रात के करीब 9 बजे रिया के फोन पर एक संदेश आया।
"मुझे तुमसे आखिरी बार मिलना है। आज रात 11 बजे पुराने गेस्ट हाउस में आ जाना। इसके बाद मैं तुम्हारी जिंदगी से हमेशा के लिए चला जाऊंगा।"
संदेश उसके प्रेमी अमन का था।
रिया और अमन पिछले चार साल से एक-दूसरे को जानते थे। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों से अमन लगातार उससे दूरी बना रहा था।
फोन कम हो गए थे।
मुलाकातें बंद हो गई थीं।
और जब भी रिया शादी की बात करती, अमन किसी न किसी बहाने से विषय बदल देता।
आज पहली बार उसने खुद मिलने के लिए बुलाया था।
लेकिन उसके संदेश में लिखा एक शब्द रिया को परेशान कर रहा था—
"आखिरी बार।"
पुराना गेस्ट हाउस और बंद कमरा
रात 11 बजने से कुछ मिनट पहले रिया पुराने गेस्ट हाउस पहुंची।
वह जगह शहर के बाहरी इलाके में थी।
गेट आधा खुला हुआ था।
अंदर अंधेरा था।
रिया ने अमन को फोन किया।
फोन की घंटी अंदर किसी कमरे से सुनाई दी।
वह आवाज की दिशा में बढ़ी।
कमरा नंबर 7 के बाहर पहुंचकर उसने दरवाजा खटखटाया।
अंदर से अमन की आवाज आई—
"अंदर आ जाओ।"
रिया ने दरवाजा खोला।
कमरे में अमन अकेला बैठा था।
टेबल पर एक पुराना बैग, कुछ कागज और एक मोबाइल रखा था।
अमन का चेहरा देखकर रिया समझ गई कि बात सामान्य नहीं थी।
उसने पूछा—
"क्या हुआ है?"
अमन ने उसकी तरफ देखा और कहा—
"तुम्हें आज मुझसे नफरत हो सकती है... लेकिन जो मैं बताने जा रहा हूं, उसके बाद शायद तुम मुझे समझ पाओगी।"
अमन ने खोला पहला राज
अमन ने टेबल से एक तस्वीर उठाई।
तस्वीर में रिया के पिता दिखाई दे रहे थे।
रिया कुछ पल तक तस्वीर को देखती रही।
"मेरे पापा की तस्वीर तुम्हारे पास कैसे आई?"
अमन ने जवाब नहीं दिया।
उसने एक पुरानी फाइल रिया के सामने रख दी।
फाइल में उसकी नजर एक पुराने पुलिस मामले के कागज पर पड़ी।
उस मामले में उसके पिता का नाम दर्ज था।
रिया को अपने पिता के बारे में इतना ही पता था कि कई साल पहले एक सड़क दुर्घटना के बाद उनकी मृत्यु हो गई थी।
लेकिन फाइल कुछ और कहानी बता रही थी।
12 साल पुरानी दुर्घटना
अमन ने बताया कि रिया के पिता की मृत्यु केवल दुर्घटना नहीं थी।
उस रात उनकी कार को एक दूसरी गाड़ी ने टक्कर मारी थी।
मामला दर्ज हुआ था, लेकिन कुछ दिनों बाद अचानक बंद हो गया।
रिया के पिता उस समय एक निर्माण कंपनी में काम करते थे।
उन्होंने कंपनी के कुछ वित्तीय दस्तावेजों में गड़बड़ी पकड़ी थी।
वह उन दस्तावेजों को पुलिस तक पहुंचाने वाले थे।
लेकिन उससे पहले ही दुर्घटना हो गई।
रिया की आंखों में आंसू आ गए।
"तुम्हें यह सब कब से पता था?"
अमन ने कहा—
"करीब छह महीने से।"
फिर अमन ने बताया अपना सबसे बड़ा झूठ
रिया ने गुस्से में पूछा—
"तो तुमने मुझसे इतने महीनों तक झूठ क्यों बोला?"
अमन ने कहा—
"क्योंकि जिस आदमी का नाम इस मामले में सामने आया था... वह आज भी बहुत प्रभावशाली है।"
रिया ने पूछा—
"कौन?"
अमन ने एक नाम बताया।
रिया के हाथ से फाइल गिर गई।
वह नाम उसके लिए अनजान नहीं था।
वह व्यक्ति था—
उसके अपने चाचा का पुराना कारोबारी साथी।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई
अमन ने कहा—
"मैंने इस मामले की जांच खुद शुरू नहीं की थी।"
उसने मोबाइल में कुछ रिकॉर्डिंग दिखाईं।
रिकॉर्डिंग में एक बुजुर्ग व्यक्ति की आवाज थी।
वह व्यक्ति उस दुर्घटना का प्रत्यक्षदर्शी था।
उसने बताया था कि दुर्घटना के बाद कुछ लोगों ने पुलिस पर दबाव बनाया था।
लेकिन उसके पास कोई पुख्ता प्रमाण नहीं था।
अमन ने उसे ढूंढकर उसका बयान रिकॉर्ड किया था।
रिया ने पूछा—
"तुमने यह सब मेरे लिए किया?"
