चाय के साथ कभी-कभी इन चीजों का सेवन करने से बचना क्यों बेहतर हो सकता है? जानिए पूरी वजह
भारत में चाय सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। सुबह नाश्ते के साथ चाय हो या शाम को परिवार के साथ चाय का कप, इसके साथ कुछ न कुछ खाने की आदत भी आम है। लेकिन क्या हर तरह का खाना चाय के साथ लेना सही होता है?
सोशल मीडिया पर पोषण विशेषज्ञ दिशा सेठी की एक सलाह चर्चा में है, जिसमें उन्होंने चाय के साथ कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचने की बात कही। इनमें मेवे, हरी पत्तेदार सब्जियां और हल्दी शामिल हैं।
हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझना भी आवश्यक है। इसका मतलब यह नहीं है कि ये खाद्य पदार्थ नुकसानदायक हैं या इन्हें खाना बंद कर देना चाहिए। मुख्य बात चाय और आयरन वाले भोजन के बीच अंतर रखने से जुड़ी है।
1. मेवे
मेवे पौष्टिक खाद्य पदार्थ हैं और इनमें प्रोटीन, स्वस्थ वसा, खनिज और कुछ मात्रा में आयरन भी पाया जाता है। लेकिन चाय में मौजूद पॉलीफेनॉल और टैनिन जैसे यौगिक भोजन से मिलने वाले गैर-हीम आयरन के अवशोषण को कम कर सकते हैं।
इसलिए अगर किसी व्यक्ति के आहार में आयरन की मात्रा कम है या उसे आयरन की कमी है, तो आयरन वाले भोजन के ठीक साथ चाय पीना उचित नहीं हो सकता।
इसका मतलब यह नहीं कि चाय के साथ कभी भी मेवे नहीं खा सकते। बेहतर विकल्प यह है कि आयरन से भरपूर भोजन और चाय के बीच कुछ अंतर रखा जाए।
2. हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी और दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियां पोषण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। इनमें फोलेट, विटामिन, खनिज और कुछ मात्रा में आयरन मिलता है।
लेकिन पौधों से मिलने वाला आयरन शरीर में पहले से ही पशु स्रोतों के हीम आयरन की तुलना में कम आसानी से अवशोषित होता है। चाय के पॉलीफेनॉल इस अवशोषण को और प्रभावित कर सकते हैं।
इसलिए अगर आप पालक या किसी अन्य आयरन युक्त भोजन का सेवन कर रहे हैं, तो उसके तुरंत बाद चाय पीने के बजाय कुछ अंतर रखना बेहतर हो सकता है।
खासकर जिन लोगों में आयरन की कमी या एनीमिया की समस्या है, उन्हें भोजन के साथ चाय-कॉफी लेने की आदत पर डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
3. हल्दी
हल्दी भारतीय भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें करक्यूमिन जैसे यौगिक पाए जाते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल सलाह में चाय और हल्दी के संयोजन को पाचन से जोड़कर इससे बचने की बात कही गई है।
लेकिन इसे एक सार्वभौमिक नियम मानना सही नहीं होगा। सामान्य मात्रा में भोजन में इस्तेमाल होने वाली हल्दी को चाय के साथ लेने से हर व्यक्ति में पाचन संबंधी समस्या होगी, ऐसा स्थापित नहीं है।
अगर किसी व्यक्ति को चाय या हल्दी लेने के बाद पेट में जलन, गैस या दूसरी परेशानी महसूस होती है, तो वह दोनों को अलग-अलग समय पर लेकर देख सकता है। लगातार पाचन संबंधी समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
चाय में मौजूद टैनिन का क्या मामला है?
चाय और कॉफी में मौजूद पॉलीफेनॉल भोजन से मिलने वाले गैर-हीम आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं। यही कारण है कि आयरन की कमी वाले लोगों को अक्सर भोजन के साथ चाय या कॉफी लेने के बजाय इनके सेवन में अंतर रखने की सलाह दी जाती है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि इसका प्रभाव हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता। पूरे आहार, आयरन की स्थिति और भोजन के प्रकार से भी फर्क पड़ता है।
चाय कब पीना बेहतर है?
अगर आप आयरन की कमी से जूझ रहे हैं या आपका हीमोग्लोबिन कम रहता है, तो आयरन से भरपूर भोजन के तुरंत साथ चाय या कॉफी लेने से बचना उपयोगी हो सकता है।
आयरन वाले भोजन के साथ विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे नींबू, आंवला, अमरूद या कुछ अन्य फल-सब्जियां लेने से गैर-हीम आयरन के अवशोषण में मदद मिल सकती है।
इसलिए भोजन की पूरी थाली और खाने के समय को ध्यान में रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है, बजाय इसके कि किसी एक खाद्य पदार्थ को पूरी तरह गलत मान लिया जाए।
क्या चाय के साथ ये चीजें बिल्कुल नहीं खानी चाहिए?
नहीं। इसे समझना बहुत जरूरी है।
मेवे, हरी पत्तेदार सब्जियां और हल्दी अपने आप में पौष्टिक खाद्य पदार्थ हैं। समस्या मुख्य रूप से चाय के पॉली
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