कुत्ते के काटने के बाद अगर आपने ये 3 गलतियां कर दीं तो बढ़ सकता है खतरा! आज ही जान लें घाव की सफाई से लेकर वैक्सीन तक का सही तरीका

 


कुत्ते के काटने के बाद तुरंत क्या करें? रेबीज से बचाव के 3 जरूरी कदम

कुत्ते का काटना छोटी घटना लग सकती है, खासकर जब घाव छोटा हो या सिर्फ खरोंच आई हो। लेकिन अगर त्वचा टूट गई है या कुत्ते की लार घाव अथवा खुली त्वचा के संपर्क में आई है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। रेबीज एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर सही उपचार लेने से इसे रोका जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, संभावित रेबीज संपर्क के बाद घाव की तुरंत और अच्छी तरह सफाई तथा जरूरत के अनुसार पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस बेहद महत्वपूर्ण है।

सबसे जरूरी बात यह है कि कुत्ते के काटने के बाद घरेलू नुस्खों के भरोसे न रहें। घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से धोना चाहिए और इसके बाद चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

1. सबसे पहले घाव को कम से कम 15 मिनट धोएं

कुत्ते के काटने या खरोंचने के बाद पहला काम घाव को साफ करना होना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोने की सलाह देता है। अगर साबुन उपलब्ध नहीं है, तो पर्याप्त मात्रा में बहते पानी से घाव को अच्छी तरह साफ करें।

घाव को कुछ सेकंड पानी लगाकर छोड़ देना पर्याप्त नहीं है। इसका उद्देश्य घाव वाली जगह से लार और संभावित वायरस के संपर्क को जितना संभव हो कम करना है।

घाव धोने के बाद चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपयुक्त एंटीसेप्टिक का इस्तेमाल किया जा सकता है।

2. मिर्च, तेल या दूसरे घरेलू नुस्खे न लगाएं

कुत्ते के काटने के बाद कई लोग घाव पर मिर्च, हल्दी, तेल, मिट्टी या अन्य घरेलू चीजें लगा देते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। WHO भी घाव पर जलन पैदा करने वाले पदार्थ लगाने से बचने की सलाह देता है।

ऐसी चीजें घाव को और परेशान कर सकती हैं और चिकित्सकीय जांच में भी समस्या पैदा कर सकती हैं। सबसे पहले अच्छी तरह सफाई करें और फिर डॉक्टर से सलाह लें।

अगर घाव गहरा है, लगातार खून निकल रहा है, चेहरा या गर्दन प्रभावित हुई है या काटना गंभीर है, तो तुरंत चिकित्सा केंद्र पहुंचना और भी जरूरी है।

3. रेबीज वैक्सीन की जरूरत है या नहीं, डॉक्टर तय करेंगे

घाव धो लेने के बाद यह मान लेना सही नहीं है कि अब किसी उपचार की जरूरत नहीं है। डॉक्टर यह देखते हैं कि काटने या खरोंच की प्रकृति क्या थी, त्वचा कितनी टूटी, लार का संपर्क हुआ या नहीं और जानवर से संपर्क किस प्रकार हुआ।

WHO के अनुसार, कुछ प्रकार के संपर्क में रेबीज वैक्सीन की जरूरत पड़ सकती है। गंभीर एक्सपोजर, जैसे त्वचा को भेदने वाला काटना या खरोंच, अथवा टूटी त्वचा पर लार का संपर्क होने पर वैक्सीन के साथ रेबीज इम्युनोग्लोब्युलिन या उपयुक्त मोनोक्लोनल एंटीबॉडी की जरूरत भी हो सकती है। इसका निर्णय स्वास्थ्यकर्मी करते हैं।

इसलिए यह सोचकर इलाज टालना ठीक नहीं है कि घाव छोटा है या कुत्ता देखने में स्वस्थ था।

पालतू कुत्ता काट ले तो क्या करें?

अगर काटने वाला कुत्ता घर का पालतू है, तब भी डॉक्टर से सलाह लेना उचित है। कुत्ते के रेबीज टीकाकरण की स्थिति, काटने का समय और घटना की पूरी जानकारी डॉक्टर को बताएं।

WHO के अनुसार, परिस्थितियों के आधार पर काटने वाले कुत्ते को 10 दिनों तक पशु चिकित्सकीय निगरानी में रखने की व्यवस्था की जा सकती है। लेकिन इस दौरान व्यक्ति को चिकित्सा सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।

कुत्ते के काटने के बाद ये गलतियां न करें

घाव पर मिर्च, तेल, मिट्टी या दूसरे जलन पैदा करने वाले घरेलू पदार्थ न लगाएं।

घाव छोटा दिखाई दे रहा है, इसलिए इलाज की जरूरत नहीं है—ऐसा मानकर चिकित्सा सलाह न टालें।

सिर्फ घाव धोकर रुक न जाएं। डॉक्टर से संपर्क करके पता करें कि रेबीज वैक्सीन, इम्युनोग्लोब्युलिन या टिटनेस जैसी किसी अन्य चिकित्सा की आवश्यकता है या नहीं।

अगर डॉक्टर ने रेबीज वैक्सीन का पूरा कार्यक्रम बताया है, तो निर्धारित खुराक समय पर लेना जरूरी है।

रेबीज को लेकर लापरवाही क्यों खतरनाक है?

रेबीज एक गंभीर वायरल बीमारी है। WHO के अनुसार, जब बीमारी के स्पष्ट लक्षण केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में पहुंचने के बाद दिखाई देने लगते हैं, तब यह लगभग हमेशा घातक होती है। दूसरी ओर, समय पर उचित पोस्ट-एक्सपोजर उपचार से रेबीज को रोका जा सकता है।

इसीलिए कुत्ते के काटने के बाद सबसे जरूरी है कि घबराने के बजाय तुरंत सही कदम उठाया जाए।

निष्कर्ष

कुत्ते के काटने के बाद पहला काम घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना है। इसके बाद बिना देरी चिकित्सकीय सलाह लें। घाव पर मिर्च, तेल या दूसरे घरेलू पदार्थ लगाने से बचें और रेबीज वैक्सीन या अन्य उपचार की जरूरत है या नहीं, यह डॉक्टर से तय कराएं।

याद रखें, कुत्ते के काटने में सबसे खतरनाक गलती डरना नहीं, बल्कि इलाज में देरी करना है।

अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो तो इसे अपने परिवार और दोस्तों के साथ जरूर साझा करें, ताकि जरूरत पड़ने पर कोई व्यक्ति घबराकर गलत घरेलू उपाय करने के बजाय सही कदम उठा सके।

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