आगरा के गाँव में खौफनाक वारदात! भाभी ने देवर को गला घोंटकर मारा, फिर फाँसी का रूप दिया, जानिए पूरा मामला


आगरा जिले के फतेहपुर सिकरी गाँव में रात को ऐसी वारदात हुई, जिसने पूरे गाँव को हिलाकर रख दिया। गाँव के एक युवक सुरेश कुमार (26) की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई। सुरेश अपने बड़े भाई रामकिशन (32) और भाभी गीता देवी (28) के साथ रहता था।


रात करीब 10 बजे, गीता देवी ने पड़ोसियों को चीख-पुकार मचाकर बताया कि सुरेश ने अपने कमरे में आत्महत्या कर ली है। पड़ोसी जब मौके पर पहुँचे, तो सुरेश का शव कमरे के पंखे से लटका हुआ था।


गीता ने पुलिस को बताया, "मुझे नहीं पता क्या हुआ। सुरेश पिछले कुछ दिनों से बहुत परेशान था। शायद उसने मानसिक तनाव में यह कदम उठा लिया।"


परिवार ने अंतिम संस्कार की जल्दी शुरू कर दी, लेकिन गाँव के कुछ लोगों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी।


पड़ोसियों को क्यों हुआ शक?

गाँव के कुछ पड़ोसियों ने पुलिस को अलग कहानी सुनाई। उनका कहना था कि सुरेश कभी परेशान नहीं था और वह बहुत खुशमिज़ाज था।


पड़ोसी श्यामलाल ने बताया, "सुरेश बहुत खुशमिज़ाज था। उसे कोई मानसिक तनाव नहीं था। हमने पिछले कुछ महीनों से देखा था कि वह अपनी भाभी गीता को बुरी नज़र से देखता था। कई बार उसने गीता के साथ छेड़छाड़ भी की थी। गीता ने इस बारे में अपने पति रामकिशन को बताया था, लेकिन रामकिशन ने उसकी बात नहीं मानी।"


पड़ोसियों ने यह भी बताया कि कुछ दिनों पहले गीता ने गाँव में कहा था कि अगर सुरेश ने ऐसा करना बंद नहीं किया, तो वह उसे सबक सिखाएगी।


पुलिस ने शुरू की जांच, मिले चौंकाने वाले सबूत

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की गहन जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जब आई तो पुलिस के होश उड़ गए।


डॉक्टरों ने साफ कहा कि सुरेश की मृत्यु आत्महत्या से नहीं, बल्कि गला घोंटने से हुई है। फाँसी का निशान और गला घोंटने के निशान में अंतर होता है, और रिपोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसका गला जोर से दबाकर मारा गया था, बाद में फाँसी का रूप दिया गया।


रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि सुरेश के शरीर पर घर्षण और खरोंच के निशान थे, जो उसे मारने से पहले हुए संघर्ष का संकेत दे रहे थे।


पुलिस को यह भी पता चला कि घटना वाली रात, गीता ने अपने कमरे से सुरेश के कमरे में जाने का CCTV फुटेज डिलीट कर दिया था, लेकिन साइबर टीम ने उसे रिकवर कर लिया।


 चौंकाने वाला खुलासा - भाभी ने दिया देवर को मौत, क्यों?

पुलिस ने जब गीता से सख्ती से पूछताछ की और उसे CCTV फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट दिखाई, तो वह टूट गई। उसने पुलिस को बताया कि उसने अपने देवर को इसलिए मारा क्योंकि वह उसे बुरी नज़र से देखता था, उसके साथ छेड़छाड़ करता था और उसका पीछा करता था।


गीता ने आँसू बहाते हुए बताया, "मैं 3 साल से सुरेश का आतंक सह रही थी। वह मुझ पर बुरी नज़र रखता था, मेरे पीछे पड़ा रहता था। जब भी मेरा पति बाहर जाता था, वह मुझे परेशान करता था। उसने मुझे धमकी दी थी कि अगर मैंने किसी को बताया, तो वह मुझे बदनाम कर देगा। मैंने अपने पति को बताया, लेकिन उन्होंने मुझ पर भरोसा नहीं किया। आखिरकार, रात को जब सुरेश सो रहा था, तो मैंने उसका गला घोंट दिया और फिर फाँसी पर लटका दिया ताकि आत्महत्या का रूप दिया जा सके। मुझे पता है कि मैंने गलत किया, लेकिन मैं तंग आ गई थी।"


 पति रामकिशन का बयान

सुरेश के भाई और गीता के पति रामकिशन ने रोते हुए कहा, "मुझे नहीं पता था कि सुरेश ऐसा करता था। गीता ने मुझे बताया था, लेकिन मैंने उसकी बात नहीं मानी। मैं अपनी पत्नी और भाई, दोनों को खोकर बहुत दुखी हूँ। मुझे नहीं पता कि मैं किसका पक्ष लूँ।"


 कानूनी कार्रवाई

आगरा पुलिस ने गीता देवी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) के तहत गिरफ्तार कर लिया है। हालाँकि, पुलिस गीता के खिलाफ सुरेश द्वारा प्रताड़ित किए जाने के मामले की भी जाँच कर रही है और इस पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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