जयपुर के मालवीय नगर में 36 वर्षीय अंकित अपनी पत्नी साक्षी के साथ रहता था। शादी को सात साल हो चुके थे। पिछले कुछ महीनों से अंकित ने महसूस किया कि साक्षी हर गुरुवार रात करीब 9 बजे घर से निकलती और लगभग एक घंटे बाद वापस लौट आती।
पूछने पर वह हमेशा कहती, “एक परिचित से मिलने जाती हूं।”
लेकिन परिचित का नाम वह कभी नहीं बताती थी।
एक रात अंकित ने उसका पीछा करने का फैसला किया।
साक्षी ऑटो से शहर के पुराने इलाके में पहुंची और एक दो मंजिला मकान के सामने उतर गई। उसने दरवाजा खटखटाया और अंदर चली गई।
करीब 20 मिनट बाद अंकित भी उस मकान के बाहर पहुंच गया।
दरवाजा आधा खुला था।
अंदर एक बुजुर्ग महिला बैठी थी। दीवार पर कई पुरानी तस्वीरें लगी थीं।
अंकित की नजर अचानक एक तस्वीर पर जाकर रुक गई।
तस्वीर में एक युवक खड़ा था।
अंकित उसे पहचानता था।
वह उसके बड़े भाई राहुल की तस्वीर थी।
लेकिन राहुल की मौत दस साल पहले एक सड़क दुर्घटना में हो चुकी थी।
अंकित कुछ समझ पाता, उससे पहले साक्षी ने उसे देख लिया।
उसने घबराकर कहा, “तुम यहां क्यों आए?”
अंकित ने तस्वीर की तरफ इशारा किया।
बुजुर्ग महिला ने धीरे से बताया कि तस्वीर में दिखाई देने वाला युवक राहुल ही था, लेकिन दस साल पहले हुई घटना के बारे में परिवार को पूरी सच्चाई कभी नहीं बताई गई थी।
साक्षी पिछले कुछ महीनों से उसी घटना की जांच कर रही थी।
उसे कुछ पुराने दस्तावेज मिले थे जिनसे पता चलता था कि राहुल की मौत से पहले वह एक जमीन के विवाद में फंस गया था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि दुर्घटना की पुलिस रिपोर्ट में जिस वाहन का जिक्र था, उसका नंबर पुराने दस्तावेजों में दर्ज नंबर से मेल नहीं खा रहा था।
अंकित के पैरों तले जमीन खिसक गई।
उसने पूछा, “तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताया?”
साक्षी ने कहा कि उसे डर था कि परिवार में पुराना विवाद फिर शुरू हो जाएगा।
तभी बुजुर्ग महिला ने एक पुराना लिफाफा निकालकर मेज पर रखा।
उसमें राहुल की लिखावट में एक पत्र था।
पत्र की आखिरी लाइन थी—
“अगर मुझे कुछ हो जाए तो उस आदमी पर भरोसा मत करना जो परिवार के सबसे करीब है।”
अंकित ने पत्र पढ़ा तो उसकी नजर साक्षी पर गई।
साक्षी ने तुरंत कहा कि वह इस मामले में सिर्फ सच्चाई जानने की कोशिश कर रही थी।
पुलिस को जानकारी दी गई।
पुरानी दुर्घटना की फाइल दोबारा खोली गई और जांचकर्ताओं ने पाया कि दुर्घटना से कुछ घंटे पहले राहुल ने एक व्यक्ति को कई बार फोन किया था।
उस व्यक्ति का संबंध परिवार की जमीन के पुराने विवाद से था।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को पता चला कि दुर्घटना के बाद कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब हुए थे।
अंकित को लगा था कि उसकी पत्नी किसी पुराने प्रेमी से छिपकर मिल रही है।
लेकिन असल में साक्षी उसके मृत भाई की मौत से जुड़े दस साल पुराने रहस्य की कड़ियां जोड़ रही थी।
और अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल था—
राहुल की आखिरी रात उसके साथ कौन था?
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