशियों (मेष, वृषभ, वृश्चिक और मकर) के सिर से पुराना कर्ज पूरी तरह उतरने वाला है। पैतृक संपत्तियों और पुराने निवेशों से बंपर नकदी हाथ लगेगी।
इन 4 राशियों को मिलेगा कुबेर देव का वरदान और ऋणमुक्ति का मार्ग
1. मेष राशि (ऋण भाव से मुक्ति, पुराना फंसा फंड वापस):
कर्जमुक्ति व धन: किसी पुरानी पार्टी के पास फंसा हुआ बड़ा भुगतान वापस मिलेगा। बैंक लोन या व्यक्तिगत उधारी को एकमुश्त चुकाने का मार्ग साफ होगा।
लकी नंबर: 9 | शुभ रंग: सिंदूरी/लाल
2. वृषभ राशि (द्वितीय धन भाव बलवान, पुश्तैनी जमीन से छप्परफाड़ रिटर्न):
कर्जमुक्ति व धन: पुश्तैनी जमीन या पुराने मकान का विवाद आपके पक्ष में सुलझेगा। मिलने वाले बड़े टोकन अमाउंट से सभी पुरानी देनदारियां शून्य होंगी।
लकी नंबर: 6 | शुभ रंग: दूधिया सफेद
3. वृश्चिक राशि (व्यापारिक टर्नओवर में उछाल, कमर्शियल डील फाइनल):
कर्जमुक्ति व धन: जो व्यावसायिक डील महीनों से लटकी थी, वह फाइनल होगी और मोटा मुनाफा हाथ में आएगा। व्यापारिक ऋण की किश्तें समय से पहले चुकता होंगी।
लकी नंबर: 9 | शुभ रंग: गहरा मैरून
4. मकर राशि (संस्थागत फंड रिलीज, अदालती मामलों में जीत):
कर्जमुक्ति व धन: सरकारी क्लेम, पीएफ या बीमा का रुका हुआ पैसा खाते में पहुंचेगा। दैनिक नकदी प्रवाह सुधरने से परिवार पर छाया आर्थिक बोझ खत्म होगा।
लकी नंबर: 8 | शुभ रंग: आसमानी/नीला
कुबेर देव की अनुकंपा को स्थाई बनाने के 2 अचूक उपाय
उत्तर दिशा में शुद्ध घी का दीपक व कुबेर मंत्र: घर की उत्तर दिशा में शुद्ध देसी घी का दीपक जलाकर 108 बार 'ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा' मंत्र का जाप करें।
धनिया के साबुत बीज और चांदी का सिक्का तिजोरी में: एक लाल कपड़े में मुट्ठी भर साबुत धनिया और एक चांदी का सिक्का बांधकर अपनी तिजोरी या गल्ले में रखें। यह उपाय धन का निरंतर ठहराव बनाए रखता है।
Comment Box में अपनी राशि लिखकर 'जय कुबेर भंडारी' जरूर लिखें, भगवान कुबेर आपके घर की तिजोरी को अखंड धन-धान्य और स्वर्ण से सदा परिपूर्ण रखें!
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी वैदिक पंचांग, गोचर गणनाओं और सामान्य ज्योतिषीय सिद्धांतों पर आधारित है। व्यक्तिगत परिणाम आपकी जन्मकुंडली की महादशा, अंतर्दशा और ग्रहों की वास्तविक स्थिति के अनुसार भिन्न हो सकते हैं।
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