रात के करीब 12 बजे दिल्ली के कनॉट प्लेस की सड़कों पर सन्नाटा पसर रहा था। पुलिस की एक टीम बैरिकेड लगाकर गाड़ियों की रूटीन चेकिंग कर रही थी,
तभी एक चमचमाती कार आकर रुकी, जिसमें एक विदेशी लड़की अकेली बैठी थी।
सुरक्षा के लिहाज से ड्यूटी पर तैनात जवानों ने गाड़ी को रोका और एक पुलिसकर्मी ने अपनी बेस्ट टूटी-फूटी इंग्लिश में पूछने की कोशिश की,
"Excuse me ma'am, where are you going so late at night? Is everything okay?"
लेकिन जैसे ही लड़की ने गाड़ी की खिड़की नीचे करके शुद्ध हिंदी में जवाब दिया, "जी साहब, बिल्कुल सब ठीक है, मैं तो बस रात में दिल्ली का माहौल देखने निकली थी,"
पुलिसकर्मी हैरान रह गए। एक जवान ने अपनी उत्सुकता न रोकते हुए पूछा कि आप तो बिल्कुल हमारी तरह फर्राटेदार हिंदी बोल रही हैं, आप कहाँ से हैं और इतनी अच्छी भाषा कैसे सीख ली?
लड़की ने मुस्कुराते हुए बताया कि वह रूस से है और भारत घूमने आई है। जब बात हिंदी की आई, तो उसने हँसते हुए खुलासा किया कि वह कोरा (Quora) पर बहुत एक्टिव रहती है।
और वहाँ आने वाली पोस्ट्स को रोज़ पढ़ते-पढ़ते ही उसने इतनी अच्छी हिंदी बोलना सीख लिया है। यह अनोखा जवाब सुनकर ड्यूटी पर तैनात जवानों के चेहरों पर भी मुस्कान आ गई।
इसके बाद पुलिस ने उससे नाम, पासपोर्ट और भारत में रुकने की समयसीमा जैसे औपचारिक सवाल पूछे, जिनका जवाब उसने बड़ी सादगी से हिंदी में ही दिया।
बातचीत के दौरान उसने दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी और भारत की सुरक्षा व्यवस्था की जमकर तारीफ भी की।
पूरी जांच-पड़ताल से संतुष्ट होने के बाद पुलिस ने उसे मुस्कुराते हुए आगे जाने दिया और एक रशियन लड़की के मुँह से भारतीय भाषा और पुलिस की तारीफ सुनकर जवान देर तक इस दिलचस्प मुलाकात को याद करते रहे।
क्या आपने कभी किसी विदेशी को इतनी फर्राटेदार हिंदी बोलते देखा है?
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