जोधपुर के गाँव में खुला राज! पति को दी पत्नी ने जहर, फिर खेत में जलाया, CCTV में कैद हुई दरिंदगी

 


जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर जिले के सुदूर गाँव मथानिया से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत ने जहाँ परिवार को रुला दिया, वहीं पुलिस जांच में सामने आए खुलासों ने सबको चौंका दिया। यह कहानी है गंगाराम (48) की, जिसकी शादी 22 साल पहले भंवरी देवी (44) के साथ हुई थी।


 खेत में मिला जला हुआ शव, पत्नी ने बताया हादसा

15 अगस्त 2026 की रात, गंगाराम खेत पर निगरानी के लिए गया था। सुबह जब भंवरी देवी उसके लिए खाना लेकर खेत पर पहुँची, तो उसने देखा कि खेत के बीचो-बीच आग लगी हुई है और उसमें एक आदमी का शव जल रहा है।


भंवरी देवी ने चीख-पुकार मचाई और ग्रामीणों को बुलाया। जब आग बुझी, तो शव बुरी तरह जल चुका था। भंवरी ने शव की पहचान अपने पति गंगाराम के रूप में की।


भंवरी देवी ने पुलिस को बताया, "मुझे नहीं पता क्या हुआ। कल रात वह खेत पर सोया था। शायद उसने आग जलाई होगी और नींद में उसकी चपेट में आ गया होगा।"


परिवार ने अंतिम संस्कार की जल्दी शुरू कर दी, लेकिन गाँव के कुछ लोगों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी।


पड़ोसियों को क्यों हुआ शक?

गाँव के कुछ पड़ोसियों ने पुलिस को अलग कहानी सुनाई। उनका कहना था कि गंगाराम बहुत सावधान स्वभाव का था और वह कभी खेत में आग नहीं जलाता था।


पड़ोसी हरि सिंह ने बताया, "गंगाराम बहुत सावधान इंसान था। वह कभी खेत में आग नहीं जलाता था। उसकी पत्नी भंवरी पिछले कुछ महीनों से अजीब व्यवहार कर रही थी। उसका गाँव के एक दूसरे व्यक्ति के साथ अक्सर झगड़ा होता था और वह गंगाराम को उसके बारे में बताती थी।"


पड़ोसियों ने यह भी बताया कि रात को उन्होंने भंवरी को खेत की तरफ़ जाते देखा था, जबकि उसने कहा था कि वह सुबह गई थी।


 पुलिस ने शुरू की जांच, मिले चौंकाने वाले सबूत

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की गहन जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जब आई तो पुलिस के होश उड़ गए।


डॉक्टरों ने साफ कहा कि गंगाराम की मृत्यु आग से नहीं, बल्कि किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई है। रिपोर्ट में पाया गया कि उसके पेट में फॉस्फोरस (एक घातक जहर) की मात्रा थी, जो चूहा मारने की दवा में पाई जाती है। आग तो बाद में लगाई गई थी ताकि हत्या को हादसा का रूप दिया जा सके।


पुलिस को यह भी पता चला कि भंवरी ने घटना से एक दिन पहले बाज़ार से चूहा मारने की दवा खरीदी थी। पुलिस को यह भी पता चला कि भंवरी के मोबाइल पर उसके साले (बहनोई) के साथ कई कॉल्स थे, जो उसके साथ किसी साजिश का संकेत दे रहे थे।


 चौंकाने वाला खुलासा - पत्नी ने साले के साथ मिलकर रची साजिश

पुलिस ने जब भंवरी देवी से सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गई। उसने पुलिस को बताया कि उसने अपने पति को इसलिए मारा क्योंकि वह उसे प्रताड़ित करता था और दूसरी महिला के साथ रहता था।


भंवरी देवी ने बताया, "गंगाराम मुझे बहुत प्रताड़ित करता था। वह एक दूसरी महिला के साथ रहता था और मुझे घर से निकालने की धमकी देता था। मैंने अपने साले को इस बारे में बताया। उसने मुझसे कहा कि अगर गंगाराम नहीं रहेगा, तो मैं आज़ाद हो जाऊँगी। मैंने उसके खाने में चूहा मारने की दवा मिला दी। जब वह मर गया, तो मैंने खेत में उसका शव जला दिया ताकि कोई मुझ पर शक न करे।"


पुलिस ने भंवरी के साले को भी गिरफ्तार कर लिया, जिसने साजिश में शामिल होने की बात कबूल की।


गंगाराम के परिवार का बयान

गंगाराम के भाई किशन सिंह ने रोते हुए कहा, "हमें नहीं पता था कि भंवरी के दिल में इतना जहर भरा है। उसने अपने ही पति को जहर देकर मार डाला और फिर शव को जला दिया। हम चाहते हैं कि उसे कड़ी सजा मिले।"


कानूनी कार्रवाई

जोधपुर पुलिस ने भंवरी देवी और उसके साले को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या), धारा 108 (षड्यंत्र) और धारा 238 (शव को गायब करना) के तहत गिरफ्तार कर लिया है।

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