बाँदा: उत्तर प्रदेश के बाँदा जिले के सुदूर गाँव मऊ से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक नई-नई ब्याही बहू की संदिग्ध मौत ने जहाँ परिवार को रुला दिया, वहीं पुलिस जांच में सामने आए खुलासों ने सबको चौंका दिया। यह कहानी है किरन बाई (22) की, जिसकी शादी पिछले साल मोनू राजपूत (26) के साथ हुई थी।
कमरे में मिला शव, परिवार ने बताया आत्महत्या
गाँव में खबर फैली कि मोनू के घर में बहू की मौत हो गई है। परिवार ने बताया कि किरन ने रात में अपने कमरे में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।
पति मोनू राजपूत ने पुलिस को बताया, "हमारे बीच थोड़ी-बहुत लड़ाई-झगड़ा होता था, जैसे हर नए जोड़े में होता है। मुझे नहीं पता वह इतना कदम क्यों उठा ली। शायद वह मानसिक रूप से परेशान थी।"
परिवार ने अंतिम संस्कार की जल्दी शुरू कर दी, लेकिन किरन के मायके वालों ने इस पर सवाल उठाया।
मायके वालों को क्यों हुआ शक?
किरन के पिता रामलाल ने पुलिस को बताया, "मेरी बेटी बहुत खुशमिज़ाज थी। उसने कभी आत्महत्या के बारे में नहीं सोचा होगा। उसकी शादी को सिर्फ एक साल हुआ है। वह बहुत खुश थी।"
रामलाल ने यह भी बताया कि एक दिन पहले रात करीब 10 बजे किरन ने उन्हें फोन किया था और रोते हुए कहा था कि उसकी सास और पति उसे दहेज़ के लिए प्रताड़ित कर रहे हैं। उसने कहा था, "पापा, मुझे बहुत डर लग रहा है। यहाँ सब मुझसे दूर होते जा रहे हैं।"
रामलाल ने पुलिस से इसकी शिकायत की और कहा कि यह हत्या है, आत्महत्या नहीं।
👮 पुलिस ने शुरू की जांच, मिले चौंकाने वाले सबूत
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की गहन जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जब आई तो पुलिस के होश उड़ गए।
डॉक्टरों ने साफ कहा कि किरन की मृत्यु फाँसी से नहीं, बल्कि गला घोंटने से हुई है। फाँसी का निशान और गला घोंटने के निशान में अंतर होता है, और रिपोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसका गला जोर से दबाकर मारा गया था, बाद में फाँसी का रूप दिया गया।
रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि किरन के शरीर पर चोट के कई निशान थे, जो लंबे समय से प्रताड़ित किए जाने का संकेत दे रहे थे।
पुलिस को यह भी पता चला कि मोनू ने घटना वाले दिन कई बार अपनी माँ और बहन से फोन पर लंबी बातचीत की थी, जो उसे उसके इरादों के बारे में बता रहे थे।
चौंकाने वाला खुलासा - पति, सास और ननद ने मिलकर रची साजिश
पुलिस ने जब मोनू, उसकी माँ सुशीला देवी और बहन प्रियंका से सख्ती से पूछताछ की, तो सुशीला देवी टूट गईं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने पति और बहन के साथ मिलकर किरन की हत्या की योजना बनाई थी।
सुशीला देवी ने बताया, "किरन के मायके वाले दहेज़ में ज़्यादा नहीं दे पाए थे। हम चाहते थे कि मोनू दोबारा शादी करे, किसी अमीर घर से, ताकि हमें अच्छा दहेज़ मिले। इसलिए हमने किरन को रास्ते से हटाने का फैसला किया।"
मोनू ने बताया कि रात को उसने किरन को नींद की गोली पिलाई और जब वह बेहोश हुई, तो तीनों ने मिलकर उसका गला घोंटा। फिर उसे फाँसी पर लटका दिया ताकि आत्महत्या का रूप दिया जा सके।
किरन के पिता का बयान
किरन के पिता रामलाल ने रोते हुए कहा, "मेरी बेटी बेकसूर थी। उसने आखिरी फोन में मुझसे मदद माँगी थी, लेकिन मैं कुछ नहीं कर पाया। इन दरिंदों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। मेरी बेटी की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी जब तक इन्हें फाँसी नहीं होगी।"
कानूनी कार्रवाई
बाँदा पुलिस ने मोनू राजपूत, सुशीला देवी और प्रियंका को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या), धारा 108 (षड्यंत्र), और दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक (SP) संजय कुमार सिंह ने कहा, "यह एक सुनियोजित हत्या थी, जिसमें पति, सास और ननद ने मिलकर दहेज़ के लिए बहू की हत्या की। हम अदालत में पुख्ता सबूत पेश करेंगे और आरोपियों को कड़ी सजा दिलवाएँगे।"
Post a Comment