इससे पहले हमेशा मम्मी या दीदी ही यह काम करती थीं। दुकान कॉलेज के पास थी और केवल गर्ल्स अंडरगारमेंट्स की थी...



पहली बार ब्रा-पैंटी खरीदने गई थी। इससे पहले हमेशा मम्मी या दीदी ही यह काम करती थीं। दुकान कॉलेज के पास थी और केवल गर्ल्स अंडरगारमेंट्स की थी। दुकान में घुसते ही मैंने देखा कि वहां एक लड़का था, और मेरी घबराहट बढ़ गई।

उसने पूछा, "क्या चाहिए?" मैंने धीरे से कहा, "ब्रा-पैंटी।"

फिर उसने साइज पूछा। मेरे मुंह से आवाज ही नहीं निकल रही थी। जैसे-तैसे मैंने शर्माते हुए कहा, "32।"

इसके बाद उसने कप साइज पूछा। मैं बोली, "पता नहीं।"

फिर उसने पूछा, "ब्रा और पैंटी का साइज सेम है, या पैंटी थोड़ी बड़ी दे दूं?" मैंने झिझकते हुए कहा, "सेम।"

उसने कलर पूछा, तो मैंने जवाब दिया, "कोई भी।" (हालांकि दुकान में घुसने से पहले कई रंग सोचकर आई थी, लेकिन उसे देखकर सब भूल गई।)

उसने एक से एक फैंसी, डिजाइनर और नेट वाली ब्रा-पैंटी दिखानी शुरू की। हर बार वह कहता, "मैडम, ये ले लीजिए। ये आप पर बहुत अच्छी लगेगी। ये आजकल बहुत बिक रही है, आपकी कॉलेज की बहुत लड़कियां ले गई हैं।"

मैं शर्म के मारे बोल ही नहीं पा रही थी। ना आवाज निकल रही थी, ना सांसें सही चल रही थीं। जैसे-तैसे मैंने इशारे से दो सेट चुने और तुरंत दुकान से निकल गई, जैसे वहां बम गिरने वाला हो।

उस दिन बस यही सोचती रही कि अन्य लड़कियां या दीदी ये सब कैसे खरीदती होंगी? क्या उन्हें भी ऐसा ही महसूस होता होगा?

Plzzz अगर Agree हो तो 1 share मेरे लिए क्योंकि जो new लड़कियां है उन्हें बताना जरूरी है ये सब ।।

राम राम

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