अमन ने सिर हिलाया।
"हां।"
अब सवाल था—आखिरी मुलाकात क्यों?
रिया ने पूछा—
"लेकिन तुमने मुझे यहां रात में क्यों बुलाया?"
अमन ने कुछ सेकंड चुप रहने के बाद कहा—
"क्योंकि मुझे डर था कि अगर मैंने यह सब तुम्हें फोन पर बताया तो तुम्हारे फोन को कोई देख सकता है।"
उसने बैग से एक पेन ड्राइव निकाली।
"इसमें सारे दस्तावेज, रिकॉर्डिंग और तस्वीरें हैं।"
फिर उसने कहा—
"अगर मेरे साथ कुछ भी होता है, तो इसे पुलिस तक पहुंचा देना।"
रिया घबरा गई।
"तुम ऐसी बातें क्यों कर रहे हो?"
अमन ने जवाब दिया—
"क्योंकि पिछले हफ्ते किसी ने मुझे धमकी दी थी।"
तभी कमरे की बिजली चली गई
पूरा कमरा अंधेरे में डूब गया।
रिया घबरा गई।
बाहर गलियारे में किसी के कदमों की आवाज सुनाई दी।
धीरे-धीरे...
फिर रुक गई।
अमन ने तुरंत मोबाइल की रोशनी बंद कर दी।
दोनों कुछ सेकंड तक बिल्कुल शांत बैठे रहे।
दरवाजे के बाहर किसी ने हैंडल घुमाने की कोशिश की।
रिया की सांसें तेज हो गईं।
लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था।
कुछ देर बाद कदमों की आवाज दूर चली गई।
अमन ने फुसफुसाकर कहा—
"हमें यहां से निकलना होगा।"
सुबह पुलिस के सामने था पूरा सच
दोनों गेस्ट हाउस से निकलकर सीधे पुलिस के पास पहुंचे।
पेन ड्राइव में मौजूद दस्तावेजों और रिकॉर्डिंग की जांच शुरू हुई।
कुछ दिनों बाद पुराने मामले की दोबारा जांच शुरू कर दी गई।
जांच में कई पुराने रिकॉर्ड सामने आए।
रिया के पिता की मौत के मामले में गंभीर सवाल उठे।
लेकिन सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब पुलिस को पता चला कि दुर्घटना के बाद जिस वाहन को घटनास्थल से हटाया गया था, उसका रिकॉर्ड भी बदल दिया गया था।
मामला फिर अदालत तक पहुंचा।
रिया को आखिरी सच कब पता चला?
कई महीनों बाद रिया को अपने पिता की पुरानी डायरी मिली।
आखिरी पन्ने पर लिखा था—
"अगर मुझे कुछ हो जाए, तो मेरी बेटी को सच जरूर बताना। लेकिन उसे बदले की आग में मत झोंकना।"
रिया लंबे समय तक उस पन्ने को देखती रही।
उसे समझ आया कि उसके पिता ने शायद अपनी मौत का खतरा महसूस कर लिया था।
और अमन ने वह अधूरी कहानी पूरी करने की कोशिश की थी।
चार साल बाद
मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
रिया ने अपने पिता के नाम से एक छोटी छात्रवृत्ति शुरू की।
और अमन?
उसने रिया से शादी करने से पहले उससे सिर्फ एक सवाल पूछा—
"अब भी मुझ पर भरोसा करती हो?"
रिया मुस्कुराई।
"तुमने चार साल तक मेरा हाथ पकड़ा था... लेकिन उस रात तुमने मेरे अतीत का हाथ पकड़कर मुझे सच तक पहुंचाया।"
दोनों ने शादी कर ली।
लेकिन रिया आज भी उस पुराने गेस्ट हाउस को याद करती है।
क्योंकि वहां वह अपने प्रेमी से मिलने गई थी...
और वापस लौटी तो उसे अपने पिता की जिंदगी का वह सच मिल चुका था, जिसे उसका परिवार वर्षों से नहीं जानता था।
कभी-कभी किसी रिश्ते का सबसे बड़ा इम्तिहान यह नहीं होता कि दो लोग एक-दूसरे से कितना प्यार करते हैं, बल्कि यह होता है कि सच सामने आने के बाद भी क्या वे एक-दूसरे का साथ देते हैं।
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