दिल्ली के रोहिणी इलाके में 34 वर्षीय अमित अपनी पत्नी रिया के साथ रहता था। पिछले करीब एक महीने से अमित ने एक अजीब चीज नोटिस की थी। रिया लगभग हर रात 2 बजे अचानक उठती, बालकनी में जाती और करीब 10-15 मिनट तक धीमी आवाज में किसी से बात करती।
अमित पूछता तो रिया हर बार कहती, “नींद नहीं आती, बस बाहर बैठती हूं।”
लेकिन अमित को यकीन था कि वह किसी से फोन पर बात कर रही है।
एक रात अमित ने फोन का रिकॉर्डिंग विकल्प चालू करके बालकनी की तरफ रख दिया।
करीब 2 बजे रिया फिर उठी।
वह बालकनी में गई और बोली—
“तुमने मुझे यहां तक क्यों पहुंचाया?”
कुछ सेकंड चुप रहने के बाद वह फिर बोली—
“मैं अब और नहीं डर सकती।”
अमित ने पूरी बातचीत सुनी, लेकिन दूसरी तरफ से कोई आवाज रिकॉर्ड नहीं हुई।
अमित डर गया।
अगली सुबह उसने रिया से सवाल किया। रिया ने बात टाल दी।
उसी दिन अमित ने बालकनी की तलाशी ली। वहां उसे रेलिंग के नीचे एक छोटा काला डिब्बा मिला।
डिब्बे के अंदर एक पुरानी चाबी और कागज का टुकड़ा था।
कागज पर सिर्फ एक पता लिखा था।
अमित उस पते पर पहुंचा तो वहां एक पुराना बंद मकान मिला।
मकान के पड़ोसी ने बताया कि यहां करीब छह साल पहले एक व्यक्ति रहता था, जिसकी अचानक मौत हो गई थी।
अमित ने रिया को फोन किया।
रिया ने फोन पर सिर्फ इतना कहा—
“वह मकान मत खोलना।”
अब अमित का शक और बढ़ गया।
वह वापस घर आया और रिया से पूरी सच्चाई पूछी।
रिया रो पड़ी।
उसने बताया कि छह साल पहले उसके एक करीबी परिचित की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। उस समय उसने पुलिस को कुछ जानकारी दी थी, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा।
कुछ सप्ताह पहले उसे उसी व्यक्ति के नाम से संदेश मिलने शुरू हुए थे।
अमित ने फोन देखा।
संदेशों में कोई धमकी नहीं थी।
हर रात सिर्फ एक ही लाइन आती थी—
“चाबी अभी भी तुम्हारे पास है।”
पुलिस को जानकारी दी गई।
जांच में पता चला कि संदेश किसी मृत व्यक्ति ने नहीं भेजे थे। कोई दूसरा व्यक्ति पुराने नंबर और रिकॉर्ड की गई आवाज का इस्तेमाल करके रिया को डराने की कोशिश कर रहा था।
बालकनी में रिया जिस “व्यक्ति” से बात कर रही थी, वह असल में सामने वाली इमारत में लगे एक छोटे स्पीकर से चल रही रिकॉर्ड की गई आवाज थी।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल अभी बाकी था—
वह व्यक्ति रिया को छह साल पुराने मकान की चाबी क्यों वापस दिलवाना चाहता था?
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि उस पुराने मकान में एक लॉकर था, जिसमें छह साल पहले हुए एक बड़े वित्तीय घोटाले से जुड़े दस्तावेज छिपाए गए थे।
यानी पूरी रात बालकनी में चल रही रहस्यमयी बातचीत किसी भूत की कहानी नहीं, बल्कि पुराने अपराध के सबूत तक पहुंचने की साजिश थी।
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