बदला लेने के लिए साली की बेटी ने फूफा को पिलाई खास चाय, फिर कहा- यह था सबक!


 उत्तर प्रदेश के एक छोटे से कस्बे में रहता था रमेश (50), जो एक सरकारी ऑफिस में क्लर्क था। उसकी पत्नी सरिता (45) एक गृहिणी थी। सरिता की छोटी बहन ममता (40) पास के गाँव में रहती थी और उसकी एक 18 साल की बेटी थी—प्रियंका। प्रियंका बहुत सुंदर और मासूम थी। वह अक्सर अपनी माँ के साथ त्योहारों और शादियों में अपनी बुआ (सरिता) और फूफा (रमेश) के घर आती थी।


रमेश ने प्रियंका पर पहली बार तब नज़र डाली जब वह 15 साल की थी। तब से उसकी नज़रें उस पर बुरी तरह टिकी हुई थीं। वह उसे घूरता, उसके कपड़ों पर टिप्पणी करता, किसी बहाने उसके करीब आता और कभी-कभी तो उसे छूने की कोशिश भी करता। प्रियंका डर जाती, लेकिन वह किसी को कुछ नहीं बताती थी क्योंकि उसे शर्म आती थी।


एक दिन जब सरिता और ममता बाजार गई हुई थीं, रमेश ने प्रियंका को कमरे में बुलाया। प्रियंका ने मना किया तो रमेश ने गुस्से से कहा, "अगर तुम नहीं आई, तो मैं तुम्हारी माँ को बता दूँगा कि तुमने मुझसे गलत बातें कीं।" डरी हुई प्रियंका कमरे में गई। वहाँ रमेश ने उसे गलत तरीके से छूने की कोशिश की और उसे डराने लगा। प्रियंका रोने लगी और उसने रमेश को धक्का देकर भागने की कोशिश की, लेकिन रमेश ने उसका हाथ पकड़ लिया। तभी बाहर सरिता और ममता की आवाज़ सुनाई दी। रमेश ने प्रियंका को छोड़ दिया और बाहर निकल गया।


प्रियंका ने अपनी माँ ममता को पूरी बात बताई। ममता को बहुत गुस्सा आया। उसने सरिता को भी बताया। दोनों बहनों ने मिलकर रमेश का सामना किया। रमेश ने सब कुछ नकार दिया और कहा कि प्रियंका झूठ बोल रही है क्योंकि उसकी माँ ने उसे ऐसा करने के लिए कहा है। उसने ममता पर ही आरोप लगा दिया कि वह झूठ बोल रही है। ममता बहुत रोई, लेकिन रमेश नहीं माना। सरिता ने अपनी बहन का पक्ष लिया और रमेश से अलग होने की बात कही, लेकिन रमेश ने धमकी दी कि अगर उसने ऐसा किया तो वह ममता को बदनाम कर देगा।


प्रियंका ने अपनी माँ को रोता देखा और उसने फैसला किया कि अब वह खुद अपना बदला लेगी। उसने एक प्लान बनाया। उसने अपनी माँ से कहा कि वह रमेश से माफी माँगना चाहती है और उसे अकेले में बात करनी है। ममता मान गई और रमेश को प्रियंका के पास जाने को कहा।


प्रियंका ने रमेश के सामने बैठकर कहा, "फूफा जी, मुझसे गलती हो गई थी। मैं आपसे माफी माँगती हूँ और आपकी बात मानने को तैयार हूँ।" रमेश बहुत खुश हुआ और उसने प्रियंका को गले लगाने की कोशिश की। प्रियंका ने उसे रोका और कहा, "पहले आप यह चाय पी लो, फिर हम बात करेंगे।" उसने रमेश को चाय दी, जिसमें उसने कुछ प्राकृतिक जड़ी-बूटियाँ मिलाई थीं—जो पाचन तंत्र को बहुत खराब कर देती हैं, लेकिन जानलेवा नहीं।


रमेश ने चाय पी। कुछ देर बाद उसे तेज़ पेट दर्द और उल्टी होने लगी। वह बाथरूम की तरफ भागा, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती गई। प्रियंका ने अपनी माँ और बुआ को बुलाया। सरिता और ममता ने आकर देखा कि रमेश की हालत बहुत खराब है। डॉक्टर को बुलाया गया, जिसने बताया कि यह फूड प्वाइजनिंग है। रमेश कुछ दिनों तक बीमार रहा। जब वह ठीक हुआ, तो प्रियंका ने उसके सामने स्पष्ट कहा, "अगर आपने फिर से किसी को परेशान किया, तो अगली बार चाय में कुछ और होगा। यह आखिरी चेतावनी है।" रमेश डर गया। उसके बाद उसने कभी किसी लड़की की तरफ बुरी नज़र से नहीं देखा।

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