शिक्षा के नाम पर नेपाल देश के स्कूलों में जो बेशर्मी परोसी जा रही है, उसने सारी हदें पार कर दी हैं।
जिन स्कूलों में बच्चों को चरित्र, मर्यादा, अनुशासन और संस्कारों का ज्ञान मिलना चाहिए था,
वहां आज खुलेआम अश्लीलता के प्रैक्टिकल करवाए जा रहे हैं। खीरे पर छतरी चढ़ाना सिखाया जा रहा है!
क्या इसी दिन के लिए माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं?
यह कोई शिक्षा नहीं, बल्कि हमारी भावी पीढ़ी के दिमाग में ज़हर घोलने की सोची-समझी साज़िश है।
जिस कच्ची उम्र में बच्चों को नैतिकता, पारिवारिक मूल्य और अपने हुससबैंड के प्रति वफादारी का पाठ पढ़ाया जाना चाहिए,
उस उम्र में उन्हें शादी से पहले के अनैतिक संबंधों की ट्रेनिंग दी जा रही है।
क्या हमारी संस्कृति इतनी लाचार हो गई है कि हम चुपचाप अपने बच्चों का भविष्य बर्बाद होते देखते रहें?
जो स्कूल संस्कारों की जगह ऐसी घटिया चीज़ें सिखा रहे हैं,
उन पर तुरंत ताला लगना चाहिए और इसके ज़िम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए!
अगर आज भी हम चुप रहे, तो हमारी सामाजिक और पारिवारिक नींव पूरी तरह से खोखली हो जाएगी।
इस घटिया हरकत के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाइए और कमेंट में अपना विरोध दर्ज कीजिए!
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