उज्बेकिस्तान घूमते-घूमते ब्लॉगर भाई की हालत ऐसी हो गई कि शरीर बोला- अब बस करो भाई, पहले कुछ पिला दो!
भाई साहब काफी देर से घूम रहे थे। पैर जवाब देने लगे थे, गला सूखकर ऐसा हो गया था जैसे रेगिस्तान में टहलकर आए हों। तभी सड़क किनारे एक मैडम ताजा जूस बेचती दिखाई दे गईं।
ब्लॉगर भाई की आंखों में चमक आ गई।
सोचा—चलो भाई, विदेश में हैं तो जूस भी विदेशी ही पीते हैं!
सीधे मैडम के पास पहुंचे।
एक गिलास जूस लिया और मजे से पूरा गटक गए।
गला ठंडा हुआ तो आत्मा बोली—अब जिंदगी वापस पटरी पर आ गई!
फिर भाई ने बड़े आराम से पूछा,
“मैडम, कितने पैसे हुए?”
मैडम ने बड़ी शांति से कहा—
“2000.”
बस!
यह सुनते ही ब्लॉगर भाई के चेहरे का जूस उतर गया।
उन्होंने सोचा—
“2000?!”
“एक गिलास जूस के?”
दिल में पहला ख्याल आया—
“भाई… विदेश घूमने आए थे या लुटने?”
भाई ने तुरंत जेब टटोली और फिर फोन निकाल लिया।
अब शुरू हुई असली जांच।
गूगल, कैलकुलेटर और करेंसी कन्वर्टर—तीनों ऐसे खोले जैसे सीबीआई की रेड पड़ गई हो।
उज्बेकिस्तानी सोम को भारतीय रुपये में बदला गया।
एक बार हिसाब लगाया।
फिर दोबारा लगाया।
फिर भाई ने शायद यह सोचकर तीसरी बार भी देखा कि कहीं कैलकुलेटर भी विदेश जाकर बेवफाई तो नहीं कर रहा!
और फिर…
चेहरे पर अचानक मुस्कान आ गई।
पता चला कि वहां के 2,000 सोम भारतीय रुपये में लगभग 15 रुपये के आसपास बैठ रहे थे, यानी जो रकम सुनकर भाई को लगा था कि जेब कट गई, वह तो भारत के हिसाब से एक सामान्य गिलास जूस की कीमत के आसपास ही निकली।
भाई ने राहत की सांस ली।
अभी कुछ सेकंड पहले जिस चेहरे पर मातम था, उसी चेहरे पर अब मुस्कान थी।
जेब से 2,000 सोम निकाले और मैडम को पकड़ा दिए।
मन ही मन बोले—
“मैडम, आपने तो आज मेरी जान ही निकाल दी थी!”
फिर भाई ने जूस वाले गिलास को देखा और शायद मन में हिसाब लगाया—
“भारत में 20-30 रुपये का जूस… यहां करीब 15 रुपये में! मतलब भाई, आज तो विदेशी जमीन पर भी देसी बजट चल रहा है!”
अब समस्या सिर्फ एक थी…
जूस खत्म हो चुका था।
और जब जेब में 2,000 सोम की कीमत सिर्फ कुछ रुपये निकली तो भाई का मन बोला—
“एक और पी ले भाई… आखिर इतनी सस्ती खुशी रोज-रोज थोड़ी मिलती है!”
इस पूरी घटना ने एक बात तो सिखा दी—
विदेश में किसी चीज की कीमत सुनकर तुरंत घबराने की जरूरत नहीं। पहले वहां की करेंसी को रुपये में बदलकर देख लो। वरना 2,000 सुनकर दिल का दौरा पड़ जाएगा और बाद में पता चलेगा कि मामला सिर्फ 15 रुपये का था!
अब बताइए…
अगर आपको विदेश में करीब 15 रुपये में एक गिलास ताजा जूस मिले, तो आप एक गिलास पर रुकेंगे या ब्लॉगर भाई की तरह ‘एक और लगा दो मैडम’ बोलेंगे?
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