18 सितंबर से नीच राशि में मंगल का गोचर: इन 3 राशियों को हो सकता है भारी वित्तीय नुकसान, भूलकर भी न करें ये 1 गलती!



वैदिक पंचांग और खगोलीय गणनाओं के अनुसार, ग्रहों के सेनापति, पराक्रम और उग्र अग्नि तत्व के स्वामी मंगल देव अपनी नीच राशि कर्क में प्रवेश कर चुके हैं। सनातन परंपरा में मंगल के अधिष्ठाता संकटमोचन हनुमान जी माने गए हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब मंगल अपनी नीच राशि में संचरण करते हैं, तो व्यक्ति के विवेक, धैर्य और वित्तीय अनुशासन पर सीधा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

अग्नि और जल तत्व के इस टकराव से जातक उतावलेपन, अत्यधिक भावुकता और क्रोध में आकर गलत आर्थिक व व्यावसायिक निर्णय ले बैठता है। इस प्रतिकूल गोचर का सबसे कड़ा प्रभाव मेष, वृश्चिक और मकर राशि पर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में इन राशि वालों की एक छोटी सी चूक संचित पूंजी को खतरे में डाल सकती है।

इन 3 राशियों के लिए बड़ा खतरा और बचाव के नियम

  • मेष राशि (चतुर्थ भाव में नीच मंगल, प्रॉपर्टी विवाद और बजट बिगड़ने का खतरा):

    • वित्तीय व करियर जोखिम: मेष राशि के स्वामी मंगल का चौथे भाव में नीच होना पारिवारिक बजट को असंतुलित कर सकता है। जमीन, मकान या वाहन से जुड़ा कोई बड़ा सौदा कागजी पेंच में उलझ सकता है। दफ्तर में अत्यधिक काम के दबाव के बीच वरिष्ठ अधिकारियों से कहासुनी आपकी साख बिगाड़ सकती है।

    • सावधानी की सलाह: किसी भी एग्रीमेंट पर बिना कानूनी जांच के हस्ताक्षर न करें और पारिवारिक मामलों में अपनी वाणी पर कड़ा नियंत्रण रखें।

    • लकी नंबर: 9 | शुभ रंग: सफेद/हल्का पीला

  • वृश्चिक राशि (नवम भाग्य भाव में नीच मंगल, सट्टेबाजी और व्यापारिक घाटा):

    • वित्तीय व करियर जोखिम: वृश्चिक राशि के स्वामी भी मंगल देव हैं। भाग्य भाव में मंगल का नीच होना संकेत देता है कि शॉर्टकट या 'त्वरित मुनाफे' के लालच में उठाया गया कदम भारी नुकसान कराएगा। शेयर बाजार, इंट्राडे या वायदा कारोबार (F&O) में बड़ा फंड अटकने की पूरी आशंका है। जिस पेमेंट के मिलने की उम्मीद थी, वह ऐन वक्त पर लटक सकती है।

    • सावधानी की सलाह: आने वाले दिनों में किसी भी अनजान व्यक्ति के वित्तीय मामले में गारंटर न बनें और नया कर्ज लेने से पूरी तरह बचें।

    • लकी नंबर: 9 | शुभ रंग: हल्का नारंगी

  • मकर राशि (सप्तम भाव में नीच मंगल, पार्टनरशिप में दरार और कानूनी अड़चनें):

    • वित्तीय व करियर जोखिम: मकर राशि के सप्तम (साझेदारी व व्यापार) भाव में नीच मंगल का बैठना व्यापारिक रिश्तों में भारी तनाव लाता है। आपके बिजनेस पार्टनर के साथ पैसों के लेन-देन को लेकर गहरा मतभेद पैदा हो सकता है। टैक्स, ऑडिट या सरकारी नियमों में की गई पुरानी लापरवाही अचानक आर्थिक दंड का कारण बन सकती है।

    • सावधानी की सलाह: आवेश में आकर नौकरी बदलने या पार्टनरशिप तोड़ने का फैसला न लें। हर वित्तीय हिसाब लिखित में रखें।

    • लकी नंबर: 8 | शुभ रंग: हल्का स्लेटी/ग्रे

नीच मंगल के अनिष्ट से बचने के 2 अचूक शास्त्रीय उपाय

  • हनुमान जी को चमेली के तेल का दीपक और हनुमान चालीसा: प्रतिदिन शाम के समय संकटमोचन हनुमान जी के समक्ष चमेली या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें और शांत मन से 3 बार 'श्री हनुमान चालीसा' का पाठ करें। हनुमान जी की भक्ति मंगल जनित समस्त अमंगल को शांत कर देती है।

  • शिवलिंग पर कच्चा दूध और शहद अर्पण: प्रतिदिन सुबह स्टील या चांदी के लोटे में शुद्ध जल, थोड़ा कच्चा गाय का दूध और शहद मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें। जलाभिषेक के दौरान शांत चित्त होकर 'महामृत्युंजय मंत्र' का 108 बार जाप करें।

Comment Box में अपनी राशि लिखकर 'जय बजरंगबली' और 'हर हर महादेव' जरूर लिखें, संकटमोचन हनुमान जी और देवाधिदेव महादेव आपके सभी संकटों, ग्रहों के अनिष्ट प्रभाव और आर्थिक नुकसान से आपकी रक्षा करें!

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी पंचांगीय गोचर, ग्रहीय गणनाओं और सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। व्यक्तिगत परिणाम आपकी जन्मकुंडली की महादशा, अंतर्दशा और ग्रहों की वास्तविक स्थिति के अनुसार भिन्न हो सकते हैं।

0/Post a Comment/Comments