जमुई का वो 10वीं का छात्र जिसकी हिम्मत देखकर लोग कर रहे सलाम, सहपाठी को बचाने के लिए भीड़ से अकेला भिड़ गया


बिहार के जमुई जिले से सामने आए एक वायरल वीडियो ने नाबालिग छात्र-छात्रा की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना 19 सितंबर 2026 की शाम की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, कोचिंग के बाद एक नाबालिग छात्र और उसकी सहपाठी छात्रा दोपहिया वाहन से उस इलाके में गए थे, जहां बाद में कुछ युवकों ने उन्हें घेर लिया।

वायरल वीडियो में युवकों का एक समूह दोनों को घेरता दिखाई देता है। रिपोर्टों के अनुसार, छात्रा के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उसके साथी छात्र के साथ मारपीट की गई। सामने आए वीडियो में छात्रा लोगों से छोड़ देने की गुहार लगाती दिखाई देती है, जबकि छात्र उसे बचाने और युवकों को पीछे हटाने की कोशिश करता नजर आता है।

छात्र ने पीछे हटने के बजाय किया विरोध

इस घटना से जुड़े वीडियो में सबसे ज्यादा चर्चा उस छात्र के व्यवहार की हो रही है। संख्या में अधिक लोगों के बीच घिरे होने के बावजूद वह अपनी सहपाठी को उनसे अलग करने और उसे सुरक्षित निकालने का प्रयास करता दिखाई देता है।

वह कई बार युवकों को पीछे धकेलने की कोशिश करता है। दूसरी ओर छात्रा भी लगातार विरोध करती नजर आती है। वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने छात्र के साहस की चर्चा की है। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर घटना के हर पहलू पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा; पुलिस जांच में पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जा रही है।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई

मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। जमुई के पुलिस अधीक्षक के अनुसार, पुलिस ने वीडियो के आधार पर पीड़ित छात्र-छात्रा की पहचान की और उनके बयान दर्ज किए।

मामले में पॉक्सो अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और बाकी संदिग्धों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस वीडियो में दिखाई देने वाले अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और समयबद्ध जांच की मांग की है।

छात्र-छात्रा की पहचान सार्वजनिक न करें

चूंकि दोनों पीड़ित नाबालिग हैं, इसलिए उनकी पहचान, तस्वीर या ऐसा कोई वीडियो साझा करना उचित नहीं है जिससे उनकी पहचान उजागर हो सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को दोबारा साझा करने के बजाय संबंधित मामले में पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई का इंतजार करना चाहिए।

जमुई की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल सामने रखा है कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी निगरानी और त्वरित पुलिस कार्रवाई कितनी जरूरी है। साथ ही, यह भी स्पष्ट है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेकर किसी के साथ मारपीट या अभद्र व्यवहार करने का अधिकार नहीं है।

मामले की जांच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस की जांच तथा अदालत में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।

